फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Rest of World ›   US, UK and France presented a proposal against Syria in UN

सीरिया में कैमिकल अटैक के बाद विश्व समुदाय में गुस्सा

Thu, 06 Apr 2017 03:36 AM IST
amarujala.com, Presented By :संदीप भ्ाट्ट
amarujala.com, Presented By :संदीप भ्ाट्ट Updated Thu, 06 Apr 2017 03:36 AM IST
विज्ञापन
US, UK and France presented a proposal against Syria in UN

एजेंसी / बेरूत। सीरिया के इडलिब प्रांत में हुए रासायनिक हमले के बाद विश्व समुदाय ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई है। साथ ही असद सरकार को हटाने के लिए दबाव भी बढ़ा दिया है। इस हमले पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संयुक्त राष्ट्र, ब्रिटेन, तुर्की और इजरायल ने अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। इस बीच यूएन की बैठक में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने सीरिया के खिलाफ एक प्रस्ताव भी पेश किया है। हालांकि रूस ने सीरिया सरकार का बचाव करते हुए इस प्रस्ताव का विरोध कर दिया है। इस बीच सीरिया में हुए रासायनिक हमले में मरने वालों की संख्या 72 पहुंच गई है।

विज्ञापन


रिपोर्टों के अनुसार, रासायनिक हमले के एक दिन बाद भी खान शेखुन में हमले जारी हैं। इससे पहले मंगलवार को किए गए रासायनिक हमलों के लिए ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रपति बशर असद की सरकार को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि असद के संरक्षक रूस और ईरान इन मौतों की नैतिक जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं।
विज्ञापन


वहीं दमिश्क और मॉस्को ने इस हमले में अपनी भूमिका होने से साफ इंकार कर दिया है। रूसी रक्षा मंत्रालय के बयान में कहा गया कि जब सीरियाई हवाई हमले मेें एक विद्रोही शस्त्रागार को ध्वस्त कर दिया तभी रासायनिक गैसों का रिसाव हो गया जो वहां पर रखे गए थे। यूएन में अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस के प्रस्ताव का विरोध करते रूस की विदेश मंत्रालय प्रवक्ता मारिया जोखरोवा ने कहा कि यूएन में पेश किया गया प्रस्ताव पूरी तरह से अस्वीकार्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने इसे सीरिया विरोधी बताते हुए कहा कि यह बिना किसी जांच के निर्णय देने के समान है और हमले के तुरंत बाद दोषी ठहराने की मानसिकता दिखाता है। इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हमले के मद्देनजर बुधवार को एक आपातकालीन बैठक बुलाई जिसमें ब्रसेल्स में ‘कांफ्रेंस ऑन दि फ्यूचर ऑफ सीरिया एंड दि रिजन’ विषय पर चर्चा के लिए 70 देशों के अधिकारी शामिल हुए।

ब्रिटिश विदेश सचिव बोरिस जॉनसन ने कहा कि इस हमले के बाद अभी तक मिले सबूतों के आधार पर मैं कह सकता हूं कि असद शासन ने अंजाम दिया है। असद ने अपने ही लोगों पर जानबूझकर इस प्रतिबंधित हथियार का प्रयोग किया है। 

मृतकों की संख्या 72 पहुंची

US, UK and France presented a proposal against Syria in UN
मंगलवार को खान शेखुन में हुए रासायनिक हमले में मरने वालों की संख्या 72 पहुंच गई है, जिनमें 20 बच्चे और 17 महिलाएं शामिल हैं। इस रासायनिक हमले के बाद लोग घरों और सड़कों पर सांस लेने के लिए तड़पते देखे गए और अस्पताल मरीजों से भर गए।

घटनास्थल से जारी हुए वीडियो में चिकित्सक शवों पर से रासायन हटाने के लिए आग की छड़ों का इस्तेमाल कर रहे थे। सीरियाई डॉक्टरों ने कहा कि ऐसा लगता है कि हवाई हमलों के दौरान टॉक्सिक गैसों के मिश्रण छोड़ गए जिसकी वजह से इतनी अधिक मौतें हुईं और उनका प्रभाव दिख रहा है। 

2013 में भी हुआ था हमला
हमले के बाद की तस्वीरें 2013 की रासायनिक हमलों की याद ताजा कर दे रही हैं जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे। 2013 का रासायनिक हमला सीरिया के छह सालों के संघर्ष में सबसे भयानक था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed