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श्रीलंका संकट: पीएम राजपक्षे का अंतरिम सरकार बनाने की मांग से इनकार, कहा- इसका कोई फायदा नहीं
Sat, 23 Apr 2022 05:57 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 23 Apr 2022 05:57 PM IST
सार
रेडियो स्टेशन 'नेथ एफएम' से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अंतरिम सरकारों का क्या फायदा जब अलग-अलग नीतियों वाले लोग आमने-सामने नहीं बैठ सकते हैं।
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Mahinda Rajapaksa
- फोटो : social media
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विस्तार
श्रीलंका के प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे ने शनिवार को देश में अभूतपूर्व आर्थिक संकट से निपटने के लिए एक अंतरिम सरकार बनाने की अपील को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे राजनीतिक गठन का कोई फायदा नहीं है जब अलग-अलग नीतियों वाले लोग एक-दूसरे से आंख मिलाकर नहीं देख सकते हैं। आर्थिक संकट के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए 9 अप्रैल से हजारों प्रदर्शनकारी सड़कों पर हैं।
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राजपक्षे बोले, अलग-अलग नीतियों वाले लोग आमने-सामने नहीं बैठ सकते
रेडियो स्टेशन 'नेथ एफएम' से बात करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, अंतरिम सरकारों का क्या फायदा जब अलग-अलग नीतियों वाले लोग आमने-सामने नहीं बैठ सकते हैं। समझौता होना चाहिए जो संभव नहीं है। अगर किसी अंतरिम सरकार की जरूरत है, तो यह मेरे नेतृत्व में ही होनी चाहिए। श्रीलंका में सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे और प्रधानमंत्री महिंदा के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं क्योंकि विदेशी मुद्रा संकट के लिए सरकारी नीतियों को दोषी ठहराया जा रहा है।
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आर्थिक संकट पर टिप्पणी करते हुए 77 वर्षीय राजपक्षे ने कहा कि लोगों को इसका (आर्थिक संकट) सामना करने के लिए धैर्य दिखाने की जरूरत है। अगर वे बातचीत नहीं करना चाहते हैं तो वे विरोध जारी रख सकते हैं। पिछले हफ्ते सत्तारूढ़ दल विपक्षी दलों और प्रदर्शनकारियों के पास बातचीत के लिए पहुंचा, लेकिन आंदोलनकारियों ने कहा कि वे चाहते हैं कि सरकार इस्तीफा दे।
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40 से अधिक सांसदों ने बनाया है समूह
प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से इस बात की जानकारी नहीं है कि कोई उनसे पद से हटने के लिए कह रहा है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे इस्तीफे की मांग भी होती है, तो यह बहुमत से नहीं होगा। यह एक अल्पसंख्यक समूह से होगा जो देश के राजनीतिक इतिहास को नहीं जानता होगा। सत्तारूढ़ गठबंधन के 40 से अधिक सांसदों के एक समूह ने सभी राजनीतिक दलों को शामिल करते हुए एक अंतरिम सरकार के गठन का आग्रह करते हुए अलग होने की घोषणा की है।