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नेपाल: 'फिर खुलेगी 2001 के शाही हत्याकांड की फाइल', दोबारा गृह मंत्री पदभार संभालते ही गुरुंग ने किया एलान
Tue, 09 Jun 2026 10:32 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडू।
Published by: निर्मल कांत
Updated Tue, 09 Jun 2026 10:32 PM IST
सार
नेपाल के नए गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने 2001 के शाही हत्याकांड की फाइल फिर से खोलने की घोषणा की है, जिसमें राजा वीरेंद्र शाह और उनके पूरे परिवार की हत्या हुई थी। उस समय की जांच में युवराज दीपेन्द्र को जिम्मेदार बताया गया था, हालांकि इस निष्कर्ष पर विवाद रहा। पढ़िए रिपोर्ट-
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सुदन गुरुंग
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
नेपाल के नए गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने मंगलवार को घोषणा की कि वह 2001 के शाही हत्याकांड से जुड़ी फाइल को फिर से खोलेंगे, जिसमें तत्कालीन राजा वीरेंद्र शाह के पूरे परिवार की हत्या कर दी गई थी।
पदभार संभालने के बाद गुरुंग ने यह घोषणा की। एक जून 2001 को नेपाल के नारायणहिटी शाही महल में शुक्रवार के रात्रिभोज के दौरान राजा शाह के परिवार के सभी सदस्य मारे गए थे, जिनमें रानी ऐश्वर्या और युवराज दीपेन्द्र शामिल थे।
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एक आधिकारिक जांच आयोग की रिपोर्ट में कहा गया था कि उस समय के युवराज ही इस हत्याकांड के जिम्मेदार थे। रिपोर्ट के अनुसार, शराब के प्रभाव में दीपेन्द्र ने कथित रूप से अपने पिता, माता, भाई, बहन और अन्य परिवार के सदस्यों को गोली मार दी। बाद में खुद को भी मार लिया। कई लोगों ने उस समय इस रिपोर्ट को खारिज किया था।
गुरुंग ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जांच फिर से शुरू करने की घोषणा की। वह पहले कैबिनेट से वित्तीय अनियमितताओं और अवैध संपत्ति के आरोपों के कारण इस्तीफा दे चुके थे। लेकिन सरकार की ओर से गठित जांच समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी, जिससे उनकी फिर से नियुक्ति संभव हुई।
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पदभार संभालने के बाद गुरुंग ने यह घोषणा की। एक जून 2001 को नेपाल के नारायणहिटी शाही महल में शुक्रवार के रात्रिभोज के दौरान राजा शाह के परिवार के सभी सदस्य मारे गए थे, जिनमें रानी ऐश्वर्या और युवराज दीपेन्द्र शामिल थे।
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एक आधिकारिक जांच आयोग की रिपोर्ट में कहा गया था कि उस समय के युवराज ही इस हत्याकांड के जिम्मेदार थे। रिपोर्ट के अनुसार, शराब के प्रभाव में दीपेन्द्र ने कथित रूप से अपने पिता, माता, भाई, बहन और अन्य परिवार के सदस्यों को गोली मार दी। बाद में खुद को भी मार लिया। कई लोगों ने उस समय इस रिपोर्ट को खारिज किया था।
गुरुंग ने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद जांच फिर से शुरू करने की घोषणा की। वह पहले कैबिनेट से वित्तीय अनियमितताओं और अवैध संपत्ति के आरोपों के कारण इस्तीफा दे चुके थे। लेकिन सरकार की ओर से गठित जांच समिति ने उन्हें क्लीन चिट दे दी, जिससे उनकी फिर से नियुक्ति संभव हुई।