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First Surgery: वैज्ञानिकों का दावा- 31 हजार साल पहले गुफाओं में हुई थी पहली सर्जरी, जानें कहां कैसे मिले सुबूत

Fri, 09 Sep 2022 04:39 AM IST
Jeet Kumar एजेंसी, लंदन।
एजेंसी, लंदन। Published by: Jeet Kumar Updated Fri, 09 Sep 2022 04:39 AM IST
सार

विशेषज्ञों के मुताबिक, एक जगह रुक कर खेतीबाड़ी करने वाले समुदायों में इस तरह के ऑपरेशन किए जाते थे। इससे पहले फ्रांस में इसके प्रमाण मिले थे। 

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Scientists claim first surgery was done in caves 31 thousand years ago
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

विस्तार

गुफाओं में रहने वाले लोगों ने करीब 31 हजार साल पहले पहली सर्जरी कर मरीज की जान बचाई थी। वैज्ञानिकों को दुनिया के सबसे पहले हुए सफल  अंग-विच्छेद के प्रमाण मिले हैं। बोर्नियो के एक सुदूर कोने में इन हड्डियों के अवशेष मिले हैं।

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अंग-विच्छेद यानी शरीर के हाथ-पांव में किसी हिस्से के बेकार या खराब हो जाने पर उसे काट कर अलग कर देना, ताकि बाकी शरीर को नुकसान से बचाया जा सके। इससे पहले फ्रांस में इसके प्रमाण मिले थे। 
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विशेषज्ञों के मुताबिक, एक जगह रुक कर खेतीबाड़ी करने वाले समुदायों में इस तरह के ऑपरेशन किए जाते थे। हालांकि, नई खोज से यह पता चलता है कि वर्तमान के इंडोनेशिया में ईस्ट कालीमंतान प्रांत में रहने वाले पाषाण युग के घुमक्कड़ शिकारियों के पास शरीर रचना और चोट की उन्नत चिकित्सा की जानकारी थी। 
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ऑस्ट्रेलिया की ग्रिफिथ यूनिवर्सिटी के रिसर्च फेलो टिम मैलोनी के मुताबिक, इस चिकित्सा के विकास के बारे में जो हमारी समझ है वह बिल्कुल बदल गई है। यह बिल्कुल साफ और तिरछा है। वास्तव में आप चीरे की आकृति और सतह को हड्डी में देखा जा सकता है। मरीज की उम्र 20 वर्ष रही होगी। उन्होंने कहा, इस खोज से पता चलता है कि अंगों की संरचना, मांसपेशियों और नाड़ी तंत्र की विस्तृत जानकारी थी। 

लियांग टेबो गुफा में मिला कंकाल
यह कंकाल 2020 में लियांग टेबो गुफा में मिला था जो 40 हजार साल पुराने भित्तिचित्र के लिए (सबसे पुरानी चित्रकला) जाना जाता है। वैज्ञानिकों को मिला कंकाल गाद के नीचे बिल्कुल सुरक्षित बचा हुआ था। इस कंकाल का एक टखना और पैर नहीं है। बाकी बचे पैर के हड्डी का आकार थोड़ा अलग है जो दिखाता है कि साफ तौर पर जान बूझ कर एक हिस्सा काट कर निकाला गया है जिसके बाद उसमें थोड़ा विकास हुआ है।

ऑपरेशन के बाद 9 साल जिंदा रहा
मैलोनी ने कहा, अंग-विच्छेद की तकलीफ के बावजूद ऐसा लगता है कि ऑपरेशन के बाद भी यह शख्स नौ साल तक जिंदा रहा था। सर्जरी इतनी कुशलता से की गई थी कि शरीर में संक्रमण के कोई निशान नहीं मिले हैं।


अपने समुदाय का रखते थे ध्यान
यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी में पोस्टडॉक्टोरल रिसर्च एसोसिएट मेलांद्री वोक ने कहा, ऑपरेशन के बाद उसका घाव भर गया था। उसकी त्वचा सूख चुकी थी। इसके बाद भी वह कई साल तक लकड़ी के सहारे चलता रहा था। यह सर्जरी बताती है कि उस समय लोग अपने समुदाय का कितना ध्यान रखते थे।

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