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खुलासा: हैकिंग अभियान चला पासवर्ड हासिल कर रही रूसी सेना
Sat, 03 Jul 2021 02:24 AM IST
Jeet Kumar
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस, वाशिंगटन।
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 03 Jul 2021 02:24 AM IST
सार
रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी से जुड़े हैकरों ने मूल रूप से गूगल द्वारा विकसित ‘कूबरनेट्ज’ नामक सॉफ्टवेयर की मदद से घुसपैठ की कोशिश की है
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सांकेतिक तस्वीर....
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रूसी सेना के हैकर्स अमेरिका, यूरोपीय सरकार और सैन्य एजेंसियों समेत दुनिया भर के सैकड़ों संगठनों के भीतर संवेदनशील काम में जुटे लोगों के पासवर्ड हासिल कर रहे हैं। इसके लिए वे बाकायदा अभियान चला रहे हैं।
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यह खुलासा अमेरिका और ब्रिटिश राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों ने किया। साथ ही बताया कि किन निष्ठुर तरीकों से रूसी खुफिया विभाग इन संगठनों की क्लाउड सेवाओं में घुसपैठ कर रहा है।
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अधिकारियों ने कहा कि इसी प्रयास में रूसी सैन्य हैकरों ने दुनिया भर के राजनीतिक दलों, सरकारी दफ्तरों, रक्षा ठेकेदारों, ऊर्जा कंपनियों, थिंक टैंक, कानून फर्मों, मीडिया आउटलेट्स और विश्वविद्यालयों को भी निशाना बनाया। अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी ने एक परामर्श में रूसी सैन्य खुफिया एजेंसी (जीआरयू) से जुड़े साइबर हमलों का विवरण भी दिया है।
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इसके मुताबिक, जीआरयू से जुड़े हैकरों ने मूल रूप से गूगल द्वारा विकसित ‘कूबरनेट्ज’ नामक सॉफ्टवेयर की मदद से घुसपैठ की कोशिश की है।
अमेरिकी गृह सुरक्षा और ब्रिटिश सीसीएचक्यू ने संयुक्त रूप से बताया कि पासवर्ड-हैकिंग अभियान में दुनिया के प्रमुख संगठनों से जुड़े लोगों के पासवर्ड की हैकिंग शामिल है, 2019 के मध्य में शुरू हुआ और यह अब भी जारी है। अमेरिका 2016 और 2020 में रूस पर चुनावी गड़बड़ी पैदा करने के आरोप लगाता रहा है।
इस तरह किया जाता है हमला
पासवर्ड तोड़ने का यह अभियान साइबरस्पेस में अन्य रूसी परिचालनों से अलग है। इस अभियान में सोलरविंड्स जैसी तकनीकी शामिल है जो रूस की विदेशी खुफिया सेवा, एसवीआर द्वारा की गई है। इसमें यूजर पासवर्ड पर सीधा हमला नहीं किया जाता बल्कि भरोसेमंद सॉफ्टवेयर में गुप्त रूप से एम्बेडेड दुर्भावनापूर्ण कोड देकर गड़बड़ी की जाती है।
इस हैकिंग में पता नहीं चलता कि यूजर हमले का शिकार हो चुका है। हमलावरों ने अपने हमलों के स्रोत को वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क के पीछे से लॉन्च करके और टोर जैसी ट्रैफिक-अनाम सेवाओं के माध्यम से उन्हें रूट करके छिपाने की कोशिश की।
सर्वोत्तम प्रयास भी जासूसी नहीं रोक सकते
मैडिएंट थ्रेट इंटेलिजेंस विश्लेषण के वीपी जॉन हॉल्टक्विस्ट ने बताया कि इस तरह की घटनाएं जरूरी नहीं कि हैकिंग या लीक अभियानों को सार्वजनिक रूप से चलाएं। बल्कि यह उनका राजनयिकों, सेना और रक्षा उद्योग के खिलाफ नियमित संग्रह है। हम अपने सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद मॉस्को को जासूसी करने से कभी भी रोकने की संभावना नहीं रखते।
पिछले सितंबर में माइक्रोसॉफ्ट ने दी थी जानकारी
रूसी अभियान का एक हाई-प्रोफाइल उदाहरण पिछले सितंबर में सामने आया जब माइक्रोसॉफ्ट ने कहा था कि उसे करीब 200 संगठनों के हजारों खातों से संबंधित पासवर्ड पर हमलों की जानकारी मिली है। इनमें से कई अमेरिका और ब्रिटेन के चुनावों से संबंधित थे। उस वक्त माइक्रोसॉफ्ट ने चेताया था कि ये हमले 2020 के चुनावों से पहले एक बड़ा खतरा हैं।