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United Nations : यूएन में भारत की पहली स्थायी महिला दूत रुचिरा कंबोज ने संभाला कार्यभार, भूटान में थीं तैनात
Wed, 03 Aug 2022 01:24 AM IST
Jeet Kumar
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
पीटीआई, संयुक्त राष्ट्र
Published by: Jeet Kumar
Updated Wed, 03 Aug 2022 01:24 AM IST
सार
United Nations : राजदूत रुचिरा कंबोज संयुक्त राष्ट्र में भारत के मौजूदा स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति की जगह ली है। रुचिरा कंबोज भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की 1987 बैच की अफसर रही हैं।
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रुचिरा कंबोज
- फोटो : ANI
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विस्तार
United Nations : राजदूत रुचिरा कंबोज (Ruchira Kamboj) ने संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। रुचिरा न्यूयॉर्क स्थित संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में भारत की पहली महिला दूत होंगी। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में भारत के मौजूदा स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति की जगह ली है। रुचिरा कंबोज भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) की 1987 बैच की अफसर रही हैं।
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रुचिरा भूटान में भारत की पहली महिला राजदूत थीं
इससे पहले रुचिरा भूटान में भारत की राजदूत की जिम्मेदारी निभार रही थीं। साथ ही कंबोज दक्षिण अफ्रीका में भारत की उच्चायुक्त और यूनेस्को में भारत की राजदूत/स्थायी प्रतिनिधि के तौर पर काम कर चुकी हैं। रुचिरा भूटान में भारत की पहली महिला राजदूत थीं।
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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत का कार्यकाल इस साल दिसंबर में समाप्त होगा जब देश इस महीने के लिए शक्तिशाली संयुक्त राष्ट्र संघ के अध्यक्ष के रूप में भी अध्यक्षता करेगा। कंबोज ने इससे पहले 2002-2005 तक न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र (United Nations) में भारत के स्थायी मिशन में काउंसलर के रूप में भी काम किया था।
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ट्वीट कर जताया आभार
कंबोज ने सोमवार को ट्वीट किया था कि संयुक्त राष्ट्र में भारत की नामित स्थायी प्रतिनिधि के रूप में अभी-अभी न्यूयॉर्क पहुंची हूं। सुरक्षा परिषद में आज अपने सभी सहयोगी राजदूतों से मिलकर बहुत अच्छा लगा। इस नए पद के जरिये अपने देश की सेवा करना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।
कंबोज के पूर्ववर्ती राजदूत टीएस तिरुमूर्ति ने उनके ट्वीट का जवाब देते हुए लिखा था कि बधाई और आपकी सफलता के लिए शुभकामनाएं रुचिरा!
1987 सिविल सेवा बैच की महिला टॉपर थीं कांबोज
रुचिरा कंबोज 1987 सिविल सेवा बैच भारतीय महिला टॉपर थीं और उस वर्ष के विदेश सेवा बैच की टॉपर थीं। उन्होंने पेरिस में अपनी राजनयिक यात्रा शुरू की, जहां उन्हें 1989-1991 तक फ्रांस में भारतीय दूतावास में तीसरे सचिव के रूप में तैनात किया गया था।
इसके बाद वे पेरिस से वह दिल्ली लौटीं, जहां उन्होंने 1991 से 1996 तक विदेश मंत्रालय के यूरोप वेस्ट डिवीजन में अवर सचिव के रूप में काम किया। 1996-1999 तक, उन्होंने मॉरीशस में प्रथम सचिव (आर्थिक और वाणिज्यिक) के रूप में कार्य किया।
संयुक्त राष्ट्र में तैनात महिलाओं के समूह में शामिल हुईं
रुचिरा कंबोज संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत लिंडा थॉमस-ग्रीनफील्ड, ब्रिटेन के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत बारबरा वुडवर्ड, नॉर्वे की राजदूत और न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि मोना जुल, यूएई की राजदूत लाना जकी नुसीबेह सहित परिषद में तैनात महिला राजदूतों के समूह में शामिल हुईं हैं।
विजयलक्ष्मी पंडित थीं संयुक्त राष्ट्र महासभा की पहली महिला अध्यक्ष
उत्तर प्रदेश के इलाहाबाद में मोतीलाल नेहरू के परिवार में 18 अगस्त, 1900 को जन्मी विजयलक्ष्मी पंडित ने 1946 से 1968 के बीच संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। 1953 में उन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा का अध्यक्ष चुना गया। इस पद पर आसीन होने वाली वह दुनिया की पहली महिला थीं।