ईस्टर धमाकों को लेकर श्रीलंका में एक शख्स गिरफ्तार, जहरान हाशिम से संबंध का शक
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श्रीलंका के अधिकारियों ने ईस्टर धमाकों के संबंध में सऊदी से पढ़े एक शख्स को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों का मानना है कि हिरासत में लिए गए व्यक्ति के ईस्टर धमाकों के मुख्य साजिशकर्ता जहरान हाशिम से संबंध थे। श्रीलंकाई मुसलमानों में सलाफी-वहाबी इस्लाम के प्रति बढ़ते रुझान की जानकारी सामने आई है। माना जाता है कि हाशिम भी इस विचारधारा से प्रभावित था।
अधिकारियों ने 60 वर्षीय मोहम्मद अलियर को गिरफ्तार किया है। वह सेंटर फॉर इस्लामिक गाइडेंस नामक संस्था का संस्थापक है। अलियर ने श्रीलंका के मुस्लिम बहुल इलाके कट्टनकुड्डी में मस्जिद, धार्मिक स्कूल और लाइब्रेरी खोली है। पुलिस के मुताबिक जो सबूत उन्हें मिले हैं उसके मुताबिक अलियर का हाशिम से नजदीकी संबंध था। दोनों के बीच वित्तीय लेनदेन भी हुए थे। पुलिस का दावा यह भी है कि अलियर इस हमले की ट्रेनिंग में भी शामिल था।
सऊदी में पढ़ाई कर खोला था सेंटर फॉर इस्लामिक गाइडेंस
अलियर ने 1990 में इस सेंटर की शुरुआत की थी। यह सेंटर उसने रियाद में स्थित इमाम मोहम्मद इबिन इस्लामिक यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन करने के बाद बनाया। इस सेंटर को सऊदी और कुवैत से डोनेशन मिलती थी। बताते हैं कि जहरान हाशिम इसी लाइब्रेरी में आकर वहाबी संस्कृति से संबंधित किताबें पढ़ता था।
क्या है सलाफी इस्लाम
सलाफी इस्लाम का ही एक रूप है, जिसमें मुस्लिमों की पहली तीन पीढ़ियों द्वारा तय किए गए सामाजिक मूल्यों पर चलने को कहा जाता है। इसे कट्टरपंथी इस्लाम माना जाता है। इसकी जड़ें सऊदी अरब से शुरू होती हैं। अब क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान इस छवि को सुधारने के प्रयास कर रहे हैं।