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सऊदी अरब दुनिया को भरमाने में नाकाम, एमनेस्टी ने महिलाओं के गोल्फ टूर्नामेंट को बताया फरेब
Sun, 15 Nov 2020 06:48 PM IST
दीप्ति मिश्रा
डिजिटल ब्यूरो, जेद्दाह
डिजिटल ब्यूरो, जेद्दाह
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Sun, 15 Nov 2020 06:48 PM IST
सार
- सऊदी मानवाधिकार हनन और महिलाओं पर अत्याचार के मामले में बदनाम
- छवि सुधारने की कोशिश के तहत कराया गया महिलाओं का गोल्फ टूर्नामेंट
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Saudi Arab
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विस्तार
सऊदी अरब में पहली बार आयोजित महिलाओं का प्रोफेशनल गोल्फ टूर्नामेंट समाप्त हो गया। माना जा रहा है कि इस टूर्नामेंट के जरिये सऊदी अरब दुनिया को यह दिखाने की कोशिश कर रहा है कि महिलाओं को परदे में रखने के मामले में उसका रुख अब बदल गया है। लेकिन मानवाधिकर संगठन ने इसे दुनिया को भरमाने की कोशिश करार दिया है। महिलाओं के खिलाफ सख्त नियमों के कारण सऊदी अरब लंबे समय से दुनिया की आलोचना का पात्र रहा है।
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पिछले कुछ वर्षों में उसने यह संदेश देने की कोशिश जरूर की है कि उसके यहां महिलाओं की स्थिति उतनी खराब नहीं है, लेकिन अब तक वह ऐसी धारणा बनाने में नाकाम रहा है। ताजा प्रयास के बाद सऊदी अरब पर ये आरोप लगा कि अपने मानवाधिकारों की रक्षा के मामले में अपने खराब रिकॉर्ड से दुनिया का ध्यान हटाने के लिए वह गोल्फ टूर्नामेंट जैसे दिखावटी आयोजन कर रहा है।
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असलियत छिपाने की कोशिश बताया
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने महिलाओं के लिए गोल्फ टूर्नामेंट के आयोजन को ‘स्पोर्ट्सवॉशिंग’ यानी महिला और मानव अधिकारों की असल हालत पर खेल का परदा डालने की कोशिश करार दिया है। इस संगठन के क्षेत्रीय निदेशक लिन मालॉफ ने टीवी चैनल यूरोन्यूज से कहा- हमें मालूम है कि सऊदी अरब में अनेक महिलाएं बिना किसी अपराध के पिछले दो वर्षों से जेल में हैं। उनका दोष सिर्फ यह था कि उन्होंने सुधारों को लागू करने की मांग की थी। उन्होंने अपने समान अधिकारों की रक्षा की मांग की थी। इसके लिए उन्हें जेल में डाल दिया गया।
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अभिव्यक्ति के लिए 60 महिलाओं को सजा दी
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ऐसे 60 से ज्यादा मामलों की सूची बनाई है, जिनमें व्यक्तियों पर सिर्फ इसलिए मुकदमा चलाया गया या उन्हें कड़ी सजा दी गई कि उन्होंने शांतिपूर्ण ढंग से अपने विचार व्यक्त करना चाहा था। एमनेस्टी के मुताबिक, इन लोगों ने इस पर जोर दिया था कि अपने विचारों की अभिव्यक्ति उनका बुनियादी हक है, लेकिन ये बात सऊदी अधिकारियों को रास नहीं आई।
खेल टूर्नामेंट मात्र एक पीआर स्टंट
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने कहा कि सऊदी अरब सरकार को खेल टूर्नामेंटों के आयोजन जैसे पीआर स्टंट करने के बजाय ऐसे सकारात्मक कदम उठाने चाहिए, जिससे समाज में असल में बदलाव हो। लेकिन वहां दर्जनों लोगों को शांतिपूर्ण गतिविधियों में शामिल होने के लिए जेल में डाल दिया गया है। एमनेस्टी ने कहा कि जब तक ऐसी स्थिति बनी रहती है, महिलाओं के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन महज एक पाखंड बना रहेगा।
सऊदी लेडीज इंटरनेशनल गोल्फ टूर्नामेंट की शुरुआत शुक्रवार को हुई। इसका समापन रविवार को हुआ। इसका आयोजन रॉयल ग्रीन्स गोल्फ एंड कंट्री क्लब में किया गया। इसमें इनाम की रकम आठ लाख 46 हजार यूरो थी। इसके आयोजन के सिलसिले में सऊदी अरब जनलर स्पोर्ट्स ऑथरिटी के प्रमुख अब्दुलअजीज बिन तुर्की अल-फैसल ने कहा था कि सऊदी अरब अब बदलाव के दौर से गुजर रहा है। ताजा आलोचनाओं पर उन्होंने कहा- पहले हमारी यह कहकर आलोचना होती थी कि हम अपने देश को बाकी दुनिया के लिए नहीं खोल रहे हैं। हम पर्यटन के लिए बाहरी लोगों को नहीं आने देते। अब हम ऐसा कर रहे हैं तो वे लोग इसे स्पोर्ट्सवॉश कह रहे हैं।