फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Saudi Arabia new initiative Trying to reduce dependence on America in defense matters

सऊदी अरब की नई पहलः रक्षा मामले में अमेरिका पर निर्भरता घटाने की कोशिश? जानें पूरा मामला

Fri, 11 Feb 2022 04:25 PM IST
अभिषेक दीक्षित डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, रियाद
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, रियाद Published by: अभिषेक दीक्षित Updated Fri, 11 Feb 2022 04:25 PM IST
सार

खबरों के मुताबिक, इस योजना पर अमल के लिए सऊदी अरब ने हाल में कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर दस्तखत किए हैं। जिन कंपनियों या संस्थाओं के साथ करार किए गए हैं, उनमें ब्रिटेन की क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी और इटली की हथियार निर्माता कंपनी लियोनार्डो शामिल हैं।

विज्ञापन
Saudi Arabia new initiative Trying to reduce dependence on America in defense matters
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन - फोटो : ANI

विस्तार

सऊदी अरब अभी तक हथियारों के लिए अमेरिका पर आश्रित है, लेकिन अब ये बाजार अमेरिका के हाथ से निकल सकता है। सऊदी अरब ने अब रक्षा क्षेत्र में आत्म निर्भर होने की एक बड़ी योजना घोषित की है। इसी महीने घोषित इस योजना को ‘सैन्य उद्योग मानव पूंजी रणनीति’ (मिलिटरी इंडस्ट्रीज ह्यूमन कैपिटल स्ट्रेटेजी) नाम दिया गया है। इसका मकसद देश के अंदर ही ऐसे विशेषज्ञ तैयार करना है और जो आधुनिक हथियारों के बारे में रिसर्च कर सकें और उनके उत्पादन में योगदान कर सकें।

विज्ञापन


सऊदी अरब की इस पहल को अंतरराष्ट्रीय जगत में बड़ी दिलचस्पी से देखा जा रहा है। हाल में सऊदी अरब ने अपनी विदेश नीति में बदलाव के कई संकेत दिए हैं। दशकों से सऊदी अरब को पश्चिम एशिया में अमेरिका के खास सहयोगी के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन हाल में सऊदी अरब ने चीन के साथ अपने रिश्ते गहरे किए हैं। गौरतलब है कि बीजिंग में चल रहे विंटर (शीतकालीन) ओलंपिक खेलों के कूटनीतिक बहिष्कार के लिए अमेरिका की तरफ से चलाए गए अभियान की अनदेखी कर सऊदी प्रिंस सलमान इन खेलों के उद्घाटन समारोह में शामिल हुए।
विज्ञापन


अब सऊदी अरब ने हथियार उत्पादन के क्षेत्र में भी अमेरिका पर अपनी निर्भरता खत्म करने की पहल की है। उसकी नई योजना में छह मुख्य उद्देश्य घोषित किए गए हैं। उनमें शामिल हैं- नीतिगत समर्थन के जरिए सऊदी अरब के रक्षा क्षेत्र को सक्षम बनाना, रक्षा क्षेत्र में पेशेवर नजरिए वाले और कुशल विशेषज्ञ तैयार करना, रक्षा अनुसंधान और आविष्कार के लिए देश को सशक्त बनाना, डिजिटल क्षमताओं का विकास और नियोजन, प्रशिक्षण एवं फंडिंग में स्टेकहोल्डर्स (हित-धारकों) की भागीदारी बढ़ाना।
विज्ञापन
विज्ञापन


खबरों के मुताबिक, इस योजना पर अमल के लिए सऊदी अरब ने हाल में कई अंतरराष्ट्रीय समझौतों पर दस्तखत किए हैं। जिन कंपनियों या संस्थाओं के साथ करार किए गए हैं, उनमें ब्रिटेन की क्रैनफील्ड यूनिवर्सिटी और इटली की हथियार निर्माता कंपनी लियोनार्डो शामिल हैं। ये संस्थाएं सऊदी अरब में सैन्य उद्योग के विशेषज्ञ तैयार करने में योगदान देंगी, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि सऊदी अरब के लिए रक्षा क्षेत्र में पूरी आत्म निर्भरता हासिल करना निकट भविष्य में संभव नहीं है।

हालांकि, सऊदी अरब इस दिशा में बढ़ने के लिए गंभीर है। उसने घरेलू रक्षा उद्योग लगाने की दिशा में महत्त्वपूर्ण प्रगति की है। बख्तरबंद गाड़ियां, संचार और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और स्वचालित ड्रोन सऊदी अरब में पहले से ही बनाए जा रहे हैं। अब वह उन्नत अस्त्र प्रणालियों को भी बनाने की दिशा में कदम उठा रहा है। 


सऊदी अरब दुनिया के उन देशों में है, जो रक्षा पर सबसे ज्यादा खर्च करते हैं। इस लिहाज से 2020 उसका दुनिया में छठा स्थान था। उस साल सऊदी अरब ने अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 8.4 फीसदी हिस्सा रक्षा बजट के लिए रखा। लेकिन अब इस वर्ष सऊदी सरकार ने रक्षा बजट में दस फीसदी कटौती करने का एलान किया है। विश्लेषकों का कहना है कि अब चूंकि सऊदी अरब देश के अंदर ही हथियार बनाने को प्राथमिकता दे रहा है, इसीलिए उसने अपने रक्षा बजट को घटाया है। घरेलू हथियार खरीदे गए हथियारों की तुलना में सस्ते बैठेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed