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Covid-19: कोरोना संक्रमण की तेज जांच के लिए वैज्ञानिकों ने विकसित किया सेंसर
Fri, 02 Oct 2020 05:04 PM IST
गौरव पाण्डेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लॉस एंजिल्स
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, लॉस एंजिल्स
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 02 Oct 2020 05:04 PM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पिक्साबे
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वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस संक्रमण की तेज जांच के लिए एक नया तरीका विकसित किया है। इसमें लार या रक्त की कम मात्रा वाले नमूने की जांच के लिए एक सेंसर का इस्तेमाल करके विभिन्न तरह का डाटा मिलाया जाता है। यह तरीका 10 मिनट से भी कम समय में परिणाम देता है।
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इस तरीके को विकसित करने में कैलीफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (कैल्टेक) के शोधार्थी भी शामिल रहे। इससे पहले इन शोधार्थियों ने ग्राफीन का बना हुआ एक वायरलेस सेंसर विकसित किया था, जो गठिया जैसी समस्याओं में रक्त, लार या पसीने में विभिन्न यौगिकों की कम मात्रा की पहचान कर सकता है।
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अध्ययन के अनुसार, ग्राफीन स्ट्रक्टर को एंटीबॉडीज इम्यून सिस्टम के ऐसे अणुओं के साथ रखा गया है, जो नोवल कोरोना वायरस सार्स-कोव-2 की तरह ही कुछ विशेष प्रोटीन के प्रति संवेदनशील होते हैं। सेंसर के इस नए संस्करण के सार्स-कोव-2 रैपिडप्लेक्स (SARS-CoV-2 RapisPlex) नाम दिया गया है।
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इस सेंसर में एंटीबॉडी और प्रोटीन हैं जो स्वत: इसे कोरोवायरस की मौजूदगी की पहचान करने की अनुमति देते हैं। अध्ययन के सह लेखक वेई गाओ का कहना है कि टेलीमिडिसिन का यह एकमात्र ऐसा प्लेटफॉर्म मैंने देखा है जो अकेले सेंसर से संक्रमण की जानकारी तीन तरह के डाटा से देता है।
वर्तमान में कोरोना वायरस संक्रमण की जांच के लिए जिन तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है वह काफी समय लेते हैं। ये तरीके जांच का परिणाम देने में कुछ घंटों से लेकर कुछ दिनों तक का समय ले लेते हैं। इसके साथ ही यह खर्चीले भी हैं और इनके उपकरण काफी जटिल होते हैं।
शोधार्थियों का कहना है कि यह तरीका आसान और सस्ता भी है। गाओ ने कहा कि हमारा लक्ष्य है कि इस तरीके को घरों में पहुंचाया जा सके। आने वाले दिनों में हम इसे अधिक खतरे वाले लोगों के घर पर जांच के लिए भेजेंगे। भविष्य में हम अन्य संक्रामक बीमारियों की घर पर जांच के लिए भी इस सेंसर में बदलाव कर सकते हैं।