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ट्रंप को झटका, मौत की सजा दोबारा शुरू करने की अपील सुप्रीम कोर्ट में खारिज
Sat, 07 Dec 2019 07:01 PM IST
Trainee Trainee
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
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Published by: Trainee Trainee
Updated Sat, 07 Dec 2019 07:01 PM IST
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को मृत्युदंड के मामले में देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर झटका मिला है। ट्रंप चाहते थे कि अमेरिका में मौत की सजा को जल्द से जल्द बहाल किया जा सके।
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मगर सुप्रीम कोर्ट ने इस पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले ने ट्रंप की योजना पर पानी फेर दिया है। दरअसल, अमेरिका में अगली सजा-ए-मौत सोमवार को श्वेत वर्चस्व के हिमायती डेनियल लुईस को दी जानी थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो सकेगा।
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लुईस ने 1996 में आठ साल की बच्ची समेत एक ही परिवार के तीन लोगों की हत्या कर दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने लुईस को मृत्युदंड सेे इनकार करते हुए कहा, यदि यह मामला 60 दिनों के भीतर निचली अदालतों द्वारा हल नहीं किया जाता है तो इसे फिर दाखिल किया जा सकता है।
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इससे पहले अमेरिकी न्याय मंत्रालय ने संघीय अपराधों के लिए मृत्युदंड की बहाली मांगी थी लेकिन सर्वोच्च अदालत ने इस पर लगी रोक को हटाने से इनकार कर दिया। इससे पहले अमेरिकी सरकार ने 1988 में मौत की सजा को बहाल किया था।
रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में आखिरी बार 16 साल पहले सजा-ए-मौत दी गई थी और तब से लेकर अब तक सिर्फ तीन बार मौत की सजा दी गई है।
15 जनवरी तक चार को मिलना था सजा-ए-मौत
अटॉर्नी जनरल विलियम बर्र ने जुलाई में एलान किया था कि संघीय ब्यूरो नया घातक इंजेक्शन प्रोटोकॉल अपनाएगा जिससे चार सजायाफ्ता हत्यारों को सजा-ए-मौत दी जाएगी। इन हत्यारों को मृत्युदंड के लिए 9 दिसंबर से 15 जनवरी के बीच यह तरीका अमल में लाना था।
चार लोगों ने इस तरीके से सजा-ए-मौत को चुनौती दी थी जिसके बाद निचली अदालतों ने फांसी की सजा पर रोक लगा दिया था।