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तालिबान का फरमान: गायक, फिल्मकार, अभिनेता इस्लामी शरिया के अनुसार अपने पेशे का करें मूल्यांकन
Thu, 26 Aug 2021 06:20 AM IST
Amit Mandal
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काबुल
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 26 Aug 2021 06:20 AM IST
सार
- तालिबान ने पिछले महीने हास्य कलाकार फजल मोहम्मद की हत्या कर दी थी
- तालिबान ने जाने-माने इतिहासकार व कवि अब्दुल्लाह अतिफी की भी हत्या कर दी थी
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अफगानिस्तान में तालिबानी लड़ाके
- फोटो : पीटीआई
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विस्तार
तालिबानी आतंकियों ने खुली घोषणा की है कि अफगानिस्तान में रहने वाले गायक, फिल्मकार, अभिनेता आदि कलाकार इस्लामी शरिया के अनुसार अपने पेशे का मूल्यांकन करें। इस मूल्यांकन के बाद उन्हें अपना पेशा खुद ही बदलना पड़ जाएगा।
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इस बारे में तालिबानियों के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद से सवाल किया गया था कि क्या तालिबान देश में कलाकारों को अपना काम जारी रखने देगा? इस पर मुजाहिद ने कहा कि अफगानिस्तान में कलाकारों का भाग्य इस्लामी कानून के अनुसार तय होगा। अगर गायक, फिल्म अभिनेता या फिल्मकार आदि अपने पेशे का इस्लामी शरिया कानूनों के अनुसार मूल्यांकन करेंगे तो उन्हें खुद ही यह पेशा बदलना पड़ जाएगा। उल्लेखनीय है कि तालिबान के कब्जे के बाद से बड़ी संख्या में कलाकारों ने अफगानिस्तान छोड़ दिया है। एजेंसी
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तालिबान ने पिछले महीने हास्य कलाकार फजल मोहम्मद की हत्या कर दी थी। घर से अपहरण कर ले जाते आतंकियों का वीडियो वायरल हुआ था। तालिबान ने जाने-माने इतिहासकार व कवि अब्दुल्लाह अतिफी की भी हत्या कर दी थी।
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महिलाओं को अधिकार के लिए भी शर्त
तालिबानियों ने पहले ही कहा था, शरिया के तहत ही महिलाओं का अधिकार व सम्मान मिलेगा। लोकप्रिय अफगान पॉपस्टार आर्याना सईद ने कहा कि वहां महिलाओं का भी कोई भविष्य नहीं है। आशंका भी जताई कि अब महिलाएं अपने घरों में कैद होकर रह जाएंगी, उन्हें मूल अधिकार तक नहीं मिलेंगे।
15 अगस्त को ही अफगानिस्तान की सबसे लोकप्रिय फिल्मकार सहरा करीमी का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें वे काबुल की सड़कों पर अफरा-तफरी के बीच भागती नजर आई थीं। उन्होंने भी कहा था कि अफगानिस्तान में महिलाओं और कलाकारों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है, क्योंकि तालिबानी आतंकी उनका सम्मान नहीं करते। करीमी अफगानिस्तान सरकार के फिल्म संगठन की पहली महिला अध्यक्ष रही हैं।
शादी के लिए 15 साल से बड़ी लड़कियों की तलाश कर रहे तालिबानी
अफगानिस्तान छोड़कर निकलने में कामयाब रहीं एक पत्रकार ने बताया है कि तालिबानी घर-घर जाकर शादी के लिए 15 साल से बड़ी लड़कियों की तलाश कर रहे हैं। द डलास मॉर्निंग न्यूज में होली मैके ने कहा है, अफगानी महिलाओं ने अपनी आजादी के लिए कड़ी मेहनत की थी पर तालिबान की वापसी से सब बदल गया है। मैके ने एक 14 वर्षीय लड़की के बारे में भी लिखा है। कुंदुज से अपना जीवन बचाने के लिए भागी उस लड़की का कहना था, वह बस अच्छी शिक्षा लेकर एक दिन डॉक्टर बनना चाहती है।
मैके का कहना है कि एक माह पहले बदख्शां में एक पिता से तालिबानियों ने पत्नी बनाने के लिए बेटियां देने को कहा। लड़ाके उसकी 21 वर्षीय बेटी को साथ ले गए। बाद में पिता को पता लगा कि न सिर्फ तालिबानी मुल्ला ने उससे शादी कर यौन संबंध बनाए, बल्कि चार अन्य लोग भी हर रात दुष्कर्म कर रहे थे। जिला गवर्नर के पास शिकायत की कोई सुनवाई नहीं हुई। अन्य बेटियों के साथ किसी दूसरे स्थान पर जाकर छिपना पड़ा। मैके ने लिखा है कि भले ही तालिबान नया चेहरा पेश कर रहा हो पर उसकी सोच पुरानी ही है।
Singer, filmmaker, actor should evaluate their profession according to Islamic Sharia says Taliban