यूएन असेंबली में क्या होगा अमरीकी एजेंडा?
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अगले सप्ताह दुनियाभर के नेता न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा में शामिल होने के लिए जुटेंगे। ये ओबामा प्रशासन का आखिरी साल है ऐसे में उनकी कोशिश होगी कि कई ऐसे मामले जिन पर वो काम करते रहे हैं उन पर संयुक्त राष्ट्र में सहमति बने। क्या होगा उनका एजेंडा यही जानने के लिए संवाददाता ब्रजेश उपाध्याय ने अमरीकी विदेश विभाग में दक्षिण एशिया मामलों की प्रवक्ता हेलेना व्हाइट से बात की।
व्हाइट ने सवालों के जवाब हिंदी में दिए। हेलेना ने कहा, "सीरिया एक बडा मुद्दा रहेगा। इसके अलावा जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर ज्यादा से ज्यादा देशों को साथ लाने की बात होगी।" उन्होंने कहा, "हमारी कोशिश है कि दुनियाभर में शरणार्थियों को आर्थिक मदद दी जाए। हम चाहेंगे कि दुनियाभर के देश मिलकर आर्थिक मदद में और तीस प्रतिशत का इजाफा करें। दुनियाभर में साढे छह करोड शरणार्थी हैं, हम उनके बच्चों की शिक्षा में भी मदद करना चाहते हैं।"
उन्होंने बताया, "इस साल अमरीका दस हजार सीरियाई शरणार्थियों का स्वागत कर चुके हैं। ये शुरुआती संख्या है, इसमें और इजाफा करने की बात हो रही है।" ट्रंप ने शरणार्थियों से खतरा जाहिर किया है इस सवाल पर हेलेना ने कहा, "कुछ लोगों को इस बात की फिक्र है कि इन शरणार्थियों में कुछ आतंकवादी भी हो सकते हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे
हम इनकी काफी ठोस तरीके से जांच पडताल करते हैं।" अंदाजा लगाया जा रहा है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मेलन में शामिल नहीं होंगे जबकि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ न्यूयॉर्क आएंगे। इस पर हेलेना ने कहा, "जैसे आपको मालूम है विदेश मंत्री अगस्त में ही प्रधानमंत्री मोदी से दिल्ली में मिले थे।
अगले हफ्ते जनरल असेंबली में हमारा अंदाजा है कि दोतरफा मुलाकात में विदेश सचिव जयशंकर से मिलें। अंदाजा है कि प्रधानमंत्री नवाज शरीफ से भी मुलाकात होगी।" अमरीका को भारत से क्या उम्मीदें होंगी इस सवाल पर उन्होंने कहा, "जैसा कि नई दिल्ली में विदेश मंत्री कैरी ने कहा कि अमरीका और भारत जलवायु परिवर्तन पर साथ-साथ हैं।
अमरीका को पूरी उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते को पूरा करने का जो वादा किया है उस पर वो अमल करेंगे।" "अमरीका और भारत दुनिया के बडे-बडे मसलों पर अब साथ हो रहे हैं और इस मामले पर भी हमें भारत से काफी उम्मीदें हैं।"