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Russia: 'चौतरफा दबाव बेअसर, रूस यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था'; उद्यमियों के साथ बैठक में राष्ट्रपति पुतिन

Fri, 12 Jan 2024 05:00 PM IST
ज्योति भास्कर वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को Published by: ज्योति भास्कर Updated Fri, 12 Jan 2024 05:00 PM IST
सार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दावा है कि उनका देश यूरोप की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यूक्रेन के साथ युद्ध के करीब 23 महीने हो चुके हैं। इसी बीच उद्यमियों के साथ एक बैठक में पुतिन ने कहा कि रूस यूरोप में सबसे बड़ी, जबकि दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी है।

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Russia Largest Economy In Europe President Vladimir Putin Says Pressure From Every Side
रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन (फाइल) - फोटो : ANI

विस्तार

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा है कि रूस दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी है। उन्होंने कहा कि दुनियाभर से चौतरफा दबाव के बावजूद यूरोपीय देशों के बीच रूस सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। उन्होंने उद्यमियों के साथ एक बैठक के दौरान देश की अर्थव्यवस्था को लेकर कई अहम बातें कही। रूसी मीडिया आउटलेट टीएएसएस के मुताबिक पुतिन ने कहा कि क्रय शक्ति समानता (purchasing power parity) के मामले में रूस दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा देश है।
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उद्यमियों के साथ बैठक में बोले राष्ट्रपति पुतिन
उन्होंने कहा कि रूस पूरे यूरोपीय महाद्वीप में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। रूस के सुदूर पूर्वी इलाके में काम करने वाले उद्यमियों के साथ एक बैठक में पुतिन ने कहा, हर तरफ से हमारा गला घोंटा जा रहा है। दबाव डाला जा रहा है। अब हम जर्मनी को पीछे छोड़कर यूरोप में सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। 
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रूस से आगे किन देशों की इकोनॉमी
पुतिन ने कहा कि देश में प्रति व्यक्ति संकेतक को सुधारने के लिए अभी भी बहुत कड़ी मेहनत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जर्मनी को पीछे छोड़कर रूस पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। क्रय शक्ति समानता के आधार पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की गणना करने पर रूस के आगे केवल चीन, अमेरिका, भारत और जापान हैं। 
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23 महीने से हो रही लड़ाई; रूस के सामने कई चुनौतियां
सीएनएन की रिपोर्ट के मुताबिक पुतिन ने की टिप्पणी यूक्रेन के साथ हो रहे युद्ध के बीच आई है। फरवरी, 2022 में शुरू हुई लड़ाई के 23 महीने बीत चुके हैं। रिपोर्ट के मुताबिक रूस अपने केंद्रीय बैंक की तरफ से रखे गए विदेशी मुद्रा भंडार को हासिल करने में संघर्ष कर रहा है। पश्चिमी देशों की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों के कारण रूस को आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। बैंक ने इस पैसे पर रोक लगा रखी है।

रूबल के मूल्य में 30 फीसदी से अधिक गिरावट
बैंक के मुताबिक युद्ध के कारण 2023 में रूस मुद्रा- रूबल का अधिशेष तेजी से नीचे गिरा। रूबल के मूल्य में 30 फीसदी से अधिक गिरावट आई। पुतिन ने इससे पहले अमेरिका और दूसरे पश्चिमी देशों पर परोक्ष हमला बोला था। पिछले साल अक्तूबर में जारी एक बयान के मुताबिक रूसी अर्थव्यवस्था ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों का डटकर सामने किया है। मॉस्को को ऐसी कार्रवाई का डर नहीं है।


कई साल तक बने रहेंगे प्रतिबंध
रूस के मुताबिक पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बाद उसकी घरेलू अर्थव्यवस्था और औद्योगिक उत्पादन को 'बढ़ावा' मिला है। लगभग दो साल पहले युद्ध की शुरुआत के बाद यूरोपीय संघ ने यूरोप पर व्यापक प्रतिबंध लगाए। अब तक 11 प्रतिबंध लगाए गए हैं। अल-जजीरा की खबर के मुताबिक यूरोपीय संघ के अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि प्रतिबंध कई साल तक जारी रह सकते हैं।
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