Pakistan: SCO बैठक से पहले सुरक्षा व्यवस्था सबसे बड़ी चुनौती; जयशंकर समेत कई विदेशी प्रतिनिधि करेंगे शिरकत
पाकिस्तान में मंगलवार से शुरू होने वाले शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के उच्चस्तरीय सम्मेलन की मेजबानी के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। जानकारी के मुताबिक शंघाई सहयोग संगठन के सात प्रतिनिधि भी पाकिस्तान पहुंच चुके हैं। इस बीच, शांति बनाए रखने के लिए पुलिस, अर्धसैनिक रेंजर्स और सेना के जवानों को तैनात किया गया है।
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विस्तार
कल पाकिस्तान रवाना होंगे एस. जयशंकर
बता दें कि इस बैठक में शामिल होने के लिए विदेश मंत्री एस जयशंकर कल पाकिस्तान रवाना होंगे। वहीं चीन और रूस के प्रधानमंत्री समेत अन्य देश शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासनाध्यक्षों की दो दिवसीय 23वीं परिषद (सीएचजी) की बैठक में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में अर्थव्यवस्था, व्यापार और पर्यावरण के क्षेत्र में चल रहे सहयोग पर चर्चा की जाएगी।
शहबाज शरीफ करेंगे CHG की अध्यक्षता
जानकारी के मुताबिक सीएचजी बैठक में अर्थव्यवस्था, व्यापार, पर्यावरण, सामाजिक-सांस्कृतिक संबंधों के क्षेत्र में चल रहे सहयोग पर चर्चा की जाएगी और संगठन के प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। नेता एससीओ सदस्य देशों के बीच सहयोग को और बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण संगठनात्मक निर्णय लेंगे और संगठन के बजट को मंजूरी देंगे। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ, सीएचजी के वर्तमान अध्यक्ष के रूप में, आगामी सीएचजी बैठक की अध्यक्षता करेंगे।
इन देशों के प्रतिनिधि बैठक में होंगे शामिल
पाकिस्तानी विदेश कार्यालय के अनुसार, एससीओ सदस्य देशों का प्रतिनिधित्व भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर के अलावा चीन, रूस, बेलारूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान के प्रधानमंत्रियों के साथ-साथ ईरान के प्रथम उपराष्ट्रपति भी करेंगे। जबकि मंगोलिया के प्रधानमंत्री (पर्यवेक्षक राज्य) और तुर्कमेनिस्तान के विदेश मंत्रियों के मंत्रिमंडल के उपाध्यक्ष (विशेष अतिथि) भी बैठक में भाग लेंगे।
76 सदस्यीय रूसी प्रतिनिधिमंडल, चीन से 15 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल, भारत से चार सदस्यीय आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल, किर्गिस्तान से चार सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल और ईरान से दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल पहले ही इस्लामाबाद पहुंच चुका है।
शहबाज सरकार की मुसीबत बढ़ाएगी PTI
वहीं इस बैठक को देखते हुए पाकिस्तानी अधिकारियों ने सभी प्रकार की राजनीतिक सभाओं और विरोध प्रदर्शनों पर प्रतिबंध लगा दिया है, हालांकि, इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) की तरफ से विरोध प्रदर्शन की धमकी के कारण तनाव जारी है। बता दें कि पीटीआई ने घोषणा की है कि अगर पार्टी नेताओं और अन्य लोगों को इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं दी गई तो वे डी-चौक पर प्रदर्शन करेंगे। इस मामले में अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सख्ती से निपटने की चेतावनी दी, लेकिन पर्दे के पीछे पार्टी को अपना विरोध प्रदर्शन वापस लेने के लिए मनाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
एससीओ बैठक के लिए पाकिस्तान पहुंचे चीन के प्रधानमंत्री
चीन के प्रधानमंत्री ली कियांग सोमवार को चार दिवसीय यात्रा पर पाकिस्तान पहुंचे। इस दौरान वह शंघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। साथ ही पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ द्विपक्षीय बैठकें करेंगे। इसके अलावा रणनीतिक सीपीईसी सहित आपसी हितों के मुद्दों पर चर्चा करेंगे। 11 वर्षों में किसी चीनी प्रधानमंत्री की यह पहली पाकिस्तान यात्रा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने रावलपिंडी में नूर खान एयरबेस पर कैबिनेट मंत्रियों के साथ चीन के प्रधानमंत्री ली का स्वागत किया।
ली और अन्य विदेशी नेता मंगलवार और बुधवार को इस्लामाबाद में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के सदस्य देशों के शासनाध्यक्षों की परिषद (सीएचजी) की 23वीं बैठक में भाग लेंगे। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया पर चीन के प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें इस्लामाबाद में ली का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया कि मैं अपने भाई की ऐतिहासिक और उपयोगी यात्रा की प्रतीक्षा कर रहा हूं जो हमारी दोस्ती को और मजबूत और गहरा बनाएगी। उन्होंने लिखा कि हम मौजूदा पहलों, विशेषकर सीपीईसी पर प्रगति की समीक्षा करेंगे और पारस्परिक रूप से लाभप्रद सहयोग के नए रास्ते भी तलाशेंगे। पाकिस्तान-चीन ऑल-वेदर स्ट्रैटेजिक कोऑपरेटिव पार्टनरशिप क्षेत्रीय स्थिरता और समृद्धि की आधारशिला है।
शरीफ और ली पाकिस्तान-चीन संबंधों के सभी पहलुओं पर व्यापक चर्चा के लिए अपने-अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे। जिसमें आर्थिक और व्यापार संबंधों और 60 अरब अमेरिकी डॉलर के सीपीईसी के तहत सहयोग भी शामिल है। दोनों पक्ष क्षेत्रीय और वैश्विक विकास पर भी चर्चा करेंगे। प्रधानमंत्री ली राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी से भी मुलाकात करेंगे और संसदीय नेताओं के साथ बैठकें करेंगे। ली के साथ विदेश और वाणिज्य मंत्रालय, राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग और चीन अंतरराष्ट्रीय विकास सहयोग एजेंसी सहित मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी आए हैं।
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