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Marine Corps: पगड़ी-दाढ़ी के साथ नौसेना में ट्रेनिंग करना चाहते हैं तीन सिख, US फेडरल कोर्ट में दायर की याचिका
Fri, 14 Oct 2022 02:25 PM IST
प्रांजुल श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रांजुल श्रीवास्तव
Updated Fri, 14 Oct 2022 02:25 PM IST
सार
अमेरिकी नौसेना में शामिल तीन सिख कैडेट्स ने मांग की है कि धार्मिक मान्यताओं के आधार उन्हें बाल, दाढ़ी और पगड़ी हटाए बिना प्रशिक्षण करने दिया जाए।
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
अमेरिकी नौसेना में शामिल तीन सिख कैडेट्स ने अमेरिकी संघीय अदालत में याचिका दायर की है। तीनों की मांग है कि उन्हें अपनी धार्मिक मान्यताओं के साथ बुनियादी प्रशिक्षण हासिल करने की अनुमति दी जाए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो आकाश सिंह, जसकीरत सिंह और मिलाप सिंह चहल की ओर से यह याचिका दायर की गई है।
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इसमें मांग की गई कि धार्मिक मान्यताओं के आधार उन्हें बाल, दाढ़ी और पगड़ी हटाए बिना प्रशिक्षण करने दिया जाए। बीते मंगलवार को तीनों याचिककार्ताओं की दलीलों को कोलंबिया कोर्ट के जजों ने सुना।
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मरीन टाइम्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि सितंबर में निचली अदालत ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद उन्होंने यूएस कोर्ट में अपील की। वहीं नौसेना की ओर से कहा गया है कि राष्ट्रीय हित के लिए एकरूपता बनाए रखने के लिए कोर के नियमों को लागू करना आवश्यक है।
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दोनों पक्षों में हुई तीखी बहस
मरीन कॉर्प्स की ओर से वकील ब्रायन स्प्रिंगर ने दलील पेश करते हुए कहा कि नौसेना को बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान रंगरूटों के बीच एकरूपता पर जोर देने का अधिकार है। इसका विरोध करते हुए न्यायाधीश पेट्रीसिया मिलेट ने कहा कि तर्क का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि बूट शिविर के दौरान कोई भी दल बाहर नहीं जा रहा। उन्होंने कहा, सिख धर्म में, पुरुष अनुयायियों के लिए कंगा, कृपाण दाढ़ी और बाल रखना अनिवार्य है।