प्रकृति की नकल कर रोबोट बसा सकते हैं भविष्य के शहर, मानवीय जोखिम होगा कम
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अध्ययन के मुताबिक रोबोट जो कुछ करते हैं उसका डेटा इकठ्ठा कर सकते हैं और इसके जरिए वे अपने काम में सुधार कर सकते हैं। ब्रिटेन के इंपीरियल कॉलेज लंदन के मिर्को कोवाक ने कहा कि भविष्य के शहरों का निर्माण एवं रख-रखाव जमीन पर काम करने वाले एवं हवा में उड़ सकने वाले रोबोटों के जरिए संभव होगा जो इमारतों के शहरी पारिस्थितिक तंत्र एवं अवसंरचना के निर्माण, आंकलन एवं मरम्मत के लिए साथ काम करेंगे।
कोवाक ने एक बयान में कहा कि प्रकृति से ऐसे कई उदाहरण मिलते हैं कि इस तरह का सामूहिक निर्माण संभव है और इनमें से कुछ विचारों को सहयोग करने वाले ड्रोन बनाने और उनको संचालित करने के लिए लागू कर हम इस सपने को हकीकत में बदल सकते हैं।
टीम ने प्रकृति से ऐसे उदाहरण लिए जहां जीवों के समूह अपने घरौंदे बनाने में साथ काम करने के लिए विभिन्न युक्तियों का इस्तेमाल करते है अनुसंधानकर्ता इस तालमेल के तरीकों का विश्लेषण कर अल्गोरिद्म तैयार कर सकते हैं जिससे रोबोट एवं ड्रोन के समूह, निर्माण कार्य के दौरान स्वत: ही एक साथ काम करें। यह अध्ययन ‘साइंस रोबोटिक्स’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ है।
(इनपुट-भाषा)