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Sudan: अकाल प्रभावित शिविरों पर हमले में बढ़ी मरने वालों की संख्या, UN का दावा- दो दिन में 300 लोगों की मौत

Tue, 15 Apr 2025 08:08 AM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, संयुक्त राष्ट्र Published by: बशु जैन Updated Tue, 15 Apr 2025 08:08 AM IST
सार

सूडानी सेना पिछले दो वर्षों से आरएसएफ के खिलाफ संघर्ष कर रही है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस गृहयुद्ध में अब तक 24,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। सूडान के दारफुर इलाके में दो दिन तक हुए हमलों में 300 लोगों की मौत हो चुकी है।

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Sudan: Death toll increases in attacks on famine affected camps, UN claims - 300 people died in two days
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

सूडान के दारफुर इलाके में भुखमरी का सामना कर रहे लोगों के शिविरों पर अर्धसैनिक बल आरएसएफ के हमलों में मरने वालों की संख्या बढ़ रही है। संयुक्त राष्ट्र का दावा है कि दो दिन तक हुए हमलों में 300 लोगों की मौत हो चुकी है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि अफ्रीकी देश में गृहयुद्ध को दो साल पूरे होने वाले हैं। 
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संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय (ओसीएचए) को जमजम और अबू शोरूक विस्थापन शिविरों के साथ-साथ उत्तरी दारफुर की राजधानी एल फशर में हाल ही में हुई लड़ाई के बाद बड़े पैमाने पर हताहतों और बड़े पैमाने पर विस्थापन की रिपोर्ट मिली है। प्रारंभिक आंकड़ों से पता चला है कि 300 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। इनमें एनजीओ रिलीफ इंटरनेशनल के 10 मानवीय कर्मचारी भी शामिल हैं। जिन्होंने जमजम शिविर में अंतिम कार्यशील स्वास्थ्य केंद्रों में से एक का संचालन करते हुए अपनी जान गंवा दी।
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सूडान में लड़ाई में उस वक्त तेज हुई जब मंगलवार को लंदन में युद्ध की वर्षगांठ पर सम्मेलन होने वाला है। यह ब्रिटेन, यूरोपीय संघ, जर्मनी और फ्रांस द्वारा आयोजित किया जा रहा है। इसमें वैश्विक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ 20 से ज़्यादा विदेश मंत्रियों के भाग लेने की उम्मीद है। दुजारिक ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चाहता है कि सम्मेलन में सूडान के पड़ोसी और अंतरराष्ट्रीय समुदाय संघर्ष को बढ़ावा देने के बजाय शांति की दिशा में एकता के साथ आगे बढ़ें। 


अल-फाशर उत्तरी दारफुर प्रांत की राजधानी है और वर्तमान में सूडान की सेना के नियंत्रण में है। सूडानी सेना पिछले दो वर्षों से आरएसएफ के खिलाफ संघर्ष कर रही है। संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक, इस गृहयुद्ध में अब तक 24,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि, कार्यकर्ताओं का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है।  युद्ध ने दुनिया का सबसे बड़ा मानवीय संकट और सबसे खराब विस्थापन संकट पैदा किया है। सूडान दुनिया का एकमात्र ऐसा देश बन गया है जो अकाल का सामना कर रहा है।

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संयुक्त राष्ट्र प्रवासन एजेंसी ने को कहा कि जमजम शिविर में आरएसएफ के हमलों ने पिछले दो दिनों में 60,000 से 80,000 परिवारों को विस्थापित किया है। संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी कार्यालय के क्षेत्रीय निदेशक ममादौ डियान बाल्डे ने कहा कि मानव अधिकारों के बड़े पैमाने पर उल्लंघन ने लगभग 13 मिलियन सूडानी को अपने घरों से भागने के लिए मजबूर किया है। इनमें 4 मिलियन अन्य देशों में भाग गए हैं। अधिकांश सूडान के निकटतम पड़ोसियों में भाग गए, लेकिन 200,000 से अधिक लीबिया और लगभग 70,000 युगांडा चले गए हैं।
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