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Sri Lanka: मुसीबत के वक्त सत्ताधारी नेताओं की शाहखर्ची पर भड़का लोगों का गुस्सा

Mon, 12 Sep 2022 03:08 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Mon, 12 Sep 2022 03:08 PM IST
सार

Sri Lanka: सोशल मीडिया पर लोगों ने 37 मंत्रियों की नियुक्ति की जरूरत पर सवाल उठाए हैं। कहा गया है कि राष्ट्रपति ने देश की चिंता करने के बजाय अपने समर्थक नेताओं को मालामाल करने को तरजीह दी है। जो 37 मंत्री सरकार में शामिल किए गए हैं, उनमें 31 पूर्व राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे की श्रीलंका पोडुजना पेरमुना (एसएलपीपी) पार्टी के हैं...

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Sri Lanka: people angry on the royal expenditure of the ruling leaders
Sri Lanka President Ranil Wickremesinghe - फोटो : Agency (File Photo)

विस्तार

गहराते जा रहे आर्थिक संकट के बीच मंत्रिमंडल विस्तार करने के राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के फैसले को देश में कड़ी आलोचना हुई है। खास कर सोशल मीडिया पर लोग राष्ट्रपति के इस कदम पर बिफरे नजर आए हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय जरूरत पैसा बचाने की है, राष्ट्रपति ने सरकारी खर्च में भारी बढ़ोतरी का कदम उठा लिया है। आलोचनाओं से घिरने के बाद ‘डैमेज कंट्रोल’ की कोशिश में सरकार ने एलान किया है कि नए मंत्रियों को सरकारी खर्च से आईफोन नहीं दिए जाएंगे। लेकिन मंत्रियों को फोन खर्च के रूप में हर महीने भत्ता देने का एलान हुआ है।   

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सोशल मीडिया पर लोगों ने 37 मंत्रियों की नियुक्ति की जरूरत पर सवाल उठाए हैं। कहा गया है कि राष्ट्रपति ने देश की चिंता करने के बजाय अपने समर्थक नेताओं को मालामाल करने को तरजीह दी है। जो 37 मंत्री सरकार में शामिल किए गए हैं, उनमें 31 पूर्व राष्ट्रपति गोटाबया राजपक्षे की श्रीलंका पोडुजना पेरमुना (एसएलपीपी) पार्टी के हैं। बाकी छह मंत्री दूसरे दलों को छोड़ कर सत्ता पक्ष में आए सांसद हैं।

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नए मंत्रियों में सीता अरामबेपोला भी शामिल हैं। वे पिछली सरकार में भी मंत्री थीं। तब उन्होंने अपने लिए सरकारी खर्च पर अतिरिक्त वाहन की मांग की थी। इस पर उस समय तीखा विवाद खड़ा हो गया था। अब सरकार की तरफ से जारी एक सर्कुलर में कहा है कि नए मंत्री किसी नई सुविधा की मांग नहीं कर सकेंगे। इस सर्कुलर में उन सुविधाओं की सूची दी गई है, जिनके लिए ‘कमखर्ची’ के मौजूदा दौर में भी मंत्रियों को अधिकृत किया गया है।

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वेबसाइट इकॉनमीनेक्स्ट.कॉम ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि ये सूची भी महंगी सुविधाओं से भरपूर है। इसके तहर हर मंत्री को तीन एसयूवी भी वाहन मिलेंगे। साथ ही उन्हें 11 निजी कर्मचारी भी मिलेंगे। हर मंत्री को हर महीने 500 लीटर तक पेट्रोल मिलेगा, जिसकी कीमत इस समय दो लाख 70 हजार (श्रीलंकाई) रुपये बैठती है। मंत्रियों को बदस्तूर आलीशान दफ्तर मिलेंगे।

श्रीलंका में हर सांसद को कोलंबो में सरकारी खर्च आवास और निजी कर्मचारी दिए जाते हैं। इसको लेकर देश में चले सरकार विरोधी आंदोलन के दौरान तीखी नाराजगी देखने को मिली थी। उस कारण अब नए मंत्रियों ने एलान किया है कि वे तनख्वाह नहीं लेंगे। लेकिन वेबसाइट इकॉनमीनेक्स्ट ने बताया है कि मंत्री संसद और संसदीय समितियों की बैठक में भाग लेने पर मिलने वाले भत्ते को स्वीकार करेंगे। इस रूप में वे हर महीने साढ़े तीन लाख रुपये तक की रकम हासिल कर सकेंगे।

आलोचकों ने कहा है कि जिस समय देश की विदेशी अनुदान पर निर्भरता बढ़ती जा रही है, वैसे समय पर नेता अपनी सुख-सुविधा बरकरार रखने पर आमादा हैं। बीते सप्ताहांत अमेरिका ने श्रीलंका को खेती का संकट दूर करने के लिए 40 करोड़ डॉलर का कर्ज देने का एलान किया। इसके अलावा वह दो करोड़ डॉलर मानवीय मदद के रूप में उसे देगा। अमेरिकी संस्था यूएसएड की प्रशासक सामंता पॉवर्स ने ये घोषणा की, जो श्रीलंका की यात्रा पर आई हुई थीं।

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