नेपाल: अमेरिका से बढ़ती निटकता, उच्चस्तरीय दल के काठमांडो आने का कार्यक्रम तय
खबरों के मुताबिक पहले उजरा जेया का मई के पहले हफ्ते में ही नेपाल आने का कार्यक्रम बनाया गया था। लेकिन इस समय नेपाल में स्थानीय चुनाव की सरगर्मी को देखते हुए इसे दो हफ्ते टाल दिया गया। नेपाल में स्थानीय चुनावों के लिए मतदान 13 को होगा...
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
नेपाल की अमेरिका से बढ़ रही निकटता के सिलसिले में अब अगला यह एलान हुआ है कि अमेरिका की नागरिक सुरक्षा, लोकतंत्र, और मानव अधिकार उपमंत्री उजरा जेया 20 से 22 मई तक नेपाल की यात्रा करेंगी। पिछले हफ्ते अमेरिका सांसदों के एक दल ने नेपाल की यात्रा की थी। पर्यवेक्षकों ने ध्यान दिलाया है कि हाल में नेपाल के अमेरिकी संस्था मिलेनियम चैलेंज कॉरपोरेशन (एमसीसी) से 50 करोड़ डॉलर की सहायता स्वीकार कर लेने के बाद से दोनों पक्षों में संपर्क और संवाद में खासी तेजी आ गई है।
खबरों के मुताबिक पहले उजरा जेया का मई के पहले हफ्ते में ही नेपाल आने का कार्यक्रम बनाया गया था। लेकिन इस समय नेपाल में स्थानीय चुनाव की सरगर्मी को देखते हुए इसे दो हफ्ते टाल दिया गया। नेपाल में स्थानीय चुनावों के लिए मतदान 13 को होगा।
2012 में आया था अमेरिकी दल
नेपाल और अमेरिका के सरकारी अधिकारियों ने मीडिया को बताया है कि अपनी यात्रा के दौरान उजरा जेया प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा और विदेश मंत्री नारायण खड़का से मिलेंगी। नेपाली मीडिया के मुताबिक जेया एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आएंगी। एक दशक बाद इतना उच्चस्तरीय अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल नेपाल आने वाला है। इसके पहले 2012 में अमेरिकी उपमंत्रियों वेंडी शेरमन और मारिया ओटेरो ने नेपाल की यात्रा की थी।
सरकारी तौर पर बताया गया है कि अमेरिकी अधिकारियों की लगातार हो रही नेपाल यात्रा का कारण नेपाल और अमेरिका के बीच राजनयिक संबंध बनने की 75वीं सालगिरह है। दोनों देश इस मौके को खास अहमियत दे रहे हैं। नेपाल के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता सेवा लमसाल ने कहा है- ‘यह नेपाल-अमेरिका के बीच राजनयिक संबंध बनने की 75वीं सालगिरह है। इसलिए हम उच्चस्तरीय यात्राओं का कार्यक्रम बना रहे हैं।’ इसके ठीक पहले काठमांडू स्थित अमेरिकी राजदूत ने विदेश मंत्री नारायण खड़का से मुलाकात की थी।
बीते 22 अप्रैल को अमेरिकी सीनेटर क्रिस्टीन गिलिब्रांड के नेतृत्व में अमेरिकी सांसदों का दल आया था। इसमें अमेरिका के दोनों प्रमुख दलों के सांसद शामिल थे। इस दल ने यहां प्रधानमंत्री देउबा से खास मुलाकात की। साथ ही अमेरिकी सांसदों ने विपक्ष के नेता और पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली से भी बातचीत की। लेकिन पर्यवेक्षकों ने यहां इस बात पर गौर किया कि इस दल ने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के नेता पुष्प कमल दहल से मुलाकात नहीं की।
तिब्बती शरणार्थियों पर भी नजर
उजरा जेया तिब्बत मामलों में अमेरिका सरकार की स्पेशल कोऑर्डिनेटर भी हैं। अमेरिका नेपाल में रहने वाले तिब्बती शरणार्थियों की स्थिति को लेकर चिंता जताता रहा है। नेपाल में तकरीबन दस हजार तिब्बती शरणार्थी हैं। इन शरणार्थियों पर चीन की भी नजर रही है। चीन कई बार इनके बीच तिब्बती आजादी के समर्थकों की गतिविधियों को लेकर चिंता जा चुका है। अब अमेरिकी अधिकारी की नेपाल यात्रा से ये मामला और सुलग सकता है।
अखबार काठमांडू पोस्ट के मुताबिक जिस तेजी से नेपाल और अमेरिका के बीच निकटता बढ़ रही है, उसे देखते हुए पूरी संभावना है कि इसी वर्ष प्रधानमंत्री देउबा अमेरिका जाएंगे। उधर अमेरिकी उप राष्ट्रपति कमला हैरिस के नेपाल यात्रा करने की अटकलें भी तेज हो गई हैँ।