फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Russian President Putin said: Modi and Xi are responsible leaders, both capable of resolving India-China issues

रूसी राष्ट्रपति पुतिन बोले: मोदी और शी जिम्मेदार नेता, दोनों भारत-चीन के मुद्दे सुलझाने में सक्षम

Sat, 05 Jun 2021 04:54 PM IST
सुरेंद्र जोशी पीटीआई, सेंट पीटर्सबर्ग 
पीटीआई, सेंट पीटर्सबर्ग  Published by: सुरेंद्र जोशी Updated Sat, 05 Jun 2021 04:54 PM IST
सार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने पीएम नरेंद्र मोदी व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की परोक्ष तारीफ की। उन्होंने इन दोनों नेताओं को सक्षम बताने के साथ ही दोनों देशों के विवाद में किसी तीसरे पक्ष क मध्यस्थता को भी खारिज कर दिया। उन्होंने क्वाड की भी परोक्ष आलोचना की। 
 

विज्ञापन
Russian President Putin said: Modi and Xi are responsible leaders, both capable of resolving India-China issues
पीएम नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति पुतिन व चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, फाइल फोटो

विस्तार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने शनिवार को इस बात पर जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग दोनों 'जिम्मेदार नेता' हैं। ये दोनों नेता दोनों देशों के बीच मुद्दों का समाधान करने में सक्षम हैं। यह महत्वपूर्ण है कि क्षेत्र से इतर किसी भी ताकत को इस प्रक्रिया में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

विज्ञापन


चार देशों-भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के समूह क्वाड की रूस द्वारा सार्वजनिक रूप से आलोचना किए जाने के बीच पुतिन ने कहा कि किसी राष्ट्र को किसी पहल में किस तरह शामिल होना चाहिए और उन्हें अन्य देशों के साथ किस सीमा तक संबंध बनाने चाहिए, यह आकलन करने का काम मॉस्को का नहीं है, लेकिन कोई भी साझेदारी किसी अन्य के खिलाफ एकजुट होने के मकसद से नहीं होनी चाहिए।
विज्ञापन


क्वाड को लेकर चीन ने कही है यह बात
क्वाड तथा इस समूह में भारत के शामिल होने पर मॉस्को की राय के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन की यह टिप्पणी चीन के उस दावे की पृष्ठभूमि में आई है कि राष्ट्रों का यह समूह रणनीतिक हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बीजिंग के प्रभाव को नियंत्रित करने के लिए बनाया गया है। पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत के साथ रूस की साझेदारी तथा मॉस्को और बीजिंग के बीच संबंध में कोई 'विरोधाभास' नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पड़ोसी देशों में कुछ मुद्दे हमेशा से रहते हैं: पुतिन

पुतिन ने एक समाचार एजेंसी से डिजिटल संवाद में एक दुभाषिये की सहायता से चर्चा में कहा कि 'हां, मैं जानता हूं कि भारत और चीन के संबंधों से जुड़े कुछ मुद्दे हैं, लेकिन पड़ोसी देशों के बीच अनेक मुद्दे हमेशा से होते हैं। हालांकि, मैं भारत के प्रधानमंत्री तथा चीन के राष्ट्रपति, दोनों के रूख से अवगत हूं। वे बहुत ही जिम्मेदार लोग हैं और एक-दूसरे के साथ दृढ़ निश्चय एवं पूरे सम्मान के साथ पेश आते हैं। मुझे भरोसा है कि सामने कोई भी मुद्दा आ जाए, वे उसका समाधान निकाल ही लेंगे।'  रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि क्षेत्र से इतर किसी भी ताकत को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिये।


लद्दाख में आमने-सामने आ गईं थी भारत-चीन सेना, दोनों के सैनिक मारे गए थे

उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष पांच मई को पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन की सेनाओं के बीच गतिरोध के हालात बने थे। यह 45 साल में पहली बार था कि गतिरोध के दौरान दोनों पक्षों के सैनिक मारे गए थे। पैंगोंग झील क्षेत्र से सैनिकों को पीछे हटाने के मामले में हालांकि सीमित प्रगति हुई है तथा टकराव के अन्य बिंदुओं पर भी ऐसे ही कदम उठाने के लिए वार्ता में गतिरोध बना हुआ है।

