अश्लील कहानियां और अवैध यौन संबंधों की अनोखी दुनिया
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जापान में अश्लील कॉमिक्स और कार्टून्स की बड़ी अहमियत है। इनका एक समृद्ध सांस्कृतिक इतिहास है और ये दुनिया भर में मशहूर भी हैं। यहाँ तक कि कुछ कॉमिक्सों में नाबालिक लड़कियों का अश्लील चित्रण किया जाता है लेकिन इनपर कोई पाबंदी नहीं लगाई जाती ।
बीते रविवार को टोक्यो में कॉमिक्स एवं कार्टून्स की एक प्रदर्शनी में हमने ऐसे कई कॉमिक्स देखे जिनमें अश्लील कंटेंट मौजूद था। एक कॉमिक्स के कवर पर दो टॉपलेस लड़कियों की छवि थी। जो 13-14 साल की मालूम होती हैं और इस कॉमिक्स में कहानी इनके अवैध यौन संबंधों की है।
ऐसी कहानियों वाली कॉमिक्स ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया या फिर कनाडा में गैर कानूनी है, लेकिन जापान में ये कोई मुद्दा नहीं है।
काल्पनिकता या अश्लीलता?
टोक्यो में कार्टून्स प्रदर्शनी के आयोजकों में एक हाइड ने बताया, "सब जानते हैं कि बाल यौन शोषण खराब चीज है लेकिन उस तरह की सोच और वैसी कल्पनाएं यहां प्रतिबंधित नहीं हैं।"
हाइड ने मुझे 'लोलिकॉन' शब्द के बारे में बताया, जो लोलिता कॉम्प्लैक्स पर आधारित है जिसमें एक लड़की कई तरह के यौन शोषणों से गुजरती है। इसमें कैशोर्य रोमांस के अलावा, रेप, यौन संबंधों और अन्य टैबू की बातें शामिल हैं।
हाइड ने बताया, "मुझे यौन संबंधों में लिप्त युवा लड़कियों के चरित्र अच्छे लगते हैं। लोलिकोन मेरी रुचियों में शामिल रहीं हैं।" मैंने उससे पूछा कि इस रुचि पर आपकी पत्नी की क्या प्रतिक्रिया होती है। तो हाइड ने कहा, "उसे कोई समस्या नहीं है, क्योंकि उसे यौन संबंधों में लिप्त लड़कों की कहानियां पसंद है।"
वैसे जापान में कॉमिक्स और कार्टून्स का बाजार करीब 3.60 अरब अमेरिकी डॉलर का है। लेकिन इस पर विवाद भी खूब होते रहे हैं। जून 2014 में जापान की संसद ने बच्चों के अश्लील वास्तविक चित्रों वाली सामग्री रखने पर रोक के लिए प्रस्ताव पारित किया था। ऐसी सामग्रियों का उत्पादन और वितरण 1999 से ही गैरकानूनी है।
सरकार के फैसले की आलोचना
लेकिन जापान में ऐसी अश्लील सामाग्रियों के कॉमिक चित्रण पर पाबंदी नहीं है। इस पर पाबंदी लगाने की काफी मांग जरूर उठी लेकिन जापान की संसद ने इसे पारित नहीं किया।
दुनिया भर के बाल संरक्षण अभियान से जुड़े कार्यकर्ता और गैर सरकारी संगठनों से जुड़े लोगों ने जापान सरकार के इस फैसले की खूब आलोचना भी की है। कई लोग ये मानते हैं कि कॉमिक्स और कार्टून्स की दुनिया काल्पनिक है और इसमें किसी बाल कलाकार का यौन शोषण नहीं होता है। ऐसे में अहम सवाल ये है कि क्या कल्पना और वास्तविकता के बीच अंतर इतना ही स्पष्ट है?
टोक्यो के अकिहाबारा जिला ऐसे कामिक्स और कार्टून्स का गढ़ है जहां मल्टी स्टोरी किताबों की दुकान पर हर तरह की अश्लील कॉमिक्स नजर आ जाएंगे जिनके टाइटिल जूनियर रेप से लेकर टीन्स रेप तक हो सकते हैं।
ऐसी एक दुकान पर मौजूद विक्रेता टोमो ने बताया, "लोग ऐसे कॉमिक्स में यौन संतुष्टि का भाव तलाशते हैं। उन्हें हमेशा नए कॉमिक्स की तलाश होती है।" यही वजह है कि लोगों को चिंता हो रही है कि इस तरह के कॉमिक्स से बाल यौन शोषण के वास्तविक मामले बढ़ सकते हैं।