{"_id":"629df10b7978ad2cdc717cb2","slug":"sri-lankan-court-lifts-ban-on-flight-of-aeroflot-plane-as-russia-expresses-anger-over-incident-news-in-hindi","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aeroflot Airline: श्रीलंका की अदालत ने एयरोफ्लोट विमान के उड़ान भरने पर लगी रोक हटाई, रूस ने जब्ती पर जताई थी नाराजगी","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Aeroflot Airline: श्रीलंका की अदालत ने एयरोफ्लोट विमान के उड़ान भरने पर लगी रोक हटाई, रूस ने जब्ती पर जताई थी नाराजगी
Mon, 06 Jun 2022 05:50 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Mon, 06 Jun 2022 05:50 PM IST
सार
अधिकारियों ने बताया कि कोलंबो से उड़ान भरने के लिए अब विमान स्वतंत्र है। अदालत ने दो जून को मामले में सुनवाई की तारीख 16 जून तय करते हुए आदेश जारी किया था।
विज्ञापन
एयरोफ्लोट का विमान।
- फोटो : Social Media
विस्तार
श्रीलंका की एक अदालत ने सोमवार को कब्जे में लिए गए एयरोफ्लोट विमान के कोलंबो छोड़ने पर रोक से जुड़े आदेश को रद्द कर दिया। इसके बाद रूसी कंपनी के विमान के मॉस्को जाने का रास्ता साफ हो गया। श्रीलंका की स्थानीय मीडिया के मुताबिक, ‘कोलंबो कमर्शियल हाईकोर्ट’ ने श्रीलंकाई अटॉर्नी जनरल द्वारा दाखिल एक प्रस्ताव पर विचार किया और पिछले आदेश को निलंबित कर दिया, जिसके कारण एयरोफ्लोट विमान को देश छोड़ने से रोका गया था।
‘कोलंबो कमर्शियल हाईकोर्ट’ के न्यायाधीश हर्ष सेतुंगा की उपस्थिति में प्रस्ताव पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कोलंबो से उड़ान भरने के लिए अब विमान स्वतंत्र है। अदालत ने दो जून को मामले में सुनवाई की तारीख 16 जून तय करते हुए आदेश जारी किया था।
एयरबर ए330-343 विमान को कोलंबो के भंडारनाइके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 191 यात्रियों और चालक दल के 13 सदस्यों को लेकर दो जून को उड़ान भरनी थी, लेकिन उसे ऐसा नहीं करने दिया गया, क्योंकि विमान पर मालिकाना हक रखने वाली आयरलैंड की सेलेस्टियल एविएशन ने एयरोफ्लोट के खिलाफ लंदन में विमान के पट्टे पर लंबित मध्यस्थता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
सरकार ने यहां हालांकि कहा कि एयरोफ्लोट और सेलेस्टियन एविएशन के बीच विवाद विशुद्ध रूप से वाणिज्यिक प्रकृति का था, जिसे उक्त दोनों पक्षों के बीच निपटाया जाना चाहिए और इसमें देश की कोई भागीदारी नहीं होनी चाहिए। नाराज रूसी सरकार ने हालांकि स्पष्टीकरण के लिए मॉस्को में श्रीलंकाई राजदूत को तलब किया।
विमान पर मालिकाना हक रखने वाले कंपनी ने अदालत में दलील दी कि मार्च में विमान का पट्टा खत्म होने के बाद एयरोफ्लोट को विमान का परिचालन नहीं करने के लिए कहा गया था। बावजदू इसके एयरोफ्लोट ने मॉस्को और कोलंबो के बीच विमानों का परिचालन जारी रखा। रूस ने श्रीलंका के लिए एयरोफ्लोट उड़ानें रद्द कर दी हैं और रूसी पर्यटकों को स्वदेश लौटने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
‘कोलंबो कमर्शियल हाईकोर्ट’ के न्यायाधीश हर्ष सेतुंगा की उपस्थिति में प्रस्ताव पर विचार किया गया। अधिकारियों ने बताया कि कोलंबो से उड़ान भरने के लिए अब विमान स्वतंत्र है। अदालत ने दो जून को मामले में सुनवाई की तारीख 16 जून तय करते हुए आदेश जारी किया था।
विज्ञापन
एयरबर ए330-343 विमान को कोलंबो के भंडारनाइके अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से 191 यात्रियों और चालक दल के 13 सदस्यों को लेकर दो जून को उड़ान भरनी थी, लेकिन उसे ऐसा नहीं करने दिया गया, क्योंकि विमान पर मालिकाना हक रखने वाली आयरलैंड की सेलेस्टियल एविएशन ने एयरोफ्लोट के खिलाफ लंदन में विमान के पट्टे पर लंबित मध्यस्थता को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
सरकार ने यहां हालांकि कहा कि एयरोफ्लोट और सेलेस्टियन एविएशन के बीच विवाद विशुद्ध रूप से वाणिज्यिक प्रकृति का था, जिसे उक्त दोनों पक्षों के बीच निपटाया जाना चाहिए और इसमें देश की कोई भागीदारी नहीं होनी चाहिए। नाराज रूसी सरकार ने हालांकि स्पष्टीकरण के लिए मॉस्को में श्रीलंकाई राजदूत को तलब किया।
विमान पर मालिकाना हक रखने वाले कंपनी ने अदालत में दलील दी कि मार्च में विमान का पट्टा खत्म होने के बाद एयरोफ्लोट को विमान का परिचालन नहीं करने के लिए कहा गया था। बावजदू इसके एयरोफ्लोट ने मॉस्को और कोलंबो के बीच विमानों का परिचालन जारी रखा। रूस ने श्रीलंका के लिए एयरोफ्लोट उड़ानें रद्द कर दी हैं और रूसी पर्यटकों को स्वदेश लौटने का आदेश दिया है।