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इस्रायल: 2015 के बाद 6 हजार फिलिस्तीनी बच्चे हुए गिरफ्तार, जेल में खाना-पानी भी नहीं
Sat, 06 Apr 2019 01:32 PM IST
Shilpa Thakur
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Shilpa Thakur
Updated Sat, 06 Apr 2019 01:32 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : social media
फिलिस्तीन प्रिजर्न असोसिएशन का कहना है कि साल 2015 से अब तक करीब 6 हजार फिलिस्तीनी बच्चों को इस्रायली अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। इस एनजीओ ने शुक्रवार को फिलिस्तीनी बाल दिवस के मौके पर एक बयान में कहा कि इस्रायली हिरासत के दौरान 98 फीसदी फिलिस्तीनी बच्चों को मानसिक और शारीरिक शोषण का सामना करना पड़ता है।
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इस संस्था का कहना है कि इस्रायली सैनिकों द्वारा गोली मारे जाने और घायल होने के बाद दर्जनों नाबालिग बच्चों को हिरासत में लिया गया। वहीं फिलिस्तीन अथॉरिटी कमिटि फॉर प्रिजनर्स अफेयर्स का कहना है कि वर्तमान में 5700 फिलिस्तीनियों को इस्रायल ने हिरासत में लिया है। इन लोगों में 48 महिला और 250 बच्चे हैं।
अधिकृत पूर्वी यरुशलम में रहने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा निशाना बनाया जाता है। एक महीने में करीब दर्जनों बच्चों को गिरफ्तार कर लिया जाता है। रात को मारे जाने वाले छापे में नाबालिगों को गिरफ्तार किया जाता है। उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत केंद्रों में भेज दिया जाता है। जहां उनके साथ दुर्व्यवहार होता है। इन बच्चों को कई घंटों तक खाना और पानी भी नहीं दिया जाता।
इस एनजीओ का कहना है कि ये नियम है कि बच्चों से पूछताछ के वक्त उनके परिवार का कोई सदस्य उनके साथ हो। लेकिन इस नियम की भी कई बार अनदेखी कर दी जाती है। कई बार बच्चों को यहूदी भाषा में लिखे बयानों पर जबरन हस्ताक्षर करने को कहा जाता है। एक ऐसी भाषा जिसे वो पढ़ भी नहीं सकते।
ऐसी हिरासत से बचकर आने के बाद बच्चों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इन बच्चों को डरावने सपने आते हैं, अनिद्रा की परेशानी होती है, ये बच्चे स्कूलों में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाते, साथ ही इनके व्यवहार में भी काफी अंतर आ जाता है। एनजीओ ने संयुक्त राष्ट्र समेत अन्य मानव अधिकार संगठनों से बच्चों को इस्रायली सेना के शोषण से बचाने की मांग की है।
आपके लिए- फिलिस्तीन में मानव अधिकारों की स्थिति बेहद खराब है। यहां इस्रायली सेना द्वारा बच्चों के शोषण की खबरें आए दिन आती हैं। लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर चुप्पी साधे रहता है।