ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों का मुकाबला करेगा रूस, पोम्पियो ने की वैश्विक गठबंधन की मांग
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खाड़ी क्षेत्र में अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव के बीच अब ईरान को रूस का साथ मिला है। एक तरफ अमेरिका जहां ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है दूसरी ओर, रूस तेहरान के साथ मजबूती से खड़ा दिखाई दे रहा है। रूस ने साफ कर दिया कि वह ईरान पर अमेरिका के नए प्रतिबंधों का डटकर मुकाबला करेगा। रूस के उप विदेश मंत्री सर्गेई रेबोकोव ने सोमवार को कहा, मास्को और उसके सहयोगी देश ईरान पर नए प्रतिबंधों से मुकाबला करने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। अगर अमेरिका ईरान पर नए प्रतिबंध लगाता है तो इससे क्षेत्र में तनाव बढ़ेगा।
ट्रंप प्रशासन को प्रतिबंध के बजाय तेहरान के साथ बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए।’ पिछले सप्ताह बृहस्पतिवार को ईरान ने फारस की खाड़ी में अमेरिका के एक जासूसी ड्रोन को मार गिराया था। इसके बाद से दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। यहां तक कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला करने का आदेश देकर वापस ले चुके हैं। इसके बाद ट्रंप ने ईरान पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने की बात कही थी। अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने कहा था कि सोमवार को ईरान के खिलाफ अहम प्रतिबंधों की घोषणा की जाएगी। इस बीच, ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेरेमी हंट ने कहा कि हमारा मानना है कि अमेरिका और ईरान दोनों ही टकराव नहीं चाहते, लेकिन यह उन्हें अनचाहे युद्ध की ओर ले जाएगा।
अमेरिकी प्रतिबंधों का नहीं पड़ेगा असर : ईरान
इस बीच, ईरान ने कहा कि अमेरिका के नए प्रतिबंधों का इस्लामिक गणराज्य के ऊपर कोई असर नहीं पड़ेगा। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अब्बास मूसावी ने कहा, ‘हम नहीं जानते कि नए प्रतिबंध क्या होंगे और इससे अमेरिका क्या हासिल कर लेगा। प्रतिबंधों का क्या असर पड़ेगा, हमें इसकी चिंता नहीं है। क्या में अमेरिका ने पिछले 40 साल में कोई ऐसा प्रतिबंध छोड़ा है और जो अब वह ईरान के ऊपर लगाना चाहता है। हमें नए प्रतिबंधों की कतई चिंता नहीं है।'
ईरान के खिलाफ वैश्विक गठबंधन की जरूरत : पोम्पियो
अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर सऊदी अरब पहुंचे। ड्रोन गिराए जाने के बाद ईरान के साथ जारी तनाव के बीच अमेरिकी मंत्री का मित्र देश सऊदी अरब का यह दौरा महत्वपूर्ण है। पोम्पियो ने सऊदी के किंग सलमान और सत्ता का अहम केंद्र माने जाने वाले मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में ईरान की ओर से खड़ी की गई चुनौतियों को से निपटने के लिए न सिर्फ खाड़ी देश बल्कि एशिया और यूरोपीय देशों को भी मिलकर काम करना होगा। पोम्पियो ने कहा सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) खाड़ी में अमेरिका के सच्चे और मजबूत सहयोगी देश हैं, जो हर मुश्किल में अमेरिका के साथ खड़े रहेंगे। सऊदी के बाद पोम्पियो यूएई पहुंचे।
पोम्पियो के सऊदी दौरे से पहले हूती का हमला
पोम्पियो के सऊदी अरब दौर से ठीक पहले ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को एक नागरिक एयरपोर्ट पर हमला कर दिया। इसमें सीरिया के एक नागरिक की मौत हो गई, जबकि भारतीय समेत 21 अन्य घायल हुए हैं। सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन ने यह जानकारी नहीं दी कि आभा एयरपोर्ट पर हमला कैसे हुआ। हूती विद्रोहियों ने इस महीने बार-बार ड्रोन और मिसाइलों से नागरिक सुविधा केंद्रों को निशाना बनाया है। इससे पहले विद्रोहियों के अल-मसीरा टीवी ने बताया कि उन्होंने सऊदी अरब के दक्षिण में आभा और जीजान एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया था। सैन्य गठबंधन ने जीजान एयरपोर्ट पर हमले की पुष्टि नहीं की है।