फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Sri Lanka Crisis: President Gotabaya Rajapaksa imposed state emergency to deal with public agitation

श्रीलंका में हाहाकार: क्या अपने तरकश का आखिरी तीर चल दिया है राजपक्षे ने?

Sat, 02 Apr 2022 04:11 PM IST
Harendra Chaudhary वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कोलंबो Published by: Harendra Chaudhary Updated Sat, 02 Apr 2022 04:11 PM IST
सार

परिवहन मंत्री दिलुम अमुनुगामा ने आरोप लगाया कि इस हिंसक प्रदर्शन के पीछे आतंकवादियों का हाथ है। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने ‘अरब स्प्रिंग’ जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की। उनका इशारा 2011 में मिस्र सहित कई अरब देशों में हुए जन प्रदर्शनों की तरफ था, जिस वजह से कई देशों में सरकार गिर गई थी...

विज्ञापन
Sri Lanka Crisis: President Gotabaya Rajapaksa imposed state emergency to deal with public agitation
श्री लंका में हाहाकार - फोटो : Agency

विस्तार

देश भर में भड़कते जा रहे जन आक्रोश से निपटने के लिए श्रीलंका के राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे ने देश में आपातकाल लागू कर दिया है। सड़क पर उतर रहे आर्थिक मुसीबत के मारे के लोगों को उनकी सरकार ने ‘चरमपंथी’ बताया है। लेकिन पर्यवेक्षकों की राय है कि ऐसे सख्त कदम से आम हालत बहाल करने में मामूली मदद ही मिल सकती है। असली समस्या आर्थिक है, जिसका कोई समाधान सरकार के पास नहीं दिख रहा है।

विज्ञापन


कोलंबो में हुए एक बड़े जन प्रदर्शन के एक दिन बाद शुक्रवार को श्रीलंका सरकार ने इमरजेंसी लगाने की घोषणा की। जरूरी चीजों की कमी और बिजली सप्लाई में कटौती के खिलाफ गुरुवार को सैकड़ों लोग राजधानी में इकट्ठे हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने अचानक राष्ट्रपति आवास की तरफ बढ़ने का फैसला कर लिया। इस दौरान छिटपुट हिंसा हुई।

विज्ञापन

सफाई में बोले- सप्लाई ठीक रखने के लिए उठाया कदम

अब लागू किए गए इमरजेंसी नियमों के तहत सेना किसी व्यक्ति को गिरफ्तार कर लंबे समय तक बिना मुकदमा चलाए जेल में रख सकती है। राष्ट्रपति ने कहा है कि ये कदम सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने के लिए उठाया गया है, ताकि जरूरी चीजों और सेवाओं की सप्लाई कायम रखी जा सके। लेकिन आलोचकों का कहना है कि अगर चीजों और सेवाओं की सप्लाई ठीक से जारी रहती, तो देश के विभिन्न हिस्सों में वैसा जन आक्रोश नहीं उभरता, जैसा अभी देखने को मिल रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन


इमरजेंसी का एलान शुक्रवार रात किया गया। उसके पहले दिन में बड़ी संख्या में लोगों ने राजधानी में फिर प्रदर्शन किया। उनके हाथ में जो प्लेकार्ड थे, उनमें राष्ट्रपति राजपक्षे और उनके परिवार के अन्य सदस्यों से अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की गई थी। राष्ट्रपति के भाई महिंदा राजपक्षे इस समय प्रधानमंत्री हैं। उनके दो और भाई और एक रिश्ते के भाई भी वर्तमान सरकार में मंत्री हैँ।

कोलंबो के अलावा गॉल, मतारा, और मोरातुवा में भी शुक्रवार को सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए। देश के उत्तरी और मध्य हिस्सों में कई जगहों पर लोगों ने लंबे समय तक राजमार्गों को जाम किए रखा। गुरुवार को कोलंबो में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई में दो प्रदर्शनकारी जख्मी हुए थे। 53 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

‘अरब स्प्रिंग’ जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश

स्वास्थ्य मंत्री केहेलिया रामबुकवेला ने शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि प्रदर्शन के कारण राष्ट्रपति और उनकी पत्नी की जान खतरे में पड़ गई थी। उनके आवास की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा हो गया था। परिवहन मंत्री दिलुम अमुनुगामा ने आरोप लगाया कि इस हिंसक प्रदर्शन के पीछे आतंकवादियों का हाथ है। राष्ट्रपति कार्यालय ने एक बयान में कहा कि प्रदर्शनकारियों ने ‘अरब स्प्रिंग’ जैसी स्थिति पैदा करने की कोशिश की। उनका इशारा 2011 में मिस्र सहित कई अरब देशों में हुए जन प्रदर्शनों की तरफ था, जिस वजह से कई देशों में सरकार गिर गई थी।

जानकारों का कहना है कि ऐसे बयानों से राजपक्षे सरकार असल समस्या से ध्यान हटाना चाहती है। असल मसला कमरतोड़ महंगाई और जरूरी चीजों का अभाव है। शुक्रवार को जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक बीते मार्च में श्रीलंका में मुद्रास्फीति दर 18.7 फीसदी रही। खाने-पीने की चीजों की महंगाई दर तो 30.1 फीसदी रिकॉर्ड की गई। इस हाल में आपातकाल जैसे कदम सरकार की हताशा को ही जाहिर करते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed