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South Korea: अपदस्थ राष्ट्रपति यून सूक येओल की औपचारिक गिरफ्तारी का आदेश; महाभियोग विवाद के बीच अदालत से झटका
Sun, 19 Jan 2025 01:24 AM IST
शुभम कुमार
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सियोल
Published by: शुभम कुमार
Updated Sun, 19 Jan 2025 01:24 AM IST
सार
दक्षिण कोरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति यून सूक येओल को महाभियोग विवाद के बीच गिरफ्तार कर लिया गया। सियोल की अदालत ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के कारण उनकी गिरफ्तारी की अनुमति दी।
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यून सुक योल
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
दक्षिण कोरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति यून सूक येओल को महाभियोग विवाद के बीच रविवार को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया गया। मार्शल लॉ लागू करने के मामले में बुधवार को यून के आवास पर कानून प्रवर्तन एजेंसी ने व्यापक अभियान चलाकर उन्हें गिरफ्तार किया था। इसके बाद उन्हें शनिवार को सियोल की एक अदालत में पेश किया गया।
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मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उन्हें उनके घर पर गिरफ्तार किया गया। सियोल की अदालत ने सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका के कारण उनकी गिरफ्तारी की अनुमति दी। उन पर दिसंबर में किए गए उनके कार्यों के लिए विद्रोह का आरोप लगाया गया। खबर है कि जबतक जांच जारी रहेगी तबतक उन्हें लंबी अवधि के लिए हिरासत में रखा जा सकता है।
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बता दें कि महाभियोग का सामना कर रहे दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति यून ने शनिवार को सियोल की एक अदालत के समक्ष अपनी रिहाई के लिए दलील पेश की। दूसरी तरफ अदालत ने इस बात पर विचार किया कि उनकी औपचारिक गिरफ्तारी के लिए कानून प्रवर्तन एजेंसी के अनुरोध को स्वीकार किया जाए अथवा नहीं।
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यून के वकील ने दी थी जानकारी
सुनवाई के बाद यून के वकीलों ने बताया कि करीब पांच घंटे तक बंद कमरे में चली सुनवाई के दौरान राष्ट्रपति ने न्यायाधीश के समक्ष करीब 40 मिनट तक अपनी दलील पेश की। उनकी कानूनी टीम व भ्रष्टाचार रोधी एजेंसियों ने यून को हिरासत में रखे जाने अथवा छोड़े जाने के मुद्दे पर दलीलें दीं।
गौरतलब है कि यून के आवास पर कानून प्रवर्तन एजेंसी ने व्यापक अभियान चलाकर उन्हें बुधवार को गिरफ्तार किया था। उन पर तीन दिसंबर को मार्शल लॉ की घोषणा से जुड़े संभावित विद्रोह के आरोप हैं, जिसके कारण 1980 के दशक के अंत में देश में लोकतंत्रीकरण के बाद सबसे गंभीर राजनीतिक संकट उत्पन्न हुआ है।
वारंट जारी करने के लिए सीआईओ का अनुरोध
मामले में भ्रष्टाचार जांच कार्यालय (सीआईओ) के उच्च पदस्थ अधिकारियों ने सियोल पश्चिमी जिला न्यायालय से यून की औपचारिक गिरफ्तारी के लिए वारंट जारी करने का अनुरोध किया। सीआईओ पुलिस व सेना के साथ संयुक्त जांच का नेतृत्व कर रहा है।