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रूसी राष्ट्रपति को बड़ा झटका: रूस-यूक्रेन युद्ध के विरोध में सलाहकार ने देश छोड़ा, 25 साल पहले पुतिन को दिलाई थी नौकरी
Wed, 23 Mar 2022 09:39 PM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Wed, 23 Mar 2022 09:39 PM IST
सार
चुबैस को 1990 के सोवियत संघ के दौर के उन सुधारकों के तौर पर जाना जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक पुतिन सरकार में विश्वासपात्र के तौर पर जगह बनाए रखी।
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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सलाहकार एनातोली चुबैस ने दिया इस्तीफा।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
रूस की ओर से यूक्रेन पर हमला बोले अब 28 दिन हो चुके हैं। हालांकि, पुतिन की सेना को अब तक कीव और खारकीव जैसे बड़े शहरों पर कब्जा करने में कोई सफलता नहीं मिली है। उल्टा पुतिन पर ही जल्दबादी में बिना सोचे-समझे अपनी सेना भेजने और मासूमों की जान लेने का आरोप लग रहा है। इस बीच खबर आई है कि पुतिन के एक करीबी सलाहकार ने युद्ध के विरोध में पद छोड़ने के साथ देश भी छोड़ दिया है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन के करीबी और रूस के जलवायु मामलों के राजदूत एनाटोली चुबैस (66) सरकार में अब तक के सबसे अफसर हैं, जिन्होंने रूस के हमले को लेकर विरोध जताया और फिर पद से इस्तीफा दे दिया। चुबैस को 1990 के सोवियत संघ के दौर के उन सुधारकों के तौर पर जाना जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक पुतिन सरकार में विश्वासपात्र के तौर पर जगह बनाए रखी। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ रूस के रिश्ते बेहतर रखने में मदद की। 2000 से पहले तक पुतिन के उभार में चुबैस का बड़ा हाथ माना जाता है। इसी दौर में रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने सत्ता छोड़कर पुतिन के हाथों में सौंपी थी।
रूस के निजीकरण के वास्तुकार कहे जाने वाले चुबैस ने ही 1990 के मध्य में व्लादिमीर पुतिन को क्रेमलिन (रूस सरकार के केंद्र) में नौकरी दिलाई थी। अगले कई साल तक उन्होंने पुतिन को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई। बाद में पुतिन के नेतृत्व में चुबैस ने कई सरकारी कंपनियों के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। पिछले साल ही पुतिन ने उन्हें जलवायु मामलों के राजदूत की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ही मॉस्को समेत पूरे रूस में आर्थिक संकट की स्थिति पैद हुई है। पुतिन ने 16 मार्च को चेतावनी दी थी कि वे रूस से सभी गद्दारों को साफ कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ बड़े चेहरे गुपचुप तरीके से अमेरिका और उसके सहयोगियों से अच्छे रिश्ते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरे भी रूस छोड़कर भाग सकते हैं।
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ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन के करीबी और रूस के जलवायु मामलों के राजदूत एनाटोली चुबैस (66) सरकार में अब तक के सबसे अफसर हैं, जिन्होंने रूस के हमले को लेकर विरोध जताया और फिर पद से इस्तीफा दे दिया। चुबैस को 1990 के सोवियत संघ के दौर के उन सुधारकों के तौर पर जाना जाता है, जिन्होंने लंबे समय तक पुतिन सरकार में विश्वासपात्र के तौर पर जगह बनाए रखी। इस दौरान उन्होंने पश्चिमी देशों के साथ रूस के रिश्ते बेहतर रखने में मदद की। 2000 से पहले तक पुतिन के उभार में चुबैस का बड़ा हाथ माना जाता है। इसी दौर में रूस के तत्कालीन राष्ट्रपति बोरिस येल्तसिन ने सत्ता छोड़कर पुतिन के हाथों में सौंपी थी।
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रूस के निजीकरण के वास्तुकार कहे जाने वाले चुबैस ने ही 1990 के मध्य में व्लादिमीर पुतिन को क्रेमलिन (रूस सरकार के केंद्र) में नौकरी दिलाई थी। अगले कई साल तक उन्होंने पुतिन को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई। बाद में पुतिन के नेतृत्व में चुबैस ने कई सरकारी कंपनियों के प्रमुख की जिम्मेदारी संभाली। पिछले साल ही पुतिन ने उन्हें जलवायु मामलों के राजदूत की जिम्मेदारी सौंपी थी।
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गौरतलब है कि रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू होने के बाद से ही मॉस्को समेत पूरे रूस में आर्थिक संकट की स्थिति पैद हुई है। पुतिन ने 16 मार्च को चेतावनी दी थी कि वे रूस से सभी गद्दारों को साफ कर देंगे। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ बड़े चेहरे गुपचुप तरीके से अमेरिका और उसके सहयोगियों से अच्छे रिश्ते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े चेहरे भी रूस छोड़कर भाग सकते हैं।