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रूस-यूक्रेन युद्ध : हाथों से बारूदी सुरंग हटा रहे निहत्थे नागरिक, राइफलों के साथ संभाल रहे मोर्चा

Tue, 01 Mar 2022 02:19 AM IST
योगेश साहू न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कीव/मॉस्को।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, कीव/मॉस्को। Published by: योगेश साहू Updated Tue, 01 Mar 2022 02:19 AM IST
सार

यूक्रेन पर रूसी हमले के विरोध में जर्मनी में करीब एक लाख लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। मध्य बर्लिन में ब्रैंडनबर्ग गेट के आसपास भारी संख्या में लोग एकत्र हुए, उन्हें अतिरिक्त जगह दी जा रही है। विरोध प्रदर्शन में बच्चों समेत परिवारों ने भाग लिया। लोगों ने यूक्रेन के समर्थन में पीले और नीले झंडे लहराए।

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Russo Ukraine Conflict, War : Unarmed civilians removing landmines with their hands, handling the front with rifles
यूक्रेन की राजधानी कीव में सड़क किनारे एक सैन्य ट्रक के जलने के बाद हथगोले एकत्र करता एक जवान। - फोटो : PTI

विस्तार

रूस-यूक्रेन के बीच छिड़ी जंग सोमवार को पांचवें दिन में प्रवेश कर गई। यूक्रेन से जहां लाखों लोग पलायन कर हंगरी, रोमानिया, पोलैंड और अन्य पड़ोसी देशों का रुख कर रहे हैं और वहीं कुछ निहत्थे लोग भी रूसी सेना का मुकाबला कर रहे हैं। यूक्रेन में लोगों ने अब अपना जरूरी काम रोककर बम और राइफल बनाने का जिम्मा ले लिया है। कई जांबाज तो अपने हाथों से बारूदी सुरंग तक हटा रहे हैं।

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रूसी सेना यूक्रेन में चारों तरफ से आगे बढ़ रही है। खारकीव, निप्रो और ओडेसा जैसे बड़े शहरों में स्थानीय लोग रूसी टैंकों के सामने खड़े हो गए। इस संबंध में उक्त शहरों से साझा किए कई वीडियो से इसकी तस्दीक हुई है। कई जगह लोगों ने पेट्रोल बम बनाने का सामान एकत्र कर संघर्ष करने वाले नागरिकों को इसकी सप्लाई शुरू कर दी है। ल्वीव शहर में कई जगह रूसी सेना से मुकाबले के लिए स्थानीय नागरिकों ने राइफलों के साथ मोर्चा संभाल लिया है। 
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उधर, दोनेस्क और लुहांस्क प्रांत में रूसी सेना के टैंक पूरे क्षेत्र में चक्कर लगाते देखे गए। यहां यूक्रेन सरकार के बागी लोग वहां सरकारी दफ्तरों और समर्थकों पर हमला कर रहे हैं। यूक्रेन का दावा है कि इस संघर्ष में अब तक उसके 352 आम नागरिकों की मौत हो चुकी है, जिनमें 14 से ज्यादा बच्चे शामिल हैं। कीव के अलावा खारकीव व मारियुपोल में भी तबाही के मंजर दिख रहे हैं। 
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कई जगह विरोध-प्रदर्शन
यूक्रेन पर रूसी हमले के विरोध में जर्मनी में करीब एक लाख लोगों ने सड़कों पर प्रदर्शन किया। मध्य बर्लिन में ब्रैंडनबर्ग गेट के आसपास भारी संख्या में लोग एकत्र हुए, उन्हें अतिरिक्त जगह दी जा रही है। विरोध प्रदर्शन में बच्चों समेत परिवारों ने भाग लिया। लोगों ने यूक्रेन के समर्थन में पीले और नीले झंडे लहराए। 

लोगों के हाथों में तख्तियों पर लिखा था- ‘यूक्रेन छोड़ो’, ‘पुतिन जाओ-इलाज कराओ और यूक्रेन एवं दुनिया को शांत रहने दो’। ब्रिटेन व यूरोप के कई देशों में भी लोग सड़कों पर उतरे। फ्रांस, हंगरी, जॉर्जिया, स्पेन और अमेरिका में व्हाइट हाउस के सामने रूसी दूतावास के बाहर भी प्रदर्शन हुए।

