{"_id":"66fc770808020b78740082d3","slug":"russia-condemns-us-approach-in-middle-east-after-iran-missile-attacks-on-israel-2024-10-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"West Asia Unrest: 'मध्य पूर्व में पूरी तरह विफल रहा बाइडन प्रशासन', इस्राइल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद रूस","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
West Asia Unrest: 'मध्य पूर्व में पूरी तरह विफल रहा बाइडन प्रशासन', इस्राइल पर ईरान के मिसाइल हमलों के बाद रूस
Wed, 02 Oct 2024 03:56 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, मॉस्को
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 02 Oct 2024 03:56 AM IST
सार
मारिया जखारोवा ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, 'मध्य पूर्व में बाइडन प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। एक खूनी संघर्ष जो केवल गति पकड़ रहा है। व्हाइट हाउस के समझ से बाहर के बयान संकटों को हल करने में उसकी पूरी असहायता को दर्शाते हैं।'
विज्ञापन
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : एएनआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रूस ने इस्राइल पर ईरान के बड़े मिसाइल हमले के बाद मध्य पूर्व में अमेरिका के दृष्टिकोण की निंदा की है और इसे अमेरिका की पूर्ण विफलता करार दिया है। रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने संकटों को हल करने में व्हाइट हाउस की असमर्थता की ओर इशारा करते हुए टेलीग्राम पर यह भावना व्यक्त की।
विज्ञापन
जखारोवा ने टेलीग्राम पर एक पोस्ट में कहा, 'मध्य पूर्व में बाइडन प्रशासन पूरी तरह विफल रहा। एक खूनी संघर्ष जो केवल गति पकड़ रहा है। व्हाइट हाउस के समझ से बाहर के बयान संकटों को हल करने में उसकी पूरी असहायता को दर्शाते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन
ईरान ने इस्राइल पर लगभग 200 बैलिस्टिक मिसाइलें लॉन्च की हैं। इस्राइल रक्षा बल (आईडीएफ) के मुताबिक, उनके देश की सीमा के भीतर ड्रोन हमले किए गए। वहीं ईरान की समाचार एजेंसी आईआरएनए ने दावा किया कि बैलिस्टिक मिसाइलों से इस्राइली ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस बीच, अमेरिका और ब्रिटेन ने इस्राइल का समर्थन करने का एलान किया। आईडीएफ के मुताबिक, इस्राइली सीमा की रक्षा के लिए सेना मुस्तैद है। हाल ही में इस्राइल ने सीरिया में ईरान के वाणिज्य दूतावास के हिस्से को निशाना बनाया था। जिसके बाद इसे ईरान की ओर से जवाबी कार्रवाई माना जा रहा है।
इस संकट के बाद, अमेरिकी प्रशासन की रणनीति पर सवाल उठाए जा रहे हैं। आलोचकों का तर्क है कि बाइडन प्रशासन की रणनीति शुरू से ही गलत थी, जिसमें ईरान को रोकने पर बहुत अधिक ध्यान केंद्रित किया गया है। जबकि, इस्राइल को तनाव बढ़ाने की अनुमति दी गई है। इस दृष्टिकोण ने प्रतिशोध के एक खतरनाक चक्र को जन्म दिया है और इस क्षेत्र को युद्ध के कगार पर ला दिया है।