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Pakistan Election: राजनीतिक दल महिलाओं को 5% सीटें आवंटित करने में भी नाकाम, मानवाधिकार संगठन ने जताई नाराजगी
Wed, 07 Feb 2024 02:08 PM IST
आदर्श शर्मा
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला, इस्लामाबाद
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 07 Feb 2024 02:08 PM IST
सार
पाकिस्तान चुनाव में महिलाओं के लिए पांच प्रतिशत सीटें आवंटित करने में पाकिस्तान के तमाम राजनीतिक दल विफल रहे हैं। पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग(एचआरसीपी) ने इसको लेकर नाराजगी जताई है।
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पाकिस्तान चुनाव आयोग।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
पाकिस्तान में आम चुनाव को लेकर हलचल तेज हो गई है। तमाम राजनीति दलों ने अपनी-अपनी जीत का दावा किया है। आम चुनाव के लिए मतदान में महज एक दिन ही बचा है। पाकिस्तान के राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। इसी बीच, पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग ने सामान्य सीटों पर महिलाओं के लिए अपनी पार्टी के कम से कम पांच प्रतिशत उम्मीदवारों को आवंटित करने में राजनीतिक दलों की विफलता पर निराशा जताई है।
पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग(एचआरसीपी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए आम चुनाव के लिए महिलाओं के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता की वकालत की। उन्होंने कहा कि कम से कम एक तिहाई उम्मीदवार महिलाएं हों। गौरतलब है कि एचआरपीसी एक स्वतंत्र अधिकार निकाय है, जो आम चुनाव में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देता है।
'हमारा मकसद चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएं'
एचआरसीपी ने इस मुद्दे के संबंध में पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) से स्पष्टीकरण का अनुरोध करने के इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। इससे चुनाव में महिलाओं उम्मीदवारों की भागीदारी को बल मिलेगा। राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों की अंतिम सूची के प्रकाशन में देरी के बारे में गंभीर चिंता साझा करते हुए संगठन ने कहा कि चुनावी प्रतीकों के आवंटन के लिए उनकी पात्रता के लिए अनुच्छेद 206 का अनुपालन एक कानूनी दायित्व था। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ईसीपी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए, फाउंडेशन ने कहा कि उसे उम्मीद है कि आयोग महिलाओं को पार्टी के 5 प्रतिशत टिकटों का आवंटन सुनिश्चित करेगा।
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ईसीपी ने राजनीतिक दलों से किया था अनुरोध
इससे पहले, पाकिस्तान चुनाव आयोग(ईसीपी) ने राजनीतिक दलों से आगामी आम चुनावों के लिए सामान्य सीटों पर महिलाओं का पांच प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया था। ईसीपी प्रवक्ता ने एक बयान में अधिक समावेशी और प्रतिनिधि लोकतंत्र में योगदान देने के लिए सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।
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पाकिस्तान मानवाधिकार आयोग(एचआरसीपी) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए आम चुनाव के लिए महिलाओं के प्रतिनिधित्व की आवश्यकता की वकालत की। उन्होंने कहा कि कम से कम एक तिहाई उम्मीदवार महिलाएं हों। गौरतलब है कि एचआरपीसी एक स्वतंत्र अधिकार निकाय है, जो आम चुनाव में महिलाओं की भागीदारी पर जोर देता है।
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'हमारा मकसद चुनाव में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाएं'
एचआरसीपी ने इस मुद्दे के संबंध में पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) से स्पष्टीकरण का अनुरोध करने के इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत किया। इससे चुनाव में महिलाओं उम्मीदवारों की भागीदारी को बल मिलेगा। राजनीतिक दलों द्वारा उम्मीदवारों की अंतिम सूची के प्रकाशन में देरी के बारे में गंभीर चिंता साझा करते हुए संगठन ने कहा कि चुनावी प्रतीकों के आवंटन के लिए उनकी पात्रता के लिए अनुच्छेद 206 का अनुपालन एक कानूनी दायित्व था। महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए ईसीपी द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए, फाउंडेशन ने कहा कि उसे उम्मीद है कि आयोग महिलाओं को पार्टी के 5 प्रतिशत टिकटों का आवंटन सुनिश्चित करेगा।
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ईसीपी ने राजनीतिक दलों से किया था अनुरोध
इससे पहले, पाकिस्तान चुनाव आयोग(ईसीपी) ने राजनीतिक दलों से आगामी आम चुनावों के लिए सामान्य सीटों पर महिलाओं का पांच प्रतिशत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया था। ईसीपी प्रवक्ता ने एक बयान में अधिक समावेशी और प्रतिनिधि लोकतंत्र में योगदान देने के लिए सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया।