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US Supreme Court: अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने माना, बाइडन ने सही तरीके से खत्म की ट्रंप दौर की शरणार्थी नीति
Thu, 30 Jun 2022 10:19 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 30 Jun 2022 10:19 PM IST
सार
राष्ट्रपति जो बाइडन ने जनवरी 2021 में कार्यालय में अपने पहले दिन इस कार्यक्रम को निलंबित कर दिया था।
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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को फैसला सुनाया कि बाइडन प्रशासन ने कुछ अमेरिकी शरण चाहने वालों को मेक्सिको में प्रतीक्षा करने के लिए मजबूर करने वाली ट्रम्प युग की नीति को सही तरीके से समाप्त कर दिया। न्यायाधीशों का 5-4 से निर्णय राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन में "मैक्सिको में रहें" नीति के मामले में आया था। मुख्य न्यायाधीश जॉन रॉबर्ट्स ने निर्णय लिखा और साथी रूढ़िवादी न्यायमूर्ति ब्रेट कवानु के साथ-साथ अदालत के तीन उदार न्यायाधीश- स्टीफन ब्रेयर, सोनिया सोतोमयोर और एलेना कगन से जुड़ गए।
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राष्ट्रपति जो बाइडन ने जनवरी 2021 में कार्यालय में अपने पहले दिन इस कार्यक्रम को निलंबित कर दिया था। लेकिन निचली अदालतों ने रिपब्लिकन के नेतृत्व वाले टेक्सास और मिसौरी के एक मुकदमे के जवाब में इसे बहाल करने का आदेश दिया था। वर्तमान प्रशासन ने ट्रम्प प्रशासन की तुलना में बहुत कम लोगों को मेक्सिको वापस भेजा है।
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राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 2019 में इसे लॉन्च करने और शरण चाहने वालों को रोकने के प्रयासों का केंद्र बनाने के बाद लगभग 70,000 लोगों को कार्यक्रम में नामांकित किया गया था, जिसे औपचारिक रूप से प्रवासी संरक्षण प्रोटोकॉल के रूप में जाना जाता है। बाइडन के कार्यक्रम के निलंबन के बाद होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी एलेजांद्रो मेयरकास ने जून 2021 में इसे समाप्त कर दिया। अक्टूबर में विभाग ने नीति के निधन के लिए अतिरिक्त कारण प्रस्तुत किए, जिसका अदालतों में कोई फायदा नहीं हुआ।
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जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को दिया झटका
जलवायु परिवर्तन के खिलाफ लड़ाई को एक झटका देते हुए अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार कहा कि बिजली संयंत्रों से कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को कम करने के लिए देश के मुख्य वायु प्रदूषण कानून का उपयोग कैसे किया जा सकता है। रूढ़िवादियों के बहुमत के साथ 6-3 मतों से अदालत ने कहा कि स्वच्छ वायु अधिनियम पर्यावरण संरक्षण एजेंसी को बिजली संयंत्रों से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को नियंत्रित करने का व्यापक अधिकार नहीं देता है जो ग्लोबल वार्मिंग में योगदान करते हैं।
अदालत का फैसला जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए प्रशासन की योजनाओं को जटिल बना सकता है। बिजली संयंत्र उत्सर्जन को विनियमित करने का इसका प्रस्ताव वर्ष के अंत तक आ सकता है। राष्ट्रपति बाइडन का लक्ष्य दशक के अंत तक देश के ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को आधा करना और 2035 तक उत्सर्जन मुक्त बिजली क्षेत्र बनाना है। बिजली संयंत्रों का कार्बन डाइऑक्साइड उत्पादन का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा है।