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यौन गुलामी से भागी महिलाओं को पुरस्कार

Fri, 28 Oct 2016 01:07 PM IST
बीबीसी
बीबीसी Updated Fri, 28 Oct 2016 01:07 PM IST
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women fled from sexual slavery award
- फोटो : BBC

यूरोप का शीर्ष मानवाधिकार सखारोव पुरस्कार इराक की दो यजीदी महिलाओं को दिया गया है, ये महिलाएं तथाकथित इस्लामिक स्टेट (आईएस) की यौन दासता के चंगुल से भाग कर आईं थीं। नादिया मुराद बसी और लामिया अजी-बशर उन हजारों यजीदी लड़कियों में शामिल थीं जिन्हें आईएस ने यौन गुलाम बनाने के लिए 2014 में अगवा कर लिया था।

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लेकिन दोनों बचकर आ गईं और अब यजीदी समुदाय के लिए अभियान चला रही हैं। मुराद का अपहरण सिंजर के पास एक गांव कोचो से हुआ तब वो 19 साल की थीं। आईएस चरमपंथी उन्हें मोसुल ले गए जहां उन पर अत्याचार किए गए और उनका बलात्कार किया गया। वो किसी तरह भागने में कामयाब हो गईं लेकिन उन्होंने अपनी मां और छह भाइयों को सिंजर हत्याकांड में खो दिया।

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लामिया अजी-बशर भी कोचो गांव की ही हैं

women fled from sexual slavery award

लामिया अजी-बशर भी कोचो गांव की ही हैं, जब उनका अपहरण हुआ था वो 16 साल की थीं। 20 महीने बंदी बने रहने के दौरान उन्होंने कई बार भागने की कोशिश की और आखिरकार उन्हें कामयाबी मिल ही गई। ये पुरस्कार सोवियत वैज्ञानिक आंद्रेई सखारोव की स्मृति में हर साल दिया जाता है।

इन दोनों महिलाओं को यूरोपीय संसद के उदारवादी समूह एएलडीई की ओर से नामांकित किया गया था। समूह के नेता गी वरहोफस्टाट ने बताया, ''ये प्रेरणादायी महिलाएं हैं जिन्होंने क्रूरता के खिलाफ अविश्वसनीय साहस और मानवता का प्रदर्शन किया है।''

अगस्त 2014 में उत्तरी इराक के शहर सिंजर पर आईएस के कब्जे के बाद हजारों यजीदियों को अपना घर छोड़कर भागना पड़ा था। हजारों महिलाओं और लड़कियों को युद्ध के बाद लूटे हुए सामान की तरह इस्तेमाल किया गया और आईएस के चरमपंथियों ने सरेआम बाजार में इन्हें बेच दिया था।


 
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