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SCO: एससीओ में रूस का सदस्यों की सुरक्षा पर जोर, चीन ने ध्रुवीकरण के खिलाफ आह्वान किया

Fri, 05 Jul 2024 05:27 AM IST
विशांत श्रीवास्तव अमर उजाला, न्यूज डेस्क, अस्ताना
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, अस्ताना Published by: विशांत श्रीवास्तव Updated Fri, 05 Jul 2024 05:27 AM IST
सार

सुरक्षा समूह का शिखर सम्मेलन कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में आयोजित किया गया। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई।

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Russia emphasizes on security of members in SCO, China calls against polarization
पुतिन और जिनपिंग (फाइल) - फोटो : एएनआई

विस्तार

दुनिया में पश्चिमी गठबंधनों से मुकाबले के लिए बने सुरक्षा समूह के शिखर सम्मेलन में कजाखस्तान की राजधानी अस्ताना में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात हुई। पुतिन ने जहां अपने सदस्यों की सुरक्षा के लिए समूह के फोकस पर जोर दिया वहीं शी जिनपिंग ने एससीओ सदस्यों से दखल और ध्रुवीकरण की वास्तविक चुनौतियों के खिलाफ एकजुटता का आह्वान किया।

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शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की वार्षिक बैठक में पुतिन और जिनपिंग अन्य सदस्य देशों के नेताओं के साथ शामिल हुए। पुतिन ने सदस्यों से कहा, एससीओ एक समर्पित केंद्र बनाएगा जो विभिन्न सुरक्षा चुनौतियों पर प्रतिक्रिया का समन्वय करेगा। समूह के सदस्य अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ाई का भी समर्थन करेंगे। उधर, शी जिनपिंग ने कहा, शीत युद्ध की मानसिकता के वास्तविक खतरे का सामना करते हुए, हमें सुरक्षा की निचली रेखा की रक्षा करनी होगी। बैठक में मेजबान कजाखस्तान के राष्ट्रपति कासिम-जोमार्ट टोकायेव के अलावा पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ, उज्बेकिस्तानी राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव, बेलारूस के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली राखमोन व किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदिर झापारोव भी शामिल थे। भारत ने पीएम नरेंद्र मोदी की जगह विदेश मंत्री जयशंकर को यहां भेजा है। 

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शहबाज शरीफ ने आतंकवाद पर चिंता जताई
पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ ने एससीओ सदस्य देशों के लिए प्रमुख चिंता के रूप में आतंकवाद के मुद्दे को उठाया और अफगानिस्तान में तालिबान सरकार के साथ सार्थक जुड़ाव का आह्वान किया। उन्होंने कहा, अफगानिस्तान में स्थायी शांति प्राप्त करना इस सामान्य उद्देश्य की कुंजी है। पाकिस्तान इसी साल अक्तूबर में एससीओ बैठक आयोजित करेगा। पश्चिमी देशों द्वारा रूस को अलग-थलग करने के प्रयासों पर पुतिन पुराने रुख पर कायम रहे। उन्होंने कहा कि यूक्रेन यदि मॉस्को नियंत्रित चार क्षेत्रों से अपने सैनिक लौटा लेता है और नाटो में शामिल होने की जिद छोड़ता है तो शत्रुता खत्म हो सकती है।
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रूसी तेल-गैस के लिए चीनी भूमिका अहम
रूसी राष्ट्रपति ने बीजिंग के राजनीतिक समर्थन और रूसी तेल-गैस के लिए शीर्ष बाजार के रूप में चीन की अहम भूमिका का जिक्र किया। रूस ने अपनी सैन्य मशीन को चालू रखने के लिए उच्च तकनीक आयात के मुख्य स्रोत के रूप में बीजिंग पर भरोसा जताया।


बेलारूस एससीओ में शामिल
क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए इस एससीओ समूह की स्थापना 2001 में चीन, रूस और चार पूर्व-सोवियत मध्य एशियाई देशों कजाखस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। बाद में इसमें भारत, पाकिस्तान और ईरान भी शामिल हो गए। रूस का पश्चिमी पड़ोसी और सहयोगी बेलारूस बृहस्पतिवार को एससीओ में शामिल हो गया। पर्यवेक्षक देशों व संवाद भागीदारों में तुर्किये, सऊदी अरब और मिस्र शामिल हैं।

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