न्यूयॉर्क ने यूक्रेनियों के लिए रास्ते खोले
अमेरिका में न्यूयॉर्क प्रांत की कैथी होचुल सरकार ने अपने राज्य के रूस के साथ व्यापार से इनकार करने वाले एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत किए। इसमें रूस के साथ निवेश को भी रद्द कर दिया गया है। न्यूयॉर्क के गवर्नर ने क हा कि रूस के हमले के जवाब में हमारे राज्य की सरकार यूक्रेनी नागरिकों का स्वागत करेगी। होचुल ने कहा, हमने कहा है कि हम यूक्रेन के लोगों के लिए अपने दिल, अपने घर, अपने संसाधन खोल देंगे, हम आपके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, यदि आपको रहने के लिए जगह चाहिए, तो आप यहां आ सकते हैं, हम आपको हमारे समुदाय में एकीकृत होने में मदद करेंगे।

बेलारूस : विरोध-प्रदर्शन पर 500 से ज्यादा गिरफ्तार
यूक्रेन पर रूस के हमले के विरोध में प्रदर्शन करने पर बेलारूस में 500 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया गया है। वियास्ना मानवाधिकार केंद्र ने बेलारूस में हिरासत में लिए गए 530 लोगों के नाम जारी किए। यूक्रेन पर रूसी हमले के खिलाफ बेलारूस में कम से कम 12 शहरों में प्रदर्शन हुए। देश की राजधानी मिन्स्क में प्रदर्शनकारियों ने यूक्रेनी झंडे के साथ शहर में मार्च किया। बेलारूस सरकार रूस के समर्थन में है।

जेलेंस्की की हत्या के लिए भेजे गए 400 रूसी
ब्रिटिश अखबार ‘द टाइम्स’ ने खबर दी है कि रूस फिलहाल यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की की हत्या की फिराक में है। बताया जा रहा है कि राजधानी कीव में 400 रूसी हत्यारे मौजूद हैं और वो जेलेंस्की की हत्या के लिए भेजे गए हैं। बता दें, रूसी सेना ने यूक्रेन के कई शहरों पर कब्जा जमा लिया है और मुख्य यूक्रेनी शहरों में क्रूज मिसाइलों से हमले जारी हैं।

पुतिन ऐसे खतरों का निर्माण कर रहे जो अस्तित्व में नहीं : व्हाइट हाउस
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव जेन साकी ने कहा कि यूक्रेन पर हमले को सही ठहराने के लिए रूसी राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन ऐसे खतरों का निर्माण कर रहे हैं जो अस्तित्व में नहीं हैं। उन्होंने कहा, अमेरिका इसके खिलाफ खड़ा होगा और मॉस्को के विरुद्ध ऊर्जा संबंधी प्रतिबंध भी लगाए जा सकते हैं। साकी ने कहा कि यह प्रतिबंध ईरान पर लगाई गई पाबंदियों के समान हैं और इससे रूस की बैंकिंग व्यवस्था वैश्वक समुदाय से कट जाएगी। उन्होंने कहा, हमने उनके 80 प्रतिशत बैंकों और वित्तीय क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए हैं।

रूसी विमानों के लिए अपना हवाई क्षेत्र बंद करेंगे यूरोप-कनाडा
रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद यूरोप और कनाडा ने कहा है कि वे रूसी विमानन कंपनियों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर देंगे, जिससे अमेरिका पर भी ऐसा करने का दबाव बढ़ेगा। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयन ने कहा कि यूरोपीय संघ रूसियों के स्वामित्व वाले, पंजीकृत या नियंत्रित विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर देगा, जिसमें अभिजात्य वर्गों के निजी जेट भी शामिल हैं।

कनाडा के परिवहन मंत्री उमर अलघाबरा ने कहा कि उनका देश अपने पड़ोसी पर अकारण हमले के लिए रूस को जिम्मेदार ठहराने के वास्ते सभी रूसी विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर रहा है। यूरोपीय संघ की कार्रवाई उसके कई सदस्य देशों द्वारा यह कहे जाने के बाद हुई है कि वे रूसी विमानों को रोक रहे हैं या रविवार रात तक ऐसा करने की योजना बना रहे हैं।

