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मुस्लिमों की दुकान और मस्जिदों पर हमले के बाद श्रीलंका में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध, आरोपी गिरफ्तार
Mon, 13 May 2019 11:30 AM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Shilpa Thakur
Updated Mon, 13 May 2019 11:30 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
श्रीलंका ने सोमवार को सोशल मीडिया नेटवर्क और मैसेजिंग ऐप, जिसमें फेसबुक और व्हाट्सएप भी शामिल हैं, पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है। ईस्टर बम धमाकों के बाद यहां मस्जिदों और मुस्लिमों द्वारा चलाई जा रही दुकान आदि पर हमले हुए हैं। देश में हिंसा ना फैले, इस बात का ध्यान रखते हुए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है।
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रॉयटर्स की रिपोर्ट ने सूत्रों के हवाले से कहा है कि फेसबुक पर शुरू हुए एक विवाद के चलते रविवार को एक व्यक्ति के साथ मारपीट की गई, दर्जनों लोगों ने मस्जिदों और मुसलमानों द्वारा चलाए जा रहे स्टोर पर पत्थरों से हमला किया।
अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने विवाद का कारण बनी फेसबुक पोस्ट करने वाले को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान 38 वर्षीय अब्दुल हमीद मोहम्मद हसमर के तौर पर हुई है। इस पोस्ट में आरोपी व्यक्ति ने लिखा था, "एक दिन तुम रोओगे"। लोगों का कहना है कि इसी पोस्ट के कारण हिंसा हुई है।
पुलिस सूत्र का कहना है कि अधिकारियों ने कुलियापितीय और दुम्मलासुरिया क्षेत्र के पास से एक समूह को गिरफ्तार किया गया है।
सेना के प्रवक्ता सुमिथ अतापत्तु का कहना है कि जहां से लोगों के समूह को गिरफ्तार किया गया है, वहां लोग मांग कर रहे थे कि गिरफ्तार आरोपी को रिहा किया जाए। स्थिति नियंत्रण में रहे, इसके लिए पुलिस ने बीती रात से कर्फ्यू लगा दिया है।
बता दें श्रीलंका में हिंसा की ये खबर 21 अप्रैल को ईस्टर संडे पर हुए बम धमाकों के बाद आई है। उस दिन हुए बम धमाकों में चार पांच सितारा होटल और तीन चर्चों को निशाना बनाया गया था। जिसमें 250 लोगों की मौत हो गई थी।
तभी से मुस्लिम समूहों का कहना है कि उन्हें देशभर से लोगों को प्रताड़ित करने की दर्जनों शिकायतें मिल रही हैं। वहीं अन्य समुदायों का कहना है कि वह डरे हुए हैं, क्योंकि सरकार कई बार चेतावनी मिलने के बावजूद भी हमलों को नहीं रोक पाई और अभी तक सभी संभावित आतंकियों को भी नहीं पकड़ा गया है।
श्रीलंका में सोशल मीडिया पर ईस्टर बम धमाकों के बाद भी प्रतिबंध लगाया गया था। ताकि गलत जानकारी और अफवाह ना फैले। लेकिन कुछ दिनों बाद प्रतिबंध हटा लिया गया। डिपार्टमेंट ऑफ गवर्मेंट के डायरेक्टर जनरल का कहना है, "देश में शांति बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया पर दोबारा प्रतिबंध लगाया गया है।"
वहीं बीते हफ्ते नेगोंबो में ट्रैफिक के दौरान हुए विवाद के कारण मुस्लिमों और ईसाईयों के बीच हिंसक झड़प हो गई थी। बता दें ईस्टर बम धमाकों में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 100 लोग नेगोंबो के ही थे।