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11 साल बाद ब्रिटेन में दबोचे गए संघ कार्यकर्ता के संदिग्ध हत्यारे
Sat, 26 Dec 2020 04:28 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 26 Dec 2020 04:28 AM IST
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के एक वरिष्ठ कार्यकर्ता रूल्दा सिंह के तीन संदिग्ध हत्यारे 11 साल बाद ब्रिटेन में दबोचे गए हैं। ब्रिटिश पुलिस के मुताबिक, तीनों संदिग्ध आरोपी ब्रिटिश मूल के सिख हैं।
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तीनों को पांच दिन पहले सोमवार की सुबह वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस ने वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट की तरफ से जारी प्रत्यर्पण वारंट के आधार पर पर गिरफ्तार किया, लेकिन बाद में तीनों को वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ जमानत पर रिहा कर दिया।
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आरएसएस के वरिष्ठ कार्यकर्ता रूल्दा सिंह को साल 2009 में पटियाला में गोली मार दी गई थी। हमले के कुछ दिन बाद उनकी मौत हो गई थी। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों पर इस हत्या की साजिश रचने का आरोप है।
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वेस्ट मिडलैंड्स पुलिस के मुताबिक, 37 और 40 वर्ष के दो लोगों को कोवेंट्री में गिरफ्तार किया गया, जबकि एक 38 वर्षीय युवक को वुल्वरहैम्पटन से दबोचा गया। तीनों से 2009 में भारत में की गई हत्या के सिलसिले पूछताछ की गई। तीनों के इस हत्या की साजिश में शामिल होने का शक है। तीनों को अब भारत प्रत्यर्पित किए जाने की कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा।
हालांकि ब्रिटेन में मौजूद कुछ अलगाववादी सिख संगठनों ने दावा किया है कि प्रत्यर्पण की प्रक्रिया पूरी करने के लिए गृह मंत्री प्रीति पटेल ने एक आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
अलगाववादी संगठनों ने लगाए भारत के दबाव में आने के आरोप
सिख फेडरेशन यूके के चेयरमैन भाई अमरीक सिंह ने दावा किया है कि यदि तीनों को भारत प्रत्यर्पित किया गया तो उनका निश्चित तौर पर टार्चर किया जाएगा और उन्हें पारदर्शी सुनवाई का मौका नहीं मिलेगा।
सिख प्रेस एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई के तार इस साल की शुरुआत में ब्रिटिश विदेश मंत्री डोमिनिक रॉब के भारतीय दौरे से जुड़े हुए हैं। ब्रिटिश सरकार ने यह कदम भारत के दबाव में आकर उठाया है।