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सावधान: बोरियत मिटाने के लिए स्मार्टफोन पर गेम खेलना खतरनाक, हो सकती हैं कई गंभीर बीमारियां
Thu, 22 Jul 2021 01:21 AM IST
Jeet Kumar
एजेंसी, वाशिंगटन।
एजेंसी, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:21 AM IST
सार
लोग रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर बोरियत अनुभव करते हैं और उसे दूर करने के लिए मोबाइल पर ही गेम खेलने लगते हैं। ऐसे लोगों में कौशल चुनौती संतुलन, कम प्रवाह और संतुलन की कमी देखी गई।
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मोबाइल गेमिंग
- फोटो : पिक्साबे
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विस्तार
एक नए अध्ययन के अनुसार, स्मार्टफोन गेमिंग उन लोगों के लिए हानिकारक हो सकती है जो अपने नकारात्मक मूड और बोरियत की भावनाओं से बचने के लिए गेम खेलते हैं। अध्ययन के निष्कर्ष कंप्यूटर इन ह्यूमन बिहेवियर पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं।
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वाटरलू विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने पाया कि ऊबे हुए लोग जो वास्तविक माहौल में जुड़ने और ध्यान लगाने में कठिनाई महसूस करते हैं वे अक्सर हालात से भागने के लिए गेमिंग में प्रवाह की तलाश करते हैं। लेकिन इसमें भी उन्हें जागरूकता के बजाय बहुत ज्यादा कुछ हासिल नहीं होता है।
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वाटरलू में संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान में शोध के प्रमुख लेखक और पीएचडी विद्वान चैनल लार्चे ने कहा, हमने पाया कि जो लोग रोजमर्रा की जिंदगी में अक्सर तीव्र ऊब का अनुभव करते हैं, वे बोरियत से बचने के लिए स्मार्टफोन गेम खेलते हैं। ये लोग खेल से ऊबने पर खेल बंद कर देते हैं और अत्यधिक गेमिंग से जुड़ी समस्याओं का शिकार हो जाते हैं। इन लोगों में ध्यान और एकरसता की भावनाओं में कमी पाई जाती है।
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कैंडी क्रैश में संतुलन की कमी
अध्ययन में पाया गया कि लोकप्रिय स्मार्टफोन गेम कैंडी क्रैश का इस्तेमाल कई लोग बोरियत से बचने के लिए करते हैं। लेकिन वे रोजमर्रा के खिलाड़ियों की तुलना में इस खेल में ज्यादा डूब जाते हैं। शोध के प्रमुख लेखक लार्चे ने पाया कि ऐसे लोगों में कौशल चुनौती संतुलन, कम प्रवाह और संतुलन की कमी देखी गई।