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Bangladesh: इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग वाली एक और याचिका दायर, कट्टरपंथी संगठन बताया; विवाद बढ़ा

Wed, 27 Nov 2024 09:54 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका। Published by: निर्मल कांत Updated Wed, 27 Nov 2024 09:54 PM IST
सार

Bangladesh: बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका में इस्कॉन को 'कट्टरपंथी' संगठन करार दिया गया है

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Row erupts after petition demands ban on ISKCON in Bangladesh calling it radical organisation
चिन्मय कृष्ण दास - फोटो : एएनआई

विस्तार

बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच सुप्रीम कोर्ट में एक नई याचिका में इस्कॉन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट के मुताबिक, इस याचिका में इस्कॉन को 'कट्टरपंथी' संगठन करार दिया गया है और आरोप लगाया गया है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करता है और सांप्रदायिक अशांति को बढ़ावा देता है। यह याचिका तब दायर की गई है, जब देश के हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरे चिन्मय कृष्ण दास कि गिरफ्तारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। चिन्मय को देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।  

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यह याचिका सुप्रीम कोर्ट के वकील अल ममुन रसेल की ओर से दायर की गई है, जिसमें 10 अन्य कानूनी पेशेवरों ने उनका समर्थन किया है। याचिका में मांग की गई है कि उस व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए, जो वकील सैफुल इस्लाम की हत्या में शामिल थे। इस याचिका को बांग्लादेश के गृह मंत्रालय, कानून और न्याय मंत्रालय और पुलिस महानिदेशक को भी भेजा गया है। 
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याचिका में इस्कॉन पर आरोप लगाया गया है कि यह बांग्लादेश में कट्टरपंथी संगठन के रूप में काम कर रहा है, जो सांप्रदायिक हिंसा भड़काने और धार्मिक असहिष्णुता को बढ़ावा देने में शामिल है। इसमें इस्कॉन पर आरोप लगाया गया है कि इसके समर्थकों ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद हुए प्रदर्शनों में एक वकील की हत्या की, जो संगठन की 'कानून और व्यवस्था के प्रति खुली अनदेखी' का उदाहरण है। 
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याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि इस्कॉन ने हिंदू समुदायों पर अपने धार्मिक विश्वास को थोपने के लिए जबरन सदस्यों की भर्ती की है और समुदाय के मंदिरों पर कब्जा किया है। इसके अलावा, इस्कॉन पर आरोप लगाया गया है कि उसने मस्जिदों पर हमले किए और 2016 में एक इस्कॉन मंदिर में हथियार पाए गए थे। साथ ही, गोपालगंज में इस्कॉन की शोभायात्रा के दौरान पुलिस वाहनों पर हमलें की घटनाएं भी सामने आई थीं। 

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