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S Jaishankar: यूरोपीय संघ से मजबूत हो रहे भारत के रिश्ते, एआई-सेमीकंडक्टर तकनीक करेंगे साझा
Wed, 17 May 2023 02:19 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Wed, 17 May 2023 02:19 AM IST
सार
एस जयशंकर ने कहा कि ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की पहली बैठक भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
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यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ एस जयशंकर और अन्य मंत्री
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों बेल्जियम के दौरे पर गए हुए हैं। वहां उन्होंने बेल्जियम के प्रधानमंत्री एलेक्जेंडर डे क्रू से मुलाकात की और द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की। यूरोप के साथ भारत के संबंध हाल के सालों में मजबूत हुए हैं और इन संबंधों के लिहाज से विदेश मंत्री का यह बेल्जियम दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
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दरअसल विदेश मंत्री जयशंकर मंगलवार को बेल्जियम की राजधानी ब्रूसेल्स में आयोजित भारत-यूरोपीय संघ की ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल की पहली बैठक में शामिल हुए। विदेश मंत्री के साथ ही आईटी मंत्री राजीव चंद्रशेखर और वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल भी इस बैठक में शामिल हुए।
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बैठक को संबोधित करते हुए एस जयशंकर ने मंगलवार को कहा कि ब्रसेल्स में भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की पहली बैठक भारत और यूरोपीय संघ के बीच रणनीतिक साझेदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। आगे कहा कि हम स्पष्ट रूप से एक दूसरे के लिए महत्वपूर्ण भागीदार हैं, लेकिन टीटीसी जो दर्शाता है वह उन प्रमुख डोमेन पर ध्यान केंद्रित करता है जो वैश्विक अर्थव्यवस्था और वैश्विक सुरक्षा दोनों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
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आगे उन्होंने कहा कि आज चुनौती एक साथ जिम्मेदार विकास और वैश्विक जोखिम को कम करने की दोहरी आवश्यकताओं को संबोधित करने की है। इसका अर्थ है लचीला और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला और वैश्विक उत्पादन और विकास के अतिरिक्त चालकों को बढ़ावा देना है।
भारत और यूरोपीय संघ के रिश्ते हुए मजबूत
भारत और यूरोपीय संघ के संबंध बीते कुछ सालों में काफी मजबूत हुए हैं। बीते साल जब यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत का दौरा किया तो उस दौरान ही पीएम मोदी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल (व्यापार और तकनीक परिषद) की शुरुआत की थी। इसके तहत भारत और यूरोपीय संघ ने तीन वर्किंग ग्रुप बनाए हैं। जिनमें पहले वर्किंग ग्रुप के तहत भारत और यूरोपीय संघ रणनीतिक तौर पर अहम तकनीक, डिजिटल प्रशासन और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे।
एआई, सेमीकंडक्टर जैसी तकनीक में सहयोग बढ़ाएंगे भारत और ईयू
पहले वर्किंग ग्रुप के तहत भारत और यूरोपीय संघ क्रिटिकल टेक्नोलॉजी जैसे आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्वांटम कंप्युटिंग, सेमीकंडक्टर और साइबर सिक्योरिटी जैसी अहम तकनीकों के क्षएत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। वहीं दूसरे वर्किंग ग्रुप के तहत हरित ऊर्जा और अक्षय ऊर्जा तकनीक के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। तीसरे वर्किंग ग्रुप के तहत दोनों पक्ष निवेश, व्यापार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाएंगे। यूरोपीय संघ से पहले भारत अमेरिका के साथ भी ट्रेड एंड टेक्नोलॉजी काउंसिल समझौता कर चुका है। मंगलवार को ब्रूसेल्स में होने वाली टीटीसी की पहली बैठक होगी।