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Tik Tok: फ्रांस में टिकटॉक पर सात परिवारों ने दायर किया मुकदमा; किशोरों की आत्महत्याओं के लिए बनाया आरोपी

Thu, 23 Jan 2025 07:09 PM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैसिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, कैसिस Published by: शिव शुक्ला Updated Thu, 23 Jan 2025 07:09 PM IST
सार

फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की कमीशन की गई चिल्ड्रन एंड स्क्रीन्स रिपोर्ट ने भी एल्गोरिद्म से जुड़ी नशे की लत पैदा करने वाली विशेषताओं पर प्रतिबंध लगाने और 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया की पहुंच को सीमित करने की सिफारिश की थी, लेकिन इन उपायों को अभी लागू नहीं किया गया है।

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Seven families filed lawsuit against TikTok in France; Made accused for suicides of teenagers
फ्रांस में भी टिकटॉक पर संकट। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अमेरिका के बाद फ्रांस में भी टिकटॉक के ऊपर आफत के बादल मंडराने लगे हैं। फ्रांसिसी शहर कैसिस के सात परिवारों ने किशोरों की आत्महत्या को लेकर चीनी वीडियो-शेयरिंग एप पर मुकदमा दायर किया है। इन सात परिवारों में से दो के बच्चों ने आत्महत्या कर अपनी जान ले ली थी। दरअसल, तीन साल पहले 15 साल की बेटी मैरी के उसके कमरे में मृत पाए जाने के बाद स्टेफनी मिस्त्रे की जिंदगी पूरी तरह बदल गई। मैरी ने आत्महत्या कर ली थी, और यह मिस्त्रे के लिए टिकटॉक के खिलाफ लड़ाई की शुरुआत थी।

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मिस्त्रे रोते हुए कहती हैं कि मैरी एक हंसमुख और मजाकिया लड़की थी, जो वकील बनने का सपना देखती थी। वह उसकी याद में अपनी लड़ाई जारी रखेंगी और इन प्लेटफॉर्म्स को जिम्मेदार ठहराने की मांग करेंगी। दरअसल, मैरी की मौत के बाद मिस्त्रे ने उसका फोन में आत्महत्या के तरीके सिखाने वाले वीडियो, ट्यूटोरियल और गंभीर कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करने वाले कमेंट्स थे। मिस्त्रे कहती हैं कि टिकटॉक के एल्गोरिद्म ने बार-बार उनकी बेटी को ऐसा खतरनाक कंटेंट दिखाया। मिस्त्रे कहती हैं कि इस एप ने उनकी बेटी पर ऐसा असर डाला कि उसने अवसाद और खुद को नुकसान पहुंचाने को सामान्य मान लिया।
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टिकटॉक ने ली मेरी बेटी की जान ली
मिस्त्रे का आरोप है कि टिकटॉक ने उनकी बेटी की मौत में सबसे बड़ा योगदान दिया। उनका कहना है कि यह एप वास्तविकता और ऑनलाइन देखी गई चीजों में फर्क न कर पाने वाले संवेदनशील किशोरों पर गहरे तक असर डालता है। उन्होंने इसे टिक-टिक करता बम कहा, क्योंकि अपनी जान लेने से पहले, मैरी ने अपने संघर्षों को समझाने के लिए वीडियो बनाए और टिकटॉक पर मशहूर सुसाइडब्वॉजय नामक म्यूजिक ग्रुप के गाने के बोलों का इस्तेमाल किया। मिस्त्रे ने यह भी बताया कि मैरी को स्कूल और ऑनलाइन दोनों जगहों पर धमकाया और परेशान किया गया। इस वजह से मिस्त्रे और उनके पति ने टिकटॉक पर मुकदमे के अलावा, मैरी के पांच सहपाठियों और उसके स्कूल के खिलाफ भी शिकायत दर्ज की है। वहीं, मिस्त्रे सहित फ्रांस के छह अन्य परिवारों ने टिकटॉक के खिलाफ मुकदमा किया है। इन परिवारों ने आरोप लगाया है कि एप खतरनाक कंटेंट को मॉडरेट करने में नाकाम रहा और बच्चों को इसके संपर्क में आने दिया।
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जानबूझकर बच्चों को उदासी भरे कंटेंट दिखा कमाता है पैसा
इन परिवारों का प्रतिनिधित्व करने वाली वकील लॉरे बूट्रॉन-मार्मियन कहती हैं कि टिकटॉक का एल्गोरिद्म कमजोर यूजर को निराशा के चक्र में फंसाकर मुनाफा कमाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह मुकदमा टिकटॉक को जिम्मेदार ठहराने और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजा मांगने की कोशिश करता है। मिस्त्रे का मानना है कि टिकटॉक जानबूझकर बच्चों को उदासी भरे कंटेंट की आदत लगाकर पैसे कमाता है। वकील मार्मियन ने यह भी कहा कि टिकटॉक के चीनी संस्करण डॉयिन में बच्चों के लिए सख्त नियंत्रण हैं, जैसे 14 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए स्क्रीन टाइम को 40 मिनट रोजाना के दायरे में रखना और केवल सुरक्षित कंटेंट दिखाना। यह साबित करता है कि टिकटॉक खतरनाक कंटेंट को जब वह चाहे तब नियंत्रित कर सकता है।

फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने की थी प्रतिबंध की सिफारिश
वहीं, फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों की कमीशन की गई चिल्ड्रन एंड स्क्रीन्स रिपोर्ट ने भी एल्गोरिद्म से जुड़ी नशे की लत पैदा करने वाली विशेषताओं पर प्रतिबंध लगाने और 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया की पहुंच को सीमित करने की सिफारिश की थी, लेकिन इन उपायों को अभी लागू नहीं किया गया है। मार्मियन को उम्मीद है कि टिकटॉक 2025 में फ्रांस में दायर मुकदमे का जवाब देगा, हालांकि फ्रांसीसी कानूनी प्रक्रिया में महीनों लग सकते हैं। अधिकारियों को टिकटॉक के यूरोपीय मुख्यालय में कंपनी को औपचारिक तौर पर जानकारी देने के लिए वक्त चाहिए।

टिकटॉक ने नकारे आरोप
टिकटॉक का दावा है कि उसकी गाइडलाइन्स आत्महत्या को बढ़ावा देने वाले कंटेंट पर प्रतिबंध लगाती हैं और इसके लिए उसने दुनियाभर में 40,000 सुरक्षा विशेषज्ञ नियुक्त किए हैं, जिनमें सैकड़ों फ्रेंच भाषा के मॉडरेटर्स हैं। कंपनी यह भी कहती है कि वह आत्महत्या से जुड़े वीडियो खोजने वाले यूजर्स को मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देती है। टिकटॉक का कहना है कि उसे आधिकारिक तौर पर नवंबर में दायर किए गए फ्रांसीसी मुकदमे के बारे में जानकारी नहीं मिली है और वह खतरनाक कंटेंट को हटाने के लिए काम करता है।

कंटेंट नशे की लत जैसा
टिकटॉक के प्रवक्ता के कंपनी के आत्महत्या या खुद को नुकसान पहुंचाने वाली सामग्री पर प्रतिबंध लगाने वाली बात पर आलोचकों का तर्क है कि टिकटॉक के मजबूत मॉडरेशन के दावे अधूरे हैं। सेंटर फॉर काउंटरिंग डिजिटल हेट का मुकाबला करने वाले सेंटर के सीईओ इमरान अहमद ने कहा कि खतरनाक वीडियो अक्सर कोड वर्ड्स और इमोजी का इस्तेमाल कर मॉडरेशन से बच निकलते हैं। टिकटॉक का एल्गोरिद्म इन्हें पकड़ने में नाकाम रहता है। इसका कंटेंट नशे की लत पैदा करने वाला है।

बुलिंग या पारिवारिक समस्याएं झेल रहे किशोर अधिक संवेदनशील
पेरिस-सिटी यूनिवर्सिटी के मनोवैज्ञानिक ग्रेगोइर बोरस्ट का कहना है कि सोशल मीडिया और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के बीच कोई साफ वैज्ञानिक संबंध नहीं पाया गया है। हालांकि, जो किशोर पहले से ही बुलिंग या पारिवारिक समस्याओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे होतें हैं, वे सोशल मीडिया के नकारात्मक प्रभावों के लिए अधिक संवेदनशील होते हैं।


चीनी एप वैश्विक स्तर पर भी जांच के दायरे
अमेरिका में बंद होने के खतरे से डोनाल्ड ट्रंप से अभयदान पाया टिकटॉक वैश्विक स्तर पर भी जांच के दायरे में आ गया है। इसके खिलाफ दुनियाभर में इसी तरह के मुकदमे चल रहे हैं। अमेरिका में, माता-पिता ने प्रमुख सोशल मीडिया कंपनियों के खिलाफ किशोरों की आत्महत्या सहित नुकसान पहुंचाने का आरोप के मुकदमे दायर किए हैं। वहीं,ऑस्ट्रेलिया में, 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया अकाउंट्स पर प्रतिबंध लगाने वाला कानून लागू किया गया है।

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