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रूस : राष्ट्रपति पुतिन ने कहा, अफगानिस्तान को तोड़ने में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं
Sat, 04 Sep 2021 07:28 AM IST
Kuldeep Singh
एजेंसी, मॉस्को
एजेंसी, मॉस्को
Published by: Kuldeep Singh
Updated Sat, 04 Sep 2021 07:28 AM IST
सार
- राष्ट्रपति पुतिन ने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में कहा, तालिबान पहले सभ्य समाज में शामिल हो, ताकि उनसे आसानी से बात की जा सके
- तालिबान में पश्तून आदिवासियों का समूह है, जबकि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट सहित तमाम कट्टरपंथी समूह हैं मौजूद
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व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : Social media
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विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा, अफगानिस्तान के विघटन में उनकी कोई दिलचस्पी नहीं है। अगर ऐसा होता भी है तो वहां कोई बात करने वाला भी नहीं है। इससे बेहतर यही है कि तालिबान पहले सभ्य समाज में शामिल हो, ताकि उनसे आसानी से बात की जा सके, सवाल पूछे जा सकें।
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समाचार एजेंसी स्पूतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम की बैठक में कहा, तालिबान असल में पश्तून आदिवासियों का समूह है, जबकि अफगानिस्तान में इस्लामिक स्टेट सहित तमाम कट्टरपंथी समूह मौजूद हैं। ऐसे में वहां कोई एक इस तरह का समूह नहीं जिससे किसी मसले पर बातचीत कर ठोस नतीजे निकाले जा सकें।
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बहरहाल, मोटे तौर पर इतना साफ है कि रूस तालिबान के खिलाफ नहीं है और अफगानिस्तान में तालिबानी सरकार का विरोध नहीं करेगा। हालांकि, पहले रूस और चीन ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में तालिबान के संदर्भ में पारित एक प्रस्ताव पर मतदान में भाग नहीं लेकर तालिबान को लेकर अमेरिका और पश्चिमी देशों से दूरी बनाई थी।
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मान्यता नहीं, साथ देगा ब्रिटेन
ब्रिटेन के विदेश सचिव डोमिनिक राब ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिटेन तालिबान सरकारी को मान्यता नहीं देगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि तालिबान के सहयोग के बिना काबुल से करीब 15,000 लोगों को निकालना संभव नहीं था।
ऐसे में हम तालिबान से सीधे बातचीत और संबंध बनाए रखने के महत्व को समझते हैं। दो दिन के दौरे पर पाकिस्तान पहुंचे राब ने शुक्रवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी से अफगानिस्तान पर चर्चा की। राब प्रधानमंत्री इमरान खान व पाक सेना प्रमुख कमर जावेद बाजवा से भी मिले।
ब्रिटेन ने शुरू की द्विपक्षीय राजनयिक चर्चा
राब अफगानिस्तान के आस-पास के देशों का दौरा कर रहे हैं। पाकिस्तान पहुंचने से पहले राब ने दोहा में कतर के विदेश मंत्री से मुलाकात की थी। दोहा में ही ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन के विशेष प्रतिनिधि सिमॉन गास ने वरिष्ठ तालिबानी नेता मोहम्मद अब्बास स्टेनकजई से मुलाकात की।