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Missouri: चार साल बाद कब्र से निकाला सिस्टर का शव, सिर्फ दाहिनी आंख प्रभावित; पलकें और होंठ सुरक्षित

Sun, 28 May 2023 10:12 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिसौरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिसौरी Published by: जलज मिश्रा Updated Sun, 28 May 2023 10:12 PM IST
सार

जोसेफ ने बताया कि शव जब कब्र से निकाला गया तो सिस्टर्स इस बात से दंग रह गईं कि शरीर में कोई सड़न नहीं थी। ताबूत के परत से उनका शरीर ढका हुआ था। उन्होंने बताया कि चार साल तक कब्र में रहने के बाद भी उनके शरीर का सिर्फ थोड़ी ही हिस्सा खराब हुआ था।

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Sister body exhumed after four years in Missouri, only right eye affected eyelids and lips protected
कैथोलिक चर्च। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मिसौरी शहर के एक कैथोलिक नन के शव के आखिरी दर्शन के लिए समाज के सैकड़ों लोग उमड़ रहे हैं। नन की मौत चार साल पहले हुई थी। सेंट जोसेफ ने बताया कि 29 मई 2019 को सिस्टर विल्हेल्मिना लैंकेस्टर का निधन हो गया था। इस दौरान वह 95 साल की थीं। उन्हें लकड़ी के ताबूत में दफनाया गया था। जोसेफ ने बताया कि उन्होंने बेनेडिक्टिन्स ऑफ मैरी और क्वीन ऑफ एपोस्टल्स ऑर्डर की स्थापना 1995 में की थी। संस्थापकों की प्रथा के अनुसार, उन्हें 18 मार्च 2023 को कब्र से निकाला गया था, जिससे मठ के चैपल में उन्हें अंतिम विश्राम के लिए दफनाया जा सके। 

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शरीर को नहीं हुआ कोई नुकसान
जोसेफ ने बताया कि शव जब कब्र से निकाला गया तो सिस्टर्स इस बात से दंग रह गईं कि शरीर में कोई सड़न नहीं थी। ताबूत के परत से उनका शरीर ढका हुआ था। उन्होंने बताया कि चार साल तक कब्र में रहने के बाद भी उनके शरीर का सिर्फ थोड़ी ही हिस्सा खराब हुआ था। एक सिस्टर ने बताया कि कब्र में रहने के कारण उनकी सिर्फ दाहिनी आंख पर असर पड़ा था। इसके अलावा पलकें, भौहें, नाक और होंठ सभी ठीक थे। उनका चेहरा तो ऐसा लग रहा था कि वह अभी मुस्कुरा देंगी। 

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वहां एक आदेश भी लगाया
कैथोलिक धर्म के अनुसार, मौत के बाद अगर शरीर क्षय नहीं होती तो उसे ईमानदार माना जाता है। ईमानदार संत पुनरुत्थान और आने वाले जीवन की सच्चाई का गवाह देते हैं। शव निकालने की खबर जैसे ही समाजजन को पता चली, वैसे ही उनके दर्शनों के लिए लोग आने लगे। समाज के लोगों ने उन्हें चमत्कार बताया। लोगों के लिए एक आदेश वहां चस्पा किया गया है, जिसमें लिखा है कि कृपया सिस्टर के शरीर और पैरों को आराम से छूएं। बिशप ने दर्शनों के लिए आए लोगों से प्रार्थना जारी रखने के लिए निर्देशित किया है।

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