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Saudi Arabia: जेद्दाह में योग पर कार्यशाला का आयोजन, 11 अरब देशों के प्रतिनिधियों ने लिया हिस्सा
Wed, 28 Dec 2022 10:40 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, रियाद
Published by: निर्मल कांत
Updated Wed, 28 Dec 2022 10:40 PM IST
सार
सऊदी अरब में पहली सर्टिफाइट योग शिक्षक व पद्म श्री पुरस्कार सम्मानित नौफ मरवई ने कहा कि वह चाहती हैं कि हर किसी को अपने जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इस अभ्यास तर पहुंच प्राप्त हो।
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जेद्दाह में योग पर कार्यशाला
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
शहर जेद्दाह में सऊदी योग समिति की ओर से एक कार्यशाला (वर्कशॉप) आयोजित की गई। इसमें 11 अरब देशों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। यह कार्यशाला 22 दिसंबर को शुरू हुई थी और इसका समापन 30 दिसंबर 2022 को होगा। खेल मंत्रालय द्वारा अरब यूथ एम्पावरमेंट प्रोग्राम के तहत इस कार्यशाला को आयोजित किया गया है।
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इस कार्यशाला में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), ओमान, यमन, फिलिस्तीन, मिस्र, लीबिया, एलेग्रिया, मोरक्को, ट्यूनिशिया और मॉरिटानिया जैसे अरब देशों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य योग सहित खेल, संस्कृति और मनोरंजन के क्षेत्र में हो रहे विकास से अरब युवा प्रतिनिधियों का परिचय कराना है।
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सऊदी अरब में पहली सर्टिफाइट योग शिक्षक व पद्म श्री पुरस्कार सम्मानित नौफ मरवई ने कहा कि वह चाहती हैं कि हर किसी को अपने जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए इस अभ्यास तर पहुंच प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि आज की वैश्विक चुनौतियों के बीच योग की आवश्यकता है, जो राष्ट्रों के बीच शांति का संदेश दे सके।
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नौफ ने कहा, इस अवसर के लिए मैं सबसे पहले खेल मंत्रालय को धन्यवाद देती हूं कि उसने हमारे अरब भाइयों और बहनों का शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के लिए इस खूबसूरत कला से परिचय कराया। मुझे लगता है कि हमने अपने समाज में योग को बढ़ावा देने और जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने और अवसाद (ड्रिपेशन) से लड़ने के लिए योग का अभ्यास करने की जरूरत है। हमने सभी सवालों के जवाब देने की भी कोशिश की, जिन्हें जानना जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा, हमने पारंपरिक योग, योगासन से खेल और योग थेरेपी के सिद्धांत और अभ्यास के बीच के अंतर को समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने पूरा बचपन ल्यूपस (ऑटोइम्यून रूमेटिक डिजीज) जैसी बीमारी के साथ व्यतीत किया और फिर जब योग का अभ्यास और आयुर्वेद की जीवनशैली का पालन करना शुरू किया तो पूरा जीवन बदल गया। नौफ आगे कहती हैं, मैं चाहती हूं कि हर कोई जीवन की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए इस खूबसूरत अभ्यास तक पहुंच बनाने में सक्षम हो, चाहे वे स्वस्थ हों या पुरानी बीमारी से पीड़ित हों।