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बच्चे बीमार हुए तो स्कूल में रोबोट करेगा पढ़ाई

Sat, 30 Nov 2019 06:09 AM IST
संजीव कुमार झा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: संजीव कुमार झा Updated Sat, 30 Nov 2019 06:09 AM IST
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Robot will study in school if  children ill
robot counting notes - फोटो : sandesh

यदि आपका बच्चा बीमार है और स्कूल नहीं जा पा रहा है तो उसकी जगह वह रोबोट को स्कूल भेजकर पढ़ाई कर सकता है। दिव्यांग या ऐसे छात्र जो लंबी बीमारी के चलते स्कूल नहीं जा सकते हैं उनके के लिए यह काफी कारगर साबित हो सकता है। जापान में एक स्कूल ने ऐसे पायलट प्रोग्राम की शुरूआत की है।

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यह प्रोग्राम टोक्यो के उत्तर में 60 मील दूर टेंबो-हिगाशी में आयोजित किया जा रहा है। ओरी लेबोरेटरी द्वारा विकसित इस रोबोट का नाम ‘ओरी हाइम’ रखा गया है। 31 अक्तूबर के बाद से, टेंबो-हिगाशी स्कूल के सभी बीमार छात्रों को अपना खुद का ‘ओरी हाइम’ सौंपा गया है।
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रोबोट के सिर पर लगे कैमरे से कक्षा का लाइव फीड घर बैठे देखा जा सकता है। क्लास रूम के पूरे क्षेत्र को देखने के लिए छात्र रोबोट के सिर को आसानी से घुमा सकते हैं और रोबोट से कई गतिविधियां भी करवा सकेंगे। सहायक प्राचार्य नोबोरू टाची ने कहा कि रोबोट का संचालन आसान भी है और छात्रों को ऐसा लगता है कि वे वास्तव में कक्षा में बैठे हैं।
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काउंटर टॉप या डेस्क पर रखा जा सकता है रोबोट

यह एक छोटे आकार का रोबोट है, जिसे काउंटर टॉप या डेस्क पर रखा जा सकता है। इसमें दो हाथ जैसे फ्लैप हैं और इसके सिर में एक कैमरा लगा है, जिसे टचस्क्रीन टैबलेट द्वारा कहीं भी दूर से नियंत्रित किया जा सकता है। ‘ओरी हाइम’ में लगे माइक और स्पीकर के जरिए दूर बैठे बच्चे अपने शिक्षकों से बात करने में भी सक्षम होंगे।


 

बीमारी में स्कूल नहीं गए, इसलिए किया आविष्कार

रोबोट बनाने वाली कंपनी के सीईओ केंटारो योशिफुजी ने बताया कि 10-14 साल की उम्र में बीमारी के चलते वह खुद स्कूल नहीं जा पाए थे। उन्होंने इस परिस्थिति से जूझ रहे लोगों की मदद करने के लिए रोबोट का इस्तेमाल करने के लिए शोध करना शुरू किया और सफलता पाई। जापान के कई स्कूल इस पर अब विचार कर रहे हैं।

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