भारत-रूस संबंधों का विश्वास है आधार

रूस और चीन के बीच बढ़ती करीबी तथा इसके भारत-रूस सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में पुतिन ने कहा कि भारत और रूस के बीच संबंध काफी तेजी से और सफलतापूर्वक बढ़ रहे हैं और इन संबंधों का आधार 'विश्वास' है।

उन्होंने कहा, 'हमारे भारतीय मित्रों के साथ इस उच्च स्तर के सहयोग की हम अत्यंत सराहना करते हैं। ये संबंध रणनीतिक प्रकृति के हैं। हमारे बीच अर्थव्यवस्था से लेकर ऊर्जा, उच्च प्रौद्योगिकी तक कई क्षेत्रों में व्यापक सहयोग है। जहां तक रक्षा क्षेत्र की बात है, उससे मेरा मतलब सिर्फ रूसी हथियारों की खरीद से नहीं है। भारत के साथ हमारे बहुत गहरे और मजबूत संबंध हैं, जिनका आधार विश्वास है।'

दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग
पुतिन ने जोर देकर कहा कि भारत और रूस विशेष रूप से भारत में ही अत्याधुनिक हथियार प्रणाली और प्रौद्योगिकियों के उत्पादन के लिए मिलकर काम कर रहे हैं और इस लिहाज से भारत, रूस का इकलौता ऐसा साझेदार है। उन्होंने कहा कि लेकिन हमारा सहयोग केवल यहीं तक सीमित नहीं है बल्कि यह बहुआयामी है।

पुतिन ने कई देशों की समाचार एजेंसियों के शीर्ष संपादकों से की बात
अमेरिका, भारत, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस समेत विश्व की कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसियों के चुनिंदा शीर्ष संपादकों के साथ बातचीत में रूसी राष्ट्रपति ने विभिन्न विषयों पर प्रश्नों के उत्तर दिए जिनमें रूस-अमेरिका संबंध, महामारी के हालात, रूस के विरूद्ध अमेरिकी पाबंदियां और गाजा जैसे विषय शामिल थे।


 

रूसी विदेश मंत्री ने क्वाड को बताया था-'एशियाई नाटो'

रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव द्वारा क्वाड की 'एशियाई नाटो' कहकर आलोचना करने के बारे में तथा इस समूह में भारत की भागीदारी पर राय के बारे में पूछने पर पुतिन ने कहा, 'हम क्वाड में शामिल नहीं हो रहे हैं और किसी अन्य देश के किसी भी पहल में शामिल होने पर मूल्यांकन करने का काम मेरा नहीं है, हर एक संप्रभु राष्ट्र को यह निर्णय लेने का अधिकार है कि वे किसके साथ और किस हद तक अपने संबंधों को बढ़ाना चाहता है। मेरा सिर्फ इतना ही मानना है कि देशों के बीच कोई भी साझेदारी करने का उद्देश्य किसी अन्य राष्ट्र के खिलाफ लामबंदी नहीं होनी चाहिए, बिलकुल भी नहीं।' 

16 जून को प्रस्तावित है बाइडन के साथ पुतिन की शिखर वार्ता

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन के साथ 16 जून को प्रस्तावित अपनी पहली शिखर-वार्ता से पूर्व रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि वह इसमें किसी बड़ी सफलता की उम्मीद नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा, 'हम पहले कदम नहीं उठा रहे हैं। मैं उन कदमों की बात कर रहा हूं, जिनसे हमारे संबंध बिगड़े। हमने अमेरिका के खिलाफ पाबंदियां नहीं लगाईं, अमेरिका ने ही हर मौके पर ऐसा किया और वह भी बिना किसी आधार के किया।'

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed