{"_id":"6272917c721a2854922523ea","slug":"sri-lanka-s-finance-minister-appreciates-india-s-help-in-talks-with-imf","type":"story","status":"publish","title_hn":"संकट: श्रीलंका के वित्त मंत्री ने आईएमएफ से बातचीत में भारत की मदद को सराहा, संसद में दिया बयान","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
संकट: श्रीलंका के वित्त मंत्री ने आईएमएफ से बातचीत में भारत की मदद को सराहा, संसद में दिया बयान
Wed, 04 May 2022 08:15 PM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 04 May 2022 08:15 PM IST
सार
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से बातचीत करके स्वदेश लौटे वित्त मंत्री साबरी ने आईएमएफ में की गई वार्ता और संकट की वित्तीय स्थिति के बारे में संसद में बुधवार को बयान दिया।
विज्ञापन
Sri Lanka Crisis
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
श्रीलंका में जारी संकट के बीच देश के वित्त मंत्री ने भारत की मदद की सराहना की है। वित्त मंत्री अली साबरी ने देश को वित्तीय संकट से उबारने के लिए अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) से बातचीत में भारत की मदद की तारीफ की। श्रीलंका में उपयोग लायक विदेशी मुद्रा भंडार घटकर पांच करोड़ डॉलर से भी कम रह गया है।
विज्ञापन
वित्त मंत्री ने संसद में दिया बयान
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष से बातचीत करके स्वदेश लौटे साबरी ने आईएमएफ में की गई वार्ता और संकट की वित्तीय स्थिति के बारे में संसद में बुधवार को बयान में कहा कि भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उनकी दो बार मुलाकात हुई और उन्होंने श्रीलंका को त्वरित वित्तपोषण साधन (आरएफआई) सुविधा के लिए भारत की ओर से पूरी सहायता भी दी।
विज्ञापन
वहीं, मुख्य विपक्षी नेता सजीत प्रेमादास ने सत्तापक्ष पर चुटकी लेते हुए कहा कि भारत ने सरकार से संपर्क साधने से पहले उनसे पूछा था कि क्या उन्हें श्रीलंका की मदद करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं झूठ नहीं बोल रहा। मैंने उनसे कहा कि उन्हें श्रीलंका के लोगों की हरसंभव मदद करनी चाहिए। उसके बाद ही उन्होंने सरकार की मदद की। भारत ने संकट से घिरे श्रीलंका को इस साल जनवरी से अब तक तीन अरब डॉलर से अधिक का कर्ज, ऋण सहायता देने का वादा किया है।
विज्ञापन
देश गंभीर मोड़ पर है
साबरी ने कहा कि देश इस समय ऐसे गंभीर मोड़ पर है जहां उसे दक्षिण कोरिया और भारत में 1990 और 1991 में लागू उपायों जैसे सुधारों को लागू करने का फैसला लेना है या वेनेजुएला या लेबनान की तर्ज पर चलना है। उन्होंने कहा कि अत्यावश्यक सुधारों के लिए आईएमएफ का कार्यक्रम महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने काफी समय पहले ही आईएमएफ के कार्यक्रम को न अपनाकर ऐतिहासिक गलती की है।
वहीं, कोलंबो में भारतीय उच्चायोग ने कहा कि श्रीलंका के लोगों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए करीब 40,000 मीट्रिक टन पेट्रोल आज कोलंबो पहुंचा। इसके साथ ही श्रीलंका को भारत से विभिन्न प्रकार का लगभग 440,000 मीट्रिक टन ईंधन प्राप्त हुआ है।