स्पेन सरकार का बड़ा कदम: अब आसान हो जाएगा अपनी लिंग पहचान को बदलना
अपने कई प्रगतिशील फैसलों के लिए चर्चित रही स्पेन की सोशलिस्ट सरकार ने एक और अहम कदम उठाया है। उसने एक ऐसे कानून का प्रारूप पेश किया है, जिसके तहत 14 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को बिना साक्ष्य दिए अपना लिंग परिवर्तन करवाने का अधिकार मिल जाएगा। लेकिन सरकार के इस कदम का स्पेन के कुछ नारीवादी संगठनों ने विरोध किया है।
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स्पेन सरकार की ओर से लाए जा रहे इस नए कानून के मसौदे के मुताबिक 14 साल से अधिक उम्र के नागरिकों अपना नाम और लिंग बदलने की इजाजत दी जाएगी। ऐसा करने के लिए उन्हें कोई सबूत नहीं देना होगा और न ही कोई गवाह लाना होगा। अभी संबंधित व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी कुछ रिपोर्ट पेश करनी पड़ती हैं। साथ ही नाबालिगों को अपने मेडिकल और वैधानिक गार्जियन की सहमति का सबूत भी देना पड़ता है। नया कानून लागू होने के बाद इन सबकी जरूरत खत्म हो जाएगी।
सरकार ने कहा है कि यह कदम ट्रांसजेंडर नागरिकों के अधिकारों बढ़ाने के लिए और उनकी जिंदगी को आसान बनाने के लिए उठाया है। सरकार की प्रवक्ता मारिया जीसस मोंतेरो ने कहा, 'इस कानून से हम एतिहासिक रूप से मौजूद रहीं कुछ स्थितियों को बदलना चाहते हैं। इनमें एलजीबीटीक्यू (समलैंगिक-बाइसेक्सुअल-ट्रांसजेंडर-क्वीअर) समुदायों की एतिहासिक रूप से समाज में रही अदृश्य स्थिति, उन्हें कलंकित करने की प्रथा और उनके अधिकारों को स्वीकार नहीं करने का चलन शामिल है।
संसद में पेश होगा कानून का मसौदा, मंजूरी मिलने पर संशय
सरकार ने जो प्रारूप पेश किया है, उसे अब संसद में पेश किया जाएगा। स्पेन की संसद में इसे मंजूरी मिल जाएगी, ये अभी निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता। पर्यवेक्षकों के मुताबिक संसद की चर्चा के दौरान मुमकिन है कि सरकार को विधेयक के कुछ प्रावधानों में फेरबदल करना पड़ जाए।
वहीं, अगर बिल पारित हो गया, तो स्पेन दुनिया के उन गिने- चुने देशों में शामिल हो जाएगा, जहां बिना लिंग परीक्षण के खुद अपनी लिंग पहचान तय करने की स्वतंत्रता मिली हुई है। ज्यादातर देशों में ऐसी पहचान तय करने के पहले संबंधित व्यक्ति की शारीरिक बनावट की जांच की जाती है।
लेकिन दुनिया भर में एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों की ये मांग रही है कि उन्हें अपनी लिंग पहचान खुद तय करने का अधिकार दिया जाए।
निश्चित समय में पूरी होगी प्रक्रिया, विरोध में नारीवादी संगठन
स्पेन के इस प्रस्तावित कानून में यह प्रावधान भी किया गया है कि किसी व्यक्ति की लिंग पहचान बदलने की प्रक्रिया एक निश्चित समय में पूरी की जाएगी। पर्यवेक्षकों के मुताबिक ये कानून अगर पारित हो गया, तो स्पेन दुनिया का सबसे अधिक तेज गति से इस प्रक्रिया को पूरा करने वाला देश बन जाएगा। इस बिल में प्रावधान है कि किसी व्यक्ति के अपनी लिंग पहचान बदलने की अर्जी देने के बाद चार महीनों के अंदर सभी सरकारी दस्तावेजों में ये परिवर्तन किया जाएगा।
लेकिन कुछ नारीवादी संगठनों ने इस कानून का विरोध किया है। उनका कहना है कि ये कानून शारीरिक लिंग की धारणा को ही धूमिल कर देता है। लेकिन ट्रांसजेंडर समुदाय और उसके अधिकारों के हक में काम करने वाले कार्यकर्ताओं का कहना है कि ये कानून उनकी अपेक्षाओं को पूरा नहीं करता। इसमें ऐसे प्रावधान हैं, जिनकी वजह से 14 से 16 वर्ष की उम्र के बीच के लोगों को लिंग पहचान बदलवाने के लिए अपने माता-पिता की सहमति का साक्ष्य देना होगा।