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Russia-Ukraine Conflict: 'रूस-यूक्रेन शांति प्रयासों को छोड़ देगा अमेरिका', जानें ऐसा क्यों बोले मार्को रुबियो

Fri, 18 Apr 2025 09:48 PM IST
पवन पांडेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, पेरिस Published by: पवन पांडेय Updated Fri, 18 Apr 2025 09:48 PM IST
सार

Russia-Ukraine Conflict: यूक्रेन-रूस युद्ध इस समय काफी नाजुक मोड़ पर खड़ा है। एक ओर अमेरिका और उसके सहयोगी देश शांति की कोशिश कर रहे हैं, तो दूसरी ओर जमीनी स्तर पर संघर्ष और मौतें जारी हैं। वहीं इसे लेकर अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा कि- यदि कुछ दिनों में कोई प्रगति नहीं हुई तो अमेरिका यूक्रेन-रूस शांति प्रयासों को छोड़ देगा

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Rubio says US will drop Ukraine-Russia peace efforts if no progress within days, News in Hindi
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो - फोटो : X / @SecRubio

विस्तार

अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शुक्रवार को कहा कि अगर आने वाले कुछ दिनों में रूस और यूक्रेन के बीच शांति वार्ता में कोई ठोस प्रगति नहीं होती है, तो अमेरिका इस प्रयास से पीछे हट सकता है। मार्को रुबियो फिलहाल पेरिस में हैं, जहां अमेरिका, यूक्रेन और यूरोपीय देशों के बीच हुई महत्वपूर्ण बातचीत में शांति की ओर कुछ उम्मीदें दिखाई दीं। अब अगले सप्ताह लंदन में एक और बैठक प्रस्तावित है, जो इस दिशा में निर्णायक हो सकती है।
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'अगर शांति संभव नहीं, तो हम आगे बढ़ेंगे'
मार्को रुबियो ने कहा, 'अब हम उस मोड़ पर आ चुके हैं जहां हमें तय करना होगा कि शांति समझौता संभव है या नहीं। अगर नहीं है, तो हम पीछे हटेंगे। यह हमारा युद्ध नहीं है, हमारे और भी कई जरूरी मुद्दे हैं।' उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका आने वाले कुछ दिनों में इस पर अंतिम फैसला करेगा।
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ट्रंप सरकार का रुख और खनिज समझौता
हालांकि अमेरिका और यूक्रेन के बीच एक खनिज समझौते पर भी चर्चा हुई है, जिसे डोनाल्ड ट्रंप काफी समय से आगे बढ़ाना चाह रहे थे। माना जा रहा है कि यह समझौता अमेरिका को यूक्रेन के विशाल खनिज संसाधनों तक पहुंच देगा और बदले में अमेरिका की तरफ से दिए गए सैन्य समर्थन की भरपाई हो सकेगी। यूक्रेन की अर्थव्यवस्था मंत्री यूलिया स्विरीडेंको ने कहा कि अमेरिका के साथ एक आशय ज्ञापन (memorandum of intent) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, और जल्द ही एक बड़ा समझौता हो सकता है। वहीं अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने रोम में कहा कि उन्हें शांति वार्ता को लेकर उम्मीद है। 'हमारे पास बताने के लिए कुछ सकारात्मक बातें हैं, हालांकि वे निजी हैं'।

रूस ने भी दी प्रतिक्रिया
रूस की ओर से भी बयान आया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि अमेरिका और रूस के बीच काफी जटिल बातचीत चल रही है। उन्होंने माना कि फिलहाल ट्रंप और पुतिन के बीच सीधी बातचीत की कोई योजना नहीं है। पेस्कोव ने यह भी कहा कि अमेरिका की पहल पर पिछले महीने जिस 30 दिनों के संघर्षविराम पर रूस और यूक्रेन ने सैद्धांतिक रूप से सहमति जताई थी, वह अब खत्म हो चुका है। 

पेरिस वार्ता में यूरोपीय सहयोग
मार्को रुबियो ने यह भी कहा कि हाल ही में यूरोप के देश- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने वार्ता में सकारात्मक भूमिका निभाई है। उन्होंने माना कि यूरोपीय सहयोग से वार्ता में कुछ आगे बढ़ा जा सका। हालांकि यूरोपीय देशों में ट्रंप के रूस के प्रति झुकाव को लेकर चिंता है। यह बैठक ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार थी जब अमेरिकी, यूक्रेनी और यूरोपीय अधिकारी एक साथ शांति वार्ता के लिए मिले।


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यूक्रेनी शहरों पर हमले जारी
इन सबके बीच यूक्रेन के शहरों पर रूस के हमले जारी हैं। शुक्रवार को खारकीव में क्लस्टर बमों से हमला हुआ, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 98 लोग घायल हुए, जिनमें छह बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, सुमी शहर में एक बेकरी पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई और एक कर्मचारी घायल हुआ। यह हमला ईस्टर से ठीक पहले हुआ, जब दुकान में दर्जनों ईस्टर केक तैयार किए गए थे। इससे पहले 14 अप्रैल को पाम संडे के मौके पर सुमी में मिसाइल हमले में कम से कम 34 लोगों की मौत हो गई थी और 4 अप्रैल को राष्ट्रपति जेलेंस्की के गृह नगर क्रिवी रीह पर हमले में 20 लोग मारे गए थे, जिनमें 9 बच्चे भी थे।

लंदन बैठक पर सभी की निगाहें
अब सबकी नजर अगले सप्ताह लंदन में होने वाली बैठक पर है। अमेरिका स्पष्ट कर चुका है कि अगर वहां कोई प्रगति नहीं होती, तो वह वार्ता से हट सकता है। वहीं रूस भी वार्ता के लिए खुला है, लेकिन उसने कुछ शर्तें रखी हैं, जैसे कि यूक्रेन की सेना में भर्ती बंद हो और पश्चिमी देशों से हथियार मिलना रुके – जिसे यूक्रेन मानने को तैयार नहीं है।

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