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यहां जिंदा लोग कराते हैं अपना अंतिम संस्कार, ताकि जिंदगी बेहतर तरीके से जी सकें
Thu, 07 Nov 2019 07:21 PM IST
Trainee Trainee
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Thu, 07 Nov 2019 07:21 PM IST
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एक तरफ जहां लोग मौत का नाम सुनते ही कांपने लगते हैं, वहीं दूसरी तरफ दुनिया में कुछ ऐसे लोग भी हैं जो मौत से पहले मौत का एहसास कर लेना चाहते हैं। हम बात कर रहे हैं दक्षिण कोरिया की। यहां के लोग जीते जी मौत का अनुभव कर लेना चाहते हैं। इसके लिए वह कोई भी कीमत चुकाने के लिए तैयार रहते हैं। इस काम में उनकी मदद एक कंपनी कर रही है।
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रिपोर्ट्स के मुताबिक, लोगों को मौत से पहले इसका अहसास कराने के लिए ह्योवोन हीलिंग सेंटर नाम की एक कंपनी काम कर रही है। इसे साल 2012 में शुरू किया गया था। इस सेंटर में अभी तक करीब 25 हजार लोग मौत का अहसास कर चुके हैं।
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दरअसल, इस सेंटर में लोगों का अंतिम संस्कार किया जाता है जिससे वह वास्तविकता में मौत से पहले उसका अनुभव कर सकें। इस प्रक्रिया के दौरान लोगों को कफन ओढ़ाकर करीब 10 मिनट के लिए ताबूत में लिटा दिया जाता है। फिर उनके अंतिम संस्कार की प्रक्रिया की जाती है।
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कहा जाता है कि इस प्रक्रिया में जिस व्यक्ति को अपनी मौत का अहसास हो जाता है, उनके व्यवहार में काफी बदलाव आ जाता है। इस अनुभव को लेने के लिए युवाओं से लेकर बुजुर्ग तक यहां आते हैं। कंपनी का मानना है यदि किसी व्यक्ति को मौत का अहसास हो जाता है तो वह अपनी जिंदगी पहले से बेहतर तरीके से जीता है। वह दूसरे लोगों के प्रति दयालु हो जाता है। उसके जीवन जीने के नजरिए में काफी बदलाव आ जाता है।
इस अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में हिस्सा लेने वाले 75 वर्षीय चाओ जी-ही ने मीडिया को बताया कि एक बार जब आप इस कार्यक्रम में हिस्सा ले लेते हैं तो आपको महसूस होता है कि आपके जीवन में कितना बदलाव आ चुका है। आपका नजरिया बदल जाता है। आप अपने से ज्यादा दूसरों की खुशियों के बारे में सोचने लगते हैं।
गौरतलब है कि दक्षिण कोरिया आर्थिक सहयोग और बेहतर जीवन जीने के मामले में 40 देशों की श्रेणी में 33वें स्थान पर है। यहां के ज्यादातर युवा अच्छी शिक्षा और रोजगार को लेकर काफी आशान्वित रहते हैं।