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जापान: पीएम शिंजो आबे की जगह लेगा किसान का बेटा योशिहिदे सुगा, प्यार से लोग कहते हैं 'अंकर रिवा'
Tue, 15 Sep 2020 01:45 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: Amit Mandal
Updated Tue, 15 Sep 2020 01:45 AM IST
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योशिहिदे सुगा
- फोटो : Facebook/Yoshihide Suga
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जापान के कार्यवाहक प्रधानमंत्री शिंजो आबे द्वारा बीमारी के चलते इस्तीफा देने के बाद उनकी जगह पर सरकार के शीर्ष प्रवक्ता और जापानी किसान के बेटे योशिहिदे सुगा देश के नए पीएम होंगे। सोमवार को उन्हें जापान की सत्तारूढ़ पार्टी के नए प्रमुख के रूप में चुन लिया गया। इस मतदान में पार्टी के कुल 377 मत सुगा को हासिल हुए जबकि अन्य दो दावेदारों को संयुक्त रूप से 157 मत मिले।
योशिहिदे सुगा को शिंजो आबे का करीबी माना जाता है और वे आठ साल तक देश के मुख्य कैबिनेट मंत्री के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता अकिता प्रांत के युजावा कस्बे में स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसान थे और सुगा अपने परिवार से सियासत में आने वाले पहले शख्स हैं। हाईस्कूल के बाद ही वे टोक्यो आ गए और उन्होंने यहां कार्डबोर्ड फैक्ट्री से लेकर मछली बाजार तक में अंशकालिक नौकरी करते हुए आगे की पढ़ाई की। उनका सियासी करियर 1987 में उस वक्त शुरू हुआ जब उन्होंने योकोहामा सीट के लिए चुनाव लड़ा। अब सुगा के पीएम बनने का रास्ता साफ हो चुका है। उनके साथ पीएम पद की दौड़ में एलडीपी के नीति प्रमुख फुमियो किशिदा और पूर्व रक्षामंत्री शिगेरु इशिबा भी शामिल थे लेकिन किशिदा को 89 और इशिबा को 68 मत ही मिल सके।
नई व्यवस्था में हुआ मतदान
पीएम पद के 3 उम्मीदवारों लिए डाइट सदस्यों और देश के सभी 47 राज्यों के तीन सांसदों ने वोटिंग की। यही वजह रही कि इसमें 788 सांसदों के बदले सिर्फ 534 सदस्य ही मतदान में शामिल हुए। आपात स्थिति को देखते हुए मतदान का यह तरीका अपनाया गया। इस व्यवस्था का विरोध भी किया गया लेकिन पार्टी महासचिव तोशिहिरो निकाइ ने कहा पूर्ण व्यवस्था से चुनाव में दो माह लग सकते हैं, जो देशहित में नहीं है।
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इस तरह कहलाए ‘अंकल रिवा’
जापान में प्रशासन का सार्वजनिक चेहरा माने जाने वाले योशिहिदे सुगा के सामने सम्राट अकिहितो के हटने के बाद 2019 में नए शाही युग का नाम सुझाने की जिम्मेदारी भी रही। नए सम्राट नारुहितो के अधीन शाही युग का नाम रखा गया- रिवा, जिसका मतलब था ‘सुंदर सद्भाव’। चूंकि सुगा ने ही इसका एलान किया इसलिए जापान के लोग उन्हें प्यार से ‘अंकल रिवा’ भी कहने लगे।
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योशिहिदे सुगा को शिंजो आबे का करीबी माना जाता है और वे आठ साल तक देश के मुख्य कैबिनेट मंत्री के तौर पर सेवाएं दे चुके हैं। उनके पिता अकिता प्रांत के युजावा कस्बे में स्ट्रॉबेरी की खेती करने वाले किसान थे और सुगा अपने परिवार से सियासत में आने वाले पहले शख्स हैं। हाईस्कूल के बाद ही वे टोक्यो आ गए और उन्होंने यहां कार्डबोर्ड फैक्ट्री से लेकर मछली बाजार तक में अंशकालिक नौकरी करते हुए आगे की पढ़ाई की। उनका सियासी करियर 1987 में उस वक्त शुरू हुआ जब उन्होंने योकोहामा सीट के लिए चुनाव लड़ा। अब सुगा के पीएम बनने का रास्ता साफ हो चुका है। उनके साथ पीएम पद की दौड़ में एलडीपी के नीति प्रमुख फुमियो किशिदा और पूर्व रक्षामंत्री शिगेरु इशिबा भी शामिल थे लेकिन किशिदा को 89 और इशिबा को 68 मत ही मिल सके।
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नई व्यवस्था में हुआ मतदान
पीएम पद के 3 उम्मीदवारों लिए डाइट सदस्यों और देश के सभी 47 राज्यों के तीन सांसदों ने वोटिंग की। यही वजह रही कि इसमें 788 सांसदों के बदले सिर्फ 534 सदस्य ही मतदान में शामिल हुए। आपात स्थिति को देखते हुए मतदान का यह तरीका अपनाया गया। इस व्यवस्था का विरोध भी किया गया लेकिन पार्टी महासचिव तोशिहिरो निकाइ ने कहा पूर्ण व्यवस्था से चुनाव में दो माह लग सकते हैं, जो देशहित में नहीं है।
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इस तरह कहलाए ‘अंकल रिवा’
जापान में प्रशासन का सार्वजनिक चेहरा माने जाने वाले योशिहिदे सुगा के सामने सम्राट अकिहितो के हटने के बाद 2019 में नए शाही युग का नाम सुझाने की जिम्मेदारी भी रही। नए सम्राट नारुहितो के अधीन शाही युग का नाम रखा गया- रिवा, जिसका मतलब था ‘सुंदर सद्भाव’। चूंकि सुगा ने ही इसका एलान किया इसलिए जापान के लोग उन्हें प्यार से ‘अंकल रिवा’ भी कहने लगे।