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Singapore: भारतीय मूल के मंत्रियों ने प्रधानमंत्री के भाई पर किया मानहानि का मुकदमा, जानिए क्या है मामला
Sun, 03 Sep 2023 08:25 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिंगापुर
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 03 Sep 2023 08:25 AM IST
सार
के शनमुगम ने बताया कि ली सीन यांग ने उन्हें और एक अन्य मंत्री बालाकृष्णन पर निजी फायदे के लिए सिंगापुर लैंड अथॉरिटी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।
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पीएम के भाई पर मुकदमा करने वाले मंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
सिंगापुर में भारतीय मूल के दो मंत्रियों ने प्रधानमंत्री ली सीन लूंग के छोटे भाई ली सीन यांग के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। बता दें कि यह मामला सरकारी बंगलों के किराए के विवाद से जुड़ा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले की सुनवाई 5 सितंबर को सुबह 9 बजे होगी। बता दें कि दोनों मंत्रियों को जांच में क्लीन चिट मिल चुकी है।
जानिए क्या है मामला
सिंगापुर के कानून और गृह मामलों के मंत्री के शनमुगम और विदेश मामलों के मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने जुलाई में ली सीन यांग को अपने वकीलों के माध्यम से एक पत्र भेजा था। इस पत्र में मांग की गई थी कि अगर ली सीन यांग उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर माफी नहीं मांगते हैं तो वह दोनों उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर देंगे। एक सोशल मीडिया पोस्ट में के शनमुगम ने बताया कि ली सीन यांग ने उन्हें और एक अन्य मंत्री बालाकृष्णन पर निजी फायदे के लिए सिंगापुर लैंड अथॉरिटी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि दोनों मंत्रियों के सरकारी बंगलों में बिना अनुमति के पेड़ काटे गए, साथ ही दोनों बंगलों के नवीकरण का भुगतान सिंगापुर लैंड अथॉरिटी द्वारा किया गया।
जांच में मिल चुकी है क्लीन चिट
जिन बंगलों को लेकर विवाद है वह ब्रिटिशकाल के रिडआउट रोड स्थित बंगला नंबर 26 और 31 हैं। ये बंगले 100 साल से भी पुराने हैं। ये सरकारी संपत्ति हैं। इन बंगलों का विवाद पहली बार इस साल मई में हुआ था, जब विपक्षी नेता और रिफॉर्म पार्टी के प्रमुख केनेथ जयरत्नम ने आरोप लगाया था कि मंत्रियों द्वारा सरकारी बंगलों का बाजार कीमत से कम किराए का भुगतान किया जा रहा है। इसके बाद सिंगापुर की भ्रष्टाचार निरोधी संस्था ने जांच की लेकिन जांच में मंत्रियों को क्लीन चिट मिल गई। संसद में भी यह मामला उठा। इसके बाद ली सीन यांग ने सोशल मीडिया पोस्ट कर दोनों मंत्रियों पर आरोप लगा दिए।
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जानिए क्या है मामला
सिंगापुर के कानून और गृह मामलों के मंत्री के शनमुगम और विदेश मामलों के मंत्री विवियन बालाकृष्णन ने जुलाई में ली सीन यांग को अपने वकीलों के माध्यम से एक पत्र भेजा था। इस पत्र में मांग की गई थी कि अगर ली सीन यांग उनके द्वारा लगाए गए आरोपों पर माफी नहीं मांगते हैं तो वह दोनों उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर कर देंगे। एक सोशल मीडिया पोस्ट में के शनमुगम ने बताया कि ली सीन यांग ने उन्हें और एक अन्य मंत्री बालाकृष्णन पर निजी फायदे के लिए सिंगापुर लैंड अथॉरिटी का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि दोनों मंत्रियों के सरकारी बंगलों में बिना अनुमति के पेड़ काटे गए, साथ ही दोनों बंगलों के नवीकरण का भुगतान सिंगापुर लैंड अथॉरिटी द्वारा किया गया।
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जांच में मिल चुकी है क्लीन चिट
जिन बंगलों को लेकर विवाद है वह ब्रिटिशकाल के रिडआउट रोड स्थित बंगला नंबर 26 और 31 हैं। ये बंगले 100 साल से भी पुराने हैं। ये सरकारी संपत्ति हैं। इन बंगलों का विवाद पहली बार इस साल मई में हुआ था, जब विपक्षी नेता और रिफॉर्म पार्टी के प्रमुख केनेथ जयरत्नम ने आरोप लगाया था कि मंत्रियों द्वारा सरकारी बंगलों का बाजार कीमत से कम किराए का भुगतान किया जा रहा है। इसके बाद सिंगापुर की भ्रष्टाचार निरोधी संस्था ने जांच की लेकिन जांच में मंत्रियों को क्लीन चिट मिल गई। संसद में भी यह मामला उठा। इसके बाद ली सीन यांग ने सोशल मीडिया पोस्ट कर दोनों मंत्रियों पर आरोप लगा दिए।
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