बेल्जियम के प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने ट्वीट किया कि यूरोपीय आसमान उन लोगों के लिए खुला है जो लोगों को जोड़ते हैं, न कि उनके लिए जो क्रूरता से आक्रमण करना चाहते हैं। नीदरलैंड के मंत्री मार्क हार्बर्स ने कहा, डच हवाई क्षेत्र में एक ऐसे शासन के लिए कोई जगह नहीं, जो अनावश्यक और क्रूर हिंसा का इस्तेमाल करता है।

जर्मनी ने पुरानी नीति में ऐतिहासिक बदलाव कर यूक्रेन की सैन्य मदद का फैसला किया
जर्मनी ने दुनिया को स्तब्ध करते हुए, यूक्रेन को टैंक रोधी हथियार और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें देने का फैसला किया है। इसके साथ ही उसने युद्धग्रस्त क्षेत्र में हथियार का निर्यात नहीं करने की द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से चली आ रही अपनी विदेश नीति में ऐतिहासिक बदलाव का संकेत दिया है।

जर्मनी के चांसलर ओलाफ शॉल्त्स ने संसद के विशेष सत्र में दिए भाषण में कहा, यह नई वास्तविकता है। उन्होंने कहा कि यूक्रेन पर रूस के हमने के बाद जर्मनी द्वारा नाटकीय रूप से पहले की तुलना में अलग प्रतिक्रिया की जरूरत है।

बुंडस्टाग (जर्मन संसद) में शॉल्त्स ने कहा, राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन द्वारा यूक्रेन पर किए गए हमले ने नई हकीकत पैदा कर दी है और यह वास्तविकता स्पष्ट उत्तर की मांग करती है, हमने एक उत्तर दिया है। उन्होंने कहा कि जर्मनी यूक्रेन को टैंक रोधी हथियार और जमीन से हवा में मार करने वाली मिसाइलें भेज रहा है।

तनाव के बीच चीन ने अमेरिका से रिश्ते सुधारने की इच्छा जताई
ताइवान, व्यापार और अन्य कई मुद्दों पर विवाद के बीच चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने अमेरिका से रिश्तों में सुधार के लिए कदम उठाने की मंग की है। चीन ने सोमवार को शंघाई कम्यूनीक की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में यह मांग रखी। उन्होंने अमेरिका से संबंधों को पटरी पर लाने के लिए उचित और व्यावहारिक चीन नीति बहाल करने की अपील की।

इस बीच, वांग यी ने चीन की वह शिकायत भी दोहराई कि अमेरिका अपनी प्रतिबद्धताओं को बरकरार नहीं रख रहा है। उन्होंने कहा कि पक्षों को रिश्तों की समीक्षा व्यापक परिदृश्य में, अधिक समग्र रुख के साथ, मतभेदों के बजाय सहयोगात्मक आधार पर करनी चाहिए। विदेश मंत्री ने कहा, अमेरिका को चीन को विकास में प्रतिद्वंद्वी के बजाय साझेदार के तौर पर देखना चाहिए। 

लंबी दूरी के रॉकेट परीक्षण की योजना बना रहा उत्तर कोरिया
पूरी दुनिया इस समय रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध को लेकर बिगड़ते हालात का सामना कर रही है, वहीं उत्तर कोरिया अपनी सैन्य शक्ति बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। एक दिन पहले ही मिसाइल परीक्षण करने के बाद अब खबर है कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी के रॉकेट के परीक्षण की योजना बना रहा है।

इस संबंध में उत्तर कोरिया ने सोमवार को कहा कि उसने टोही उपग्रह में लगाने के लिए कैमरों की जांच की है। यह बयान इस बात का संकेत है कि उत्तर कोरिया लंबी दूरी वाले रॉकेट के परीक्षण की योजना बना रहा है और इसके माध्यम से अपने हथियारों के जखीरे को आधुनिक बनाएगा। इससे एक दिन पहले ही उसने एक बार फिर से मिसाइल परीक्षण किया, हालांकि अभी तक यह नहीं पता चला है कि यह कौनसी मिसाइल थी। 

अमेरिकी विशेष दूत सुंग किम ने इस परीक्षण की निंदा की है क्योंकि इससे कोरियाई प्रायद्वीप के सात देश अस्थिर होंगे। रविवार के परीक्षण में टोही उपग्रह में लगने वाले कैमरे का परीक्षण भी शामिल था, जिसकी मदद से पृथ्वी के एक खास क्षेत्र की लंबवत और तिरछी फोटो लेने का लक्ष्य है